Он ҷон азиз нест ки дар кор мо нашуд

آن جان عزیز نیست که در کار ما نشد

Ва он тан дуруст нест ки бемор мо нашуд

و آن تن درست نیست که بیمار ما نشد

Дил гӯшмол ёфт зи савдои зулф ӯ

دل گوشمال یافت ز سودای زلف او

То ин сазо наёфт сазовор мо нашуд

تا این سزا نیافت سزاوار ما نشد

Дар офтоби гардиш аз он зарраи брнхост

در آفتاب گردش از آن ذره برنخاست

Кӯ дид рӯй моу ҳаводор мо нашуд

کو دید روی ما و هوادار ما نشد

Судӣ надид он дил бе мояи кӯи бҷон

سودی ندید آن دل بی‌مایه کو بجان

Савдоӣ мо накард харидор мо нашуд

سودای ما نکرد خریدار ما نشد

Судӣ ки рафт бар сари бозори шавқи мо

سودی که رفت بر سر بازار شوق ما

Худ кист он ки дар сари бозор мо нашуд ?

خود کیست آن که در سر بازار ما نشد؟

Мо ганҷ гавҳарем ба кунҷи хароби дил

ما گنج گوهریم به کنج خراب دل

Чизе наёфт ҳар ки талаби кор мо нашуд

چیزی نیافت هر که طلب کار ما نشد

зи арбоб ҳол нест чу булбул касе ки дид

ز ارباب حال نیست چو بلبل کسی که دید

Мороу ошиқи гулу рухсор мо нашуд

ما را و عاشق گل و رخسار ما نشد

Дар кор мо нарафт ки дар кор мо нарафт

در کار ما نرفت که در کار ما نرفت

Фии алҷмлаҳ ки буд ки дар кор мо нашуд

فی‌الجمله که بود که در کار ما نشد

Он дидаро ки сӯфии софӣ ба ҳафт об

آن دیده را که صوفی صافی به هفت آب

Ҳар дам нишаст , лоиқи дидор мо нашуд

هر دم نشست، لایق دیدار ما نشد

Салмон магар шунид ҳадисии азин даҳан

سلمان مگر شنید حدیثی ازین دهن

Бечораи худ ба ҳеҷ гирифтор мо нашуд

بیچاره خود به هیچ گرفتار ما نشد