Зин пеш дошт ёри ғами кору бори ёр
زین پیش داشت یار غم کار و بار یار
Охир фурӯ гузошт ба якбори кори ёр
آخر فرو گذاشت به یکبار کار یار
Умрии гузашт то суханамро ба ҳеҷ ваҷҳ
عمری گذشت تا سخنم را به هیچ وجه
Дар худ надоди раҳ , даҳани танги бори ёр
در خود نداد ره، دهن تنگ بار یار
Чндонкаҳ май рӯми зи паии ёри ҷузи ғубор
چندانکه میروم ز پی یار جز غبار
Чизе намерасад ба ман аз раҳгузори ёр
چیزی نمیرسد به من از رهگذار یار
Афтодаам ба баҳрии вонгаҳи кадоми баҳр ?
افتادهام به بحری وانگه کدام بحر؟
Баҳрӣ ки нест соҳили он ҷузи канори ёр
بحری که نیست ساحل آن جز کنار یار
Бори ҷаҳони куҷоу дили тангам аз куҷо ?
بار جهان کجا و دل تنگم از کجا؟
Ҷоеаст дил ки нест дару ғайри бори ёр
جایی است دل که نیست در و غیر بار یار
Нагирифтааст домани ман ҳеҷ обу хок
نگرفته است دامن من هیچ آب و خاک
Ало ки оби дидау хоки диёри ёр
الا که آب دیده و خاک دیار یار
Ёр ар ба ихтиёр ту шуд нек , вар нашуд
یار ار به اختیار تو شد نیک، ور نشد
Воҷиб буд мтобъти ихтиёри ёр
واجب بود متابعت اختیار یار
Чун ғунчаам агар чаҳ басии хор дар дил аст
چون غنچهام اگر چه بسی خار در دل است
Ман дили хушам ба буии насими баҳори ёр
من دل خوشم به بوی نسیم بهار یار
Булбул гузошт шохи саман , майл хор кард
بلبل گذاشت شاخ سمن، میل خار کرد
Яъне ки хуштар аз гули ағёри хори ёр
یعنی که خوشتر از گل اغیار خار یار
Салмон ! ту чанд даъвӣ ёр кунӣ ки худ
سلمان! تو چند دعوی یار کنی که خود
Пайдост бар маҳаки муҳаббати айёри ёр ?
پیداست بر محک محبت عیار یار؟