Сари савдои ту ҳаргизи зи сар мо наравад

سر سودای تو هرگز ز سر ما نرود

Баравад ин сари савдое ва савдо наравад

برود این سر سودایی و سودا نرود

Партави нури таҷаллии рахт , мумкин нест

پرتو نور تجلی رخت، ممکن نیست

Ки агар кӯҳ бибинад дилаш аз ҷо наравад

که اگر کوه ببیند دلش از جا نرود

Пой сустасту раҳами давр аз он май тарсам

پای سست است و رهم دور از آن می‌ترسم

Ки сар ман баравад дар талаб ва по наравад

که سر من برود در طلب و پا نرود

Ҳар киро гӯшаи дили хилвати хоси ту буд

هر که را گوشه دل خلوت خاص تو بود

Дилаш аз гӯшаи хилват ба тамошо наравад

دلش از گوشه خلوت به تماشا نرود

Ишқат омад ба серуму змни мискини бастанд

عشقت آمد به سرم وز من مسکین به ستم

Ақлу дайн ҳар ду ва донам ки бад-ӣнҳо наравад

عقل و دین بستد و دانم که بدینها نرود

Сайли хӯни дил мо меравад аз дида бигӯ

سیل خون دل ما می‌رود از دیده بگو

Бо хаёли ту ки дар хӯни дил мо наравад

با خیال تو که در خون دل ما نرود

Мо дилӣ носара дорем ба бозори ғамат

ما دلی ناسره داریم به بازار غمت

Дирам қалб надонам баравад ё наравад ?

درم قلب ندانم برود یا نرود

Чанд гӯйӣ ки дилам рафт ба хубони салмон !

چند گویی که دلم رفت به خوبان سلمان!

Дида бар дузу дил аз дасти мада то наравад

دیده بردوز و دل از دست مده تا نرود