Рафтанди рафиқони врсиднд ба манзил

رفتند رفیقان ورسیدند به منزل

Дар хоби ғурурии ту ҳануз , эй дили ғофил !

در خواب غروری تو هنوز ، ای دل غافل !

Аз нест ба ҳастӣ взҳстӣ ба раҳ нест

از نیست به هستی وزهستی به ره نیست

То шаҳр вуҷӯдаст равонаст қўоФл

تا شهر وجود است روان است قوافل

Роҳи ту пар аз оби вгли влошаҳ заъиф аст

راه تو پر از آب وگل ولاشه ضعیف است

Баси шоҳсўорӣ ки фурӯ рафт дарин гул

بس شاهسواری که فرو رفت درین گل

эй ғарқа ӣ дунёи матлаби ғӯр ! ки ҷустанд

ای غرقه ی دنیا مطلب غور ! که جستند

На қаъри падеди сет дар ин баҳр на соҳил

نه قعر پدید ست در این بحر نه ساحل

Ноко меврнҷаст ҳамаи ҳосили дунё

ناکا می ورنج است همه حاصل دنیا

Вари ком буд ҳосил аз он низ чаҳ ҳосил

ور کام بود حاصل از آن نیز چه حاصل

Қисмат нашавад беш ва кам аз кӯшиши втқсир

قسمت نشود بیش و کم از کوشش وتقصیر

То худ чаҳ қадари гашти муқаддари зоўоил

تا خود چه قدر گشت مقدر زاوایل

Хоҳӣ ки ба рағбати ҳумои пайванд ту хоҳанд

خواهی که به رغبت هما پیوند تو خواهند

Рӯи риштаи пайванди нахуст аз ҳамаи бугсал

رو رشته پیوند نخست از همه بگسل

Дунё чаҳ кунӣ ҷамъ ? ки мақсӯди зи дунёст

دنیا چه کنی جمع ؟ که مقصود ز دنیاست

Далқии куҳани венонеи вбоқии ҳамаи фозил

دلقی کهن ونانی وباقی همه فاضل

Тани даҳ ба ризои кончаҳи қазо бар ту навишта аст

تن ده به رضا کانچه قضا بر تو نوشته است

Аз ту нашавад дафъ ба тъўизу ҳмоӣл

از تو نشود دفع به تعویذ و حمائل

Ҳақро бишнос аз назару чашму дилу гӯш

حق را بشناس از نظر و چشم و دل و گوش

Кинҳо ҳама бар қудрат ҳақанд далоил

کاینها همه بر قدرت حق اند دلایل

Гуфтӣ ту ки бо ҳақаму ҳақ бар тарафат нест

گفتی تو که با حقم و حق بر طرفت نیست

Бо туаст балии ҳақ ва ту машғӯл ба ботил

با توست بلی حق و تو مشغول به باطل

Ҷузи ҳақ ки тавонад ки кунад одаме ро

جز حق که تواند که کند آدمیی را

Пайдои зи кафии хоки бад-ӣни шаклу шамоил

پیدا ز کفی خاک بدین شکل و شمایل

Дар хӯрдан ва хуфтан чаҳ шӯии ҳамсари анъом ?

در خوردن و خفتن چه شوی همسر انعام ؟

намекун амалӣ то нашӯй кам зи авомил

می کن عملی تا نشوی کم ز عوامل

Ҳам судау фарсӯдаи шӯии охир агар худ

هم سوده و فرسوده شوی آخر اگر خود

з оҳан шавадат фарқи вази фӯлоди фавосил

ز آهن شودت فرق وز فولاد فواصل

Қавли уламое ки амал нест дар эшон

قول علمایی که عمل نیست در ایشان

Монандаи ирмҳӣаст ки холӣаст зи омил

ماننده یرمحی است که خالیست ز عامل

Ин тӯл амл чист ? бар онӣ ки замона

این طول امل چیست ؟ بر آنی که زمانه

Шуд умри туро то ба қиёмати мутакаффил

شد عمر تو را تا به قیامت متکفل

Хоҳӣ ки чу гул аз дамат осӯда шавад халқ ?

خواهی که چو گل از دمت آسوده شود خلق ؟

Чун ғунча бар он бош ки гардии ҳам тани дил

چون غنچه بر آن باش که گردی هم تن دل

Оҷили диҳӣ аз даст ки оҷли бастоне

عاجل دهی از دست که آجل بستانی

Рӯи дӯст талаб кун чаҳ кунӣ оҷили оҷл

رو دوست طلب کن چه کنی عاجل آجل

Аз худ гузарои ёри вбдўи рас ки касе нест

از خود گذرای یار وبدو رس که کسی نیست

Ғайр аз ту миёни ту вмқсўди ту ҳоил

غیر از تو میان تو ومقصود تو حایل

Дар роҳи ҳавои коҳи вшии соръи впрон

در راه هوا کاه وشی سارع وپران

Дар шореъи дайни кӯҳи сифати сангии вкоҳл

در شارع دین کوه صفت سنگی وکاهل

Ин ашк риёеаст чу дар ваҷҳ нишинад

این اشک ریایی است چو در وجه نشیند

Сими сира бояд , ки басираст мъомл

سیم سره باید ، که بصیرست معامل

Аз ҳасан мазан лоф ки хоҳад шудани охир

از حسن مزن لاف که خواهد شدن آخر

Ин наргиси чашми вгли рухсори ту зоил

این نرگس چشم وگل رخسار تو زایل

Ту дар зулмоти шаби куфрони вброит

تو در ظلمات شب کفران وبرایت

Бар карда дар ин гунбади фирӯзаи мшоъл

بر کرده در این گنبد فیروزه مشاعل

Дар ҷоҳ гирифтам ки шудӣ туғрули вснҷр

در جاه گرفتم که شدی طغرل وسنجر

Бингар ки куҷоанд кунун санҷари втғрл

بنگر که کجا اند کنون سنجر وطغرل

Аз ҳар ки бад ояд тамаъ нек мадоред

از هر که بد آید طمع نیک مدارید

Хосияти кофури мҷўииди зи филфил

خاصیت کافور مجویید ز فلفل

Хайрӣ ки халоси ту дар онаст хулӯс аст

خیری که خلاص تو در آن است خلوص است

Боқии ҳамаи аҷзоӣ ту қайданд вҳбоил

باقی همه اجزای تو قیدند وحبایل

Олам ки надорад амал ӯ мисоли ҳмории аи сет

عالم که ندارد عمل او مثال حماری ا ست

Бе фоидаи асқоли кутубро шудаи ҳомил

بی فایده اثقال کتب را شده حامل

Аз нафас бидон чашм никуӣ натавон дошт

از نفس بدان چشم نکویی نتوان داشت

Ҳаргизи надиҳади нафъи асали заҳри ҳалоҳил

هرگز ندهد نفع عسل زهر هلاهل

Охир ту нагӯйӣ ки : ки бахшед завол

آخر تو نگویی که : که بخشید زوال

Асвоти Бами вазир ба қамарии вънодл ?

اصوات بم وزیر به قمری وعنادل ؟

ё кист ки додаст ба боғ аз сари мастӣ

یا کیست که داد است به باغ از سر مستی

Аз булбулаи гул май гулгун ба блобл ?

از بلبله گل می گلگون به بلابل ؟

ё баҳри камол аз паии таҳсили хирад ро

یا بهر کمال از پی تحصیل خرد را

Кӣ бар сари абноӣ ҷаҳон кард муҳассил ?

کی بر سر ابنای جهان کرد محصل ؟

ё кист ки аз аввали моҳи вўсти рӯз

یا کیست که از اول ماه ووسط روز

Саври ма вхўршид кунад зояд взоил ?

ثور مه وخورشید کند زاید وزایل ؟

Инат чу муҳаққиқ буд эй банда ! буд зулм

اینت چو محقق بود ای بنده ! بود ظلم

Гар ту набарӣ тоъати ин ҳокими одил

گر تو نبری طاعت این حاکم عادل

Нафаси мулкиро набӯд ҳоҷати зинат

نفس ملکی را نبود حاجت زینت

Тоўси млоик чаҳ кунад зеби ҷлоҷл

طاوس ملایک چه کند زیب جلاجل

Давлат на ба ақласт вкёст вагар ин нест

دولت نه به عقل است وکیاست وگر این نیست

Аз чист ки олам равад андари паии ҷоҳил ?

از چیست که عالم رود اندر پی جاهل ؟

Дар байти ҳарам , қофилае соили вмҳҷўр

در بیت حرم ، قافله ای سایل ومهجور

Дар шаҳри Яман , тайифае сокини вўосл

در شهر یمن ،طایفه ای ساکن وواصل

Бар дӯш ҳар он кас ки тарозӣ зҳнр нест

بر دوش هر آن کس که طرازی زهنر نیست

Он байни вмзни даст дар азёли зўоил

آن بین ومزن دست در اذیال زوایل

Ваҳшӣ ки хӯрд хори қаноат буд оҳӯ

وحشی که خورد خار قناعت بود آهو

Гар зонка фурӯд оварад ӯ сар ба снобл

گر زانکه فرود آورد او سر به سنابل

Тавҳид ба дили гӯ чу касоне ки ба ангушт

توحید به دل گو چو کسانی که به انگشت

Гуфтанд внҳоднд бар он ҳарфи аномл

گفتند ونهادند بر آن حرف انامل

Рӯи қатъ таъаллуқ кун имрӯз ки фардо

رو قطع تعلق کن امروز که فردا

Осӯдаи зи ағлолии воимни зи слосл

آسوده ز اغلالی وایمن ز سلاسل

Ту асли вуҷӯдии шарафати возеҳу лоиҳ

تو اصل وجودی شرفت واضح و لایح

Худро ҳамагии сохтаи ботилу отил

خود را همگی ساخته باطل و عاطل

Дар рондани соил чаҳ ҷавобат буд охир

در راندن سایل چه جوابت بود آخر

Он рӯз ки бошад зи ту раззоқи ту соил

آن روز که باشد ز تو رزاق تو سایل

Чандин чаҳ кунӣ ҳукми авохир ки чаҳ бошад ?

چندین چه کنی حکم اواخر که چه باشد؟

То бар чаҳ наҳҷи рафта буд ҳукми авоил

تا بر چه نهج رفته بود حکم اوایل

Салмони дгариро чаҳ диҳии панд ки ҳастанд ?

سلمان دگری را چه دهی پند که هستند؟

Авзоъи туро аҳли ҷаҳони мункиру ъозл

اوضاع تو را اهل جهان منکر و عازل

Пандӣ ки ба қавл омадат аввали ту ба феъли ор

پندی که به قول آمدت اول تو به فعل آر

Варна набӯд ҳеҷ кадоми муассири дами қойил

ورنه نبود هیچ کدام موثر دم قایل