Биё чун мақом тараб шуд тамом
بیا چون مقام طرب شد تمام
Навое бисоз аз паии ин мақом
نوایی بساز از پی این مقام
Навое ки дар вай сухан ҳаст ва нест
نوایی که در وی سخن هست و نیست
Навой неу чанги молои калом
نوای نی و چنگ مالا کلام
Даруни дил аз ҷом мебар фурӯз
درون دل از جام می بر فروز
Ки тобади дарави равшанои зҷом
که تابد درو روشنایی زجام
Навой тараб дар мақомии сарой
نوای طرب در مقامی سرای
Казу ҷони ғамгин буд шоди ком
کزو جان غمگین بود شاد کام
Мақомӣ ки аз хок бӯсаш кунанд
مقامی که از خاک بوسش کنند
Мулӯку млоики муаттари машом
ملوک و ملایک معطر مشام
Мақомӣаст бартари зи зоту албрўҷ
مقامی است برتر ز ذات و البروج
Маконеаст хуштар зи дори ассалом
مکانی است خوشتر ز دار السلام
Дарави ҷузи навои ронёбии ҳазин
درو جز نوا رانیابی حزین
Дарави ҷузи саборо набошад саққоам
درو جز صبا را نباشد سقام
Баёзаш ба ҳаддӣ ки рухсори субҳ
بیاضش به حدی که رخسار صبح
Сипеда азу месетанд ба вом
سپیده ازو می ستاند به وام
Баландяши топоиаҳи коФтоб
بلندیش تاپایه کافتاب
Ба заррини камандаши برارد ба бом
به زرین کمندش برآرد به بام
Қамар то шавад ходими ин сарой
قمر تا شود خادم این سرای
Гуҳии бдрў гоҳе ҳалоласт ном
گهی بدرو گاهی حلال است نام
Намӯдори ин равза будӣ агар
نمودار این روضه بودی اگر
Шудӣ сокин аз қасри фирӯзаи фом
شدی ساکن از قصر فیروزه فام
зи нуру сафои саҳни ин хонаи рост
ز نور و صفا صحن این خانه راست
Фароғат з омад шуд субҳу шом
فراغت ز آمد شد صبح و شام
зи хок дараш чун рҳиқи биҳишт
ز خاک درش چون رحیق بهشت
Димоғи фалаки рости завқи мудом
دماغ فلک راست ذوق مدام
Тамаъ дошт гардун ки қурси қамар
طمع داشت گردون که قرص قمر
Шавад хишту фаршаш вале буд хом
شود خشت و فرشش ولی بود خام
Гадогар суолӣ кунад зини сарой
گدا گر سوالی کند زین سرای
Садояши ҳама оре ояд паём
صدایش همه آری آید پیام
Срир дараш гуфта бо соилон
صریر درش گفته با سائلان
Саломи алайкуми алайкуми салом
سلام علیکم علیکم سلام
Зуҳалгар ба бомаш тавонад расед
زحل گر به بامش تواند رسید
зи шомаш буд посбон то ба бом
ز شامش بود پاسبان تا به بام
Биҷой худаст ин иморат ки кард
بجای خودست این عمارت که کرد
Паноҳи салотини муллои зоном
پناه سلاطین ملا ذانام
Мақом карямон аҳдасту шоҳ
مقام کریمان عهدست و شاه
Басӣ кард некӣ ба ҷои киром
بسی کرد نیکی به جای کرام
Мақоми карами шоҳўндӣ ки ҳаст
مقام کرم شاهوندی که هست
Ҷаҳоняш дар сояи эҳтишом
جهانیش در سایه احتشام
Карӣмӣ ки бар неъмат хон ӯст
کریمی که بر نعمت خوان اوست
Изоми судӯру судӯри изом
عظام صدور و صدور عظام
Зиҳии чатри даври туро сояи дор
زهی چتر دور تو را سایه دار
Ҳамаи рӯзаи хуршед дар иҳтимом
همه روزه خورشید در اهتمام
ҲамЭйаст чатрат ки ме парваранд
همای است چترت که می پرورند
Равон дар зилоли ҷалолаши изом
روان در ظلال جلالش عظام
Сифоти ту чун васф ақласт хос
صفات تو چون وصف عقل است خاص
Атои ту чун нур меҳраст ом
عطای تو چون نور مهر است عام
Хирадро ба тадбир туаст иқтидо
خرد را به تدبیر توست اقتدا
Амлро ба фитрок туаст эътисом
امل را به فتراک توست اعتصام
Куҷои хайли роят саропарда зад
کجا خیل رایت سراپرده زد
Буд хити субҳаши таноби хайём
بود خیط صبحش طناب خیام
Агар моҳи навро кунӣ тарбият
اگر ماه نو را کنی تربیت
Ба як шаб кунӣ кор ӯро тамом
به یک شب کنی کار او را تمام
Барем наризад дигар об рӯй
بریم نریزد دگر آب روی
Гар моя ёбад зи дастати ғмом
گر مایه یابد ز دستت غمام
Ситам буд пайвастаи кори сипеҳр
ستم بود پیوسته کار سپهر
Ба давр ту барканд дандони зуком
به دور تو برکند دندان زکام
Шҳо ман дарин шеър ме оварам
شها من درین شعر می آورم
Ду байти Заҳир аз паии ахттом
دو بیت ظهیر از پی اختتام
Надонам ки билқиси сонӣ чаро
ندانم که بلقیس ثانی چرا
Дарин чанд гоҳам набар даҳаст ном
درین چند گاهم نبر ده است نام
Манам каз замини бӯси он ҳазрат аст
منم کز زمین بوس آن حضرت است
Чу ҳади ҳади марои тоҷ бар сари мудом
چو هد هد مرا تاج بر سر مدام
Дарин ҳар ду байт арча аитост лек
درین هر دو بیت ارچه ایطاست لیک
Рҳиқ каломаст мишкӣни хтом
رهیق کلام است مشکین ختام
Ало то ҳамеи байти маъмур ро
الا تا همی بیت معمور را
Буд хонаи каъбаи қоими мақом
بود خانه کعبه قایم مقام
Сарои ҷалоли бақои ту бод
سرای جلال بقای تو باد
Чу фирдавси доим ба рукни давом
چو فردوس دایم به رکن دوام
Дарин давлати обод бар тахти ҷоҳ
درین دولت آباد بر تخت جاه
Ба шодӣ нишин то ба рӯзи қиём
به شادی نشین تا به روز قیام