Гули фирдавс чаҳ бошад ки ба рӯй ту расад

گل فردوس چه باشد که به روی تو رسد

ё насимаш ки ба хоки сари кӯй ту расад

یا نسیمش که به خاک سر کوی تو رسد

Аз хати сабзи ту дар оташам эй оби ҳаёт !

از خط سبز تو در آتشم ای آب حیات!

Рашкам ояд ки Хизр бар лаби ҷӯй ту расад

رشکم آید که خضر بر لب جوی تو رسد

зи офтобам шуда дар тоб ки дар рӯй ту тофт

ز آفتابم شده در تاب که در روی تو تافت

Тоби хуршед чаҳ бошад ки ба рӯй ту расад ?

تاب خورشید چه باشد که به روی تو رسد؟

Чашми бади даври з рӯй ту ва худ чашм бидон

چشم بد دور ز روی تو و خود چشم بدان

Ҳайф бошад ки бидон рӯй накӯй ту расад

حیف باشد که بدان روی نکوی تو رسد

Кор шуд бар дили ман тангу балии танг буд

کار شد بر دل من تنگ و بلی تنگ بود

Кори ҳргаҳ ки ба бахти ману хуй ту расад

کار هرگه که به بخت من و خوی تو رسد

Нарасад ҳар сари шӯрида ба пой чу туе

نرسد هر سر شوریده به پای چو تویی

Гар ба пой ту расад ҳам сари мӯӣ ту расад

گر به پای تو رسد هم سر موی تو رسد

Ман ба буии туам эй дӯсти ҳавохоҳи баҳор

من به بوی توام ای دوست هواخواه بهار

Каз насимаш ба димоғами ҳамаи буи ту расад

کز نسیمش به دماغم همه بوی تو رسد

Соқӣ аз дарди сабу дар тани ман ҷонӣ кун !

ساقی از درد سبو در تن من جانی کن!

Ҷон чаҳ бошад ки ба дардии сабуӣ ту расад

جان چه باشد که به دردی سبوی تو رسد

Манъ май хӯрдан салмон накунӣ эй сӯфӣ !

منع می خوردن سلمان نکنی ای صوفی!

Агар ин шарбати софӣ ба гулӯӣ ту расад

اگر این شربت صافی به گلوی تو رسد