Хуш бар омад ба чаман бо қадаҳи зари наргис
خوش بر آمد به چمن با قدح زر نرگس
Соқиои бода ки дорад сари соғар , наргис !
ساقیا باده که دارد سر ساغر ، نرگس !
Ҷоми зарда ба сабӯҳӣ ки чу наргис ба сабоҳ
جام زرده به صبوحی که چو نرگس به صباح
Рехт дар ҷоми булӯрӣн май асФри наргис
ریخت در جام بلورین می اصفر نرگس
Сараш аз соғар менест замонии холӣ
سرش از ساغر می نیست زمانی خالی
Ҳамаи сайри визр худ кард дарини сари наргис
همه سیر وزر خود کرد دراین سر نرگس
Шамъи ҷамъи тарафи вчшми вчроғ чаман аст
شمع جمع طرف وچشم وچراغ چمن است
Зон чаманро ҳамагии чашм буд бар наргис
زان چمن را همگی چشم بود بر نرگس
Осмонӣаст Тогое ба сари хеш ки кард
آسمانی است توگویی به سر خویش که کرد
Гирди хуршед ба дидори шаш ахтари наргис
گرد خورشید به دیدار شش اختر نرگس
Зон ҳамаи рӯза ба хобаст фурӯи рафтаи сараш
زان همه روزه به خواب است فرو رفته سرش
Ки ҳама шаб наниҳад дида ба ҳам бар наргис
که همه شب ننهد دیده به هم بر نرگس
Бар надорад ба фалаки сари зсри кибри магар
بر ندارد به فلک سر زسر کبر مگر
Гашти мағрури бад-ӣни тоҷи музаввари наргис
گشت مغرور بدین تاج مزور نرگس
Як гул аз сад гул умраш нашукуфтааст чаро
یک گل از صد گل عمرش نشکفته است چرا
Пушт хам кард чу перони Муъаммари нари гас
پشت خم کرد چو پیران معمر نر گس
Рости шакл алифӣ дорад всФрӣ бар сар
راست شکل الفی دارد وصفری بر سر
Шудаи мрғўни бад-ӣни таҳта ӣ ағбри наргис
شده مرغون بدین تخته ی اغبر نرگس
Ъушри оёт чаман шуд ба ҳисобӣ ки намӯд
عشر آیات چمن شد به حسابی که نمود
Нақши сифри волФи асФри вохзри наргис
نقش صفر والف اصفر واخضر نرگس
Гуҳи мисолӣ буд аз чатри Фаридуни лола
گه مثالی بود از چتر فریدون لاله
Гуҳ нишоне диҳад аз тоҷи Сикандари нари гас
گه نشانی دهد از تاج سکندر نر گس
Гўиёи пӯр пашангаст ки бардошта аст
گوییا پور پشنگ است که برداشته است
Басари найзаи кулоҳ аз сари навзари наргис
بسر نیزه کلاه از سر نوذر نرگس
Дида бар фарқи всри афканда зшрмаст ба пеш
دیده بر فرق وسر افکنده زشرم است به پیش
Чун гунаҳи кор дар арсаи маҳшари наргис
چون گنه کار در عرصه محشر نرگس
Субҳ бахшед дурустии зараши андари коғаз
صبح بخشید درستی زرش اندر کاغذ
Сар дар оварад дар он ваҷҳи мҳФри наргис
سر در آورد در آن وجه محفر نرگس
Ҳар дамаши тозаи гулӣ май шкФди пиндорӣ
هر دمش تازه گلی می شکفد پنداری
Рост бар толеъи ман зоди змодри наргис
راست بر طالع من زاد زمادر نرگس
Дошт аз ранҷи сҳри оризае пиндорӣ
داشت از رنج سهر عارضه ای پنداری
Шуд ба ( ( ҳамди аллоҳ ) ) азон ориза , хуштар наргис
شد به ((حمد الله )) ازان عارضه ، خوشتر نرگس
Нақшаш аз тои ски зар чун ҳама шаш ме ояд
نقشش از طا سک زر چون همه شش می آید
Аз чаҳ маънии сети фурӯмонда ба шаш дар наргис
از چه معنی ست فرومانده به شش در نرگس
Сими визрҳои парокандаи даии моҳи хазон
سیم وزر های پراکنده دی ماه خزان
Гўиё дар қалам оварад ба як сари наргис
گوییا در قلم آورد به یک سر نرگس
Ҳаст бар як қадами устода ба як ҷои муқӣм
هست بر یک قدم استاده به یک جای مقیم
Наниҳад як қадам аз ҷои фаротари наргис
ننهد یک قدم از جای فراتر نرگس
Нотавон шуд зҳўои дили вдорди зҳўо
ناتوان شد زهوای دل ودارد زهوا
Рухи зарди вқдми кўжи втни лоғари наргис
رخ زرد وقدم کوژ وتن لاغر نرگس
Яди Байзои въсои вшҷри ахзари нор
ید بیضا وعصا وشجر اخضر نار
Ҳама дар сӯрат худ кард мусаввири наргис
همه در صورت خود کرد مصور نرگس
Рости гӯйӣ ба сари найзаи буруновар даст
راست گویی به سر نیزه برون آور دست
Дидаи душмани дорои Музаффари наргис
دیده دشمن دارای مظفر نرگس
Дӯш гуфтам ғазалӣ дар назари наргиси маст
دوش گفتم غزلی در نظر نرگس مست
Кард бар дидаи саводи ин ғазалтар наргис
کرد بر دیده سواد این غزل تر نرگس
Доштӣ шеваи чашми хуши дилбари наргис
داشتی شیوه چشم خوش دلبر نرگس
Гар шудӣ теғи зани вмсти вдлоўри наргис
گر شدی تیغ زن ومست ودلاور نرگس
Нусхаи чашми сиёҳаш , ки саводии сети сқим
نسخه چشم سیاهش ، که سوادی ست سقیم
Брдгўиӣ ба баёзи варақи зари наргис
بردگویی به بیاض ورق زر نرگس
Дар ҳавои лаби вчшмши ҳаваси хамри вхмор
در هوای لب وچشمش هوس خمر وخمار
Дар димоғи вдл худ кард мухаммири наргис
در دماغ ودل خود کرد مخمر نرگس
Бод чун дар кашадаш домани сунбули зсмн
باد چون در کشدش دامن سنبل زسمن
Субҳ чун бшкФдш бар гули аҳмари наргис
صبح چون بشکفدش بر گل احمر نرگس
Қойилонро чаҳ забонҳо ки буд чун сӯсан
قایلان را چه زبان ها که بود چون سوسن
Нозиронро чаҳ назарҳо ки буд бар наргис
ناظران را چه نظر ها که بود بر نرگس
То ба чашми ту магар боз кунад дидаи хеш
تا به چشم تو مگر باز کند دیده خویش
Бар сари вчшми хуши хеш наад зари наргис
بر سر وچشم خوش خویش نهد زر نرگس
Аз ҳасад чашм надорад ки ба боло нигарад
از حسد چشم ندارد که به بالا نگرد
Бар сари сарви ту то дид ду ъбҳри наргис
بر سر سرو تو تا دید دو عبهر نرگس
Ба хаёли қади вболои ту рӯзии сад бор
به خیال قد وبالای تو روزی صد بار
Сар наад дар қадами сарви вснўбри наргис
سر نهد در قدم سرو وصنوبر نرگس
Олами ҳасани ҷаҳонгири ту хуррами боғии сет
عالم حسن جهانگیر تو خرم باغی ست
Ки дарави лола зира дорад вхнҷри наргис
که درو لاله زره دارد وخنجر نرگس
Чун даҳони ту будгар буд амлҳ , писта
چون دهان تو بود گر بود املح ، پسته
Ҳамчуи чашми ту будгар дбўди аҳўр , наргис
همچو چشم تو بود گر دبود احور ، نرگس
На фалаки рости ҷуз аз зулфи ту бар маи сунбул
نه فلک راست جز از زلف تو بر مه سنبل
На ҷаҳони рости ҷуз аз чашми ту дар хури наргис
نه جهان راست جز از چشم تو در خور نرگس
Ҳалқа ӣ лаъли ту дарҷаст , лбоби гавҳар
حلقه ی لعل تو درج است ، لباب گوهر
Хонаи чашми ту боғии сети саросари наргис
خانه چشم تو باغی ست سراسر نرگس
Ғамзаи итрки камондори туро дид магар
غمزه یترک کماندار تو را دید مگر
Ки бурун кард хаёли калла аз сари наргис
که برون کرد خیال کله از سر نرگس
Ҳар замони чашми ту дар дидаи Яман хубтар аст
هر زمان چشم تو در دیده یمن خوبتر است
Зонк дар об буд тозаи вхўштри наргис
زانک در آب بود تازه وخوشتر نرگس
Соқии маҷлис шоҳаст ки бо соғари зар
ساقی مجلس شاه است که با ساغر زر
Истои дасти ҳамаи рӯзаи баробари наргис
ایستا دست همه روزه برابر نرگس
Шоҳи дилшоди ҷўонбхти ҷаҳонгир ки ҳаст
شاه دلشاد جوانبخت جهانگیر که هست
Карда аз хок дараш дидаи мунаввари наргис
کرده از خاک درش دیده منور نرگس
Онк аз аҳди ифофаш натавонад нагирист
آنک از عهد عفافش نتواند نگریست
Дар изори самани вқомти ъръри наргис
در عذار سمن وقامت عرعر نرگس
Шаб врўзаст ба назораи базмаш чу нуҷум
شب وروز است به نظاره بزمش چو نجوم
Сар фурӯ карда аз ин бар шудаи манзари наргис
سر فرو کرده از این بر شده منظر نرگس
Дар сабӯҳи чаман аз соғари лутф ту кашад
در صبوح چمن از ساغر لطف تو کشد
Гар кашад лолаи сифати доғи мънбри наргис
گر کشد لاله صفت داغ معنبر نرگس
Чашми бозии втриқи адаб онаст , инсоф
چشم بازی وطریق ادب آن است ، انصاف
Ки калла каҷ наниҳад пеши ту дигари наргис
که کله کج ننهد پیش تو دیگر نرگس
Сар дар афканда ба пеш аз варақи гули ҳам шаб
سر در افکنده به پیش از ورق گل هم شب
Сифати халқ хушат мекунад аз бар наргис
صفت خلق خوشت می کند از بر نرگس
То бибандади камари хизмати базми ту чунӣ
تا ببندد کمر خدمت بزم تو چونی
Тарафи заррини камарии сохт зи афсари наргис
طرف زرین کمری ساخت ز افسر نرگس
Гирифтанд сояи абри карамат бар сари хок
گرفتند سایه ابر کرمت بر سر خاک
Ҷузи зару симу зумурради надиҳад бар наргис
جز زر و سیم و زمرد ندهد بر نرگس
Аз зрўи нуқра дўотӣаст мураккаб карда
از زرو نقره دواتی است مرکب کرده
То кунад мадҳи ту бар дидаи муҳаррири наргис
تا کند مدح تو بر دیده محرر نرگس
Чаҳ аҷаб бошад агар чун гул ва булбул гардад
چه عجب باشد اگر چون گل و بلبل گردد
Дар ҳавои чамани базми ту сад пари наргис
در هوای چمن بزم تو صد پر نرگس
Бишкофанд нафаси халқи ту дарии лола
بشکافند نفس خلق تو دری لاله
Бар даманд асари лутфи дрозри наргис
بر دماند اثر لطف درآذر نرگس
Нури рои ту агар наУмияро моя диҳад
نور رای تو اگر نامیه را مایه دهد
Зуҳраи зоҳри сар бар занад аз ҳар наргис
زهره زاهر سر بر زند از هر نرگس
Буи он медиҳад аз иффати зотат ки дигар
بوی آن می دهد از عفت ذاتت که دگر
Бар наёяд пас аз ин ҷуз ки ба чодари наргис
بر نیاید پس از این جز که به چادر نرگس
Чашмаш аз чашма хуршед шавад равшантар
چشمش از چشمه خورشید شود روشنتر
Аз ғубор дар ту гар кашад ағбри наргис
از غبار در تو گر کشد اغبر نرگس
Рӯзи базм аз тарафи ҷӯади ту тарафӣ бар баст
روز بزم از طرف جود تو طرفی بر بست
Лоҷарам шуд ба зрўи сими тавонгари наргис
لاجرم شد به زرو سیم توانگر نرگس
Дар саропардаи базми ту канизон бошанд
در سراپرده بزم تو کنیزان باشند
Навбаҳору саману лолау дигари наргис
نوبهار و سمن و لاله و دیگر نرگس
Гар ту аз айни анояти сӯии наргис нигарӣ
گر تو از عین عنایت سوی نرگس نگری
Зуд бинад бар аъён шудаи сарвари наргис
زود بیند بر اعیان شده سرور نرگس
Нест аз аҳли назар варна наҳодӣ бар чашм
نیست از اهل نظر ورنه نهادی بر چشم
Ин саводи сухани ҳмчўзртри наргис
این سواد سخن همچوزرتر نرگس
Ба забонҳо кунад озодии ман чун сӯсан
به زبانها کند آزادی من چون سوسن
Ба мисли гар шавад имрӯзи суханвари наргис
به مثل گر شود امروز سخنور نرگس
То наёяд ба каллаи дории туғрули шоҳин
تا نیاید به کله داری طغرل شاهین
То бъ афсар нашавад санҷари наргис
تا بع افسر نشود سنجر نرگس
Равзаи ҷоҳи туро онкии сипеҳраш чаман аст
روضه جاه تو را آنکه سپهرش چمن است
Бод то бандатар аз Зуҳра аз ҳар наргис
باد تا بنده تر از زهره از هر نرگس