Ба ғайри сӯрат ӯ ҳар чаҳ оядам дар дил

به غیر صورت او هر چه آیدم در دل

Ба ҷони дӯст ки бошад тасаввури ботил

به جان دوست که باشد تصور باطل

Ба кӯии дӯст ки хокаш ба оби дида гул аст

به کوی دوست که خاکش به آب دیده گل است

Ки бргзшт ки поиш фурӯ нарафт ба гул

که برگذشت که پایش فرو نرفت به گل

Қтили теғи ту хоҳеми гашт то дар ҳашар

قتیل تیغ تو خواهیم گشت تا در حشر

Бад-ӣни баҳонаи бигиреми домани қотил

بدین بهانه بگیریم دامن قاتل

Ҳаме рӯем ба роҳӣ ки несташ поён

همی رویم به راهی که نیستش پایان

Фитодаем ба баҳрӣ ки несташ соҳил

فتاده‌ایم به بحری که نیستش ساحل

?герати иродати пайванд дӯст ме бошад

گرت ارادت پیوند دوست می‌باشد

Бирав нахусти зи дунёу охирати бугсал

برو نخست ز دنیا و آخرت بگسل

Биҷузи даҳони туами ҳеҷ орўзиӣ нест

بجز دهان توام هیچ آروزیی نیست

Вале чаҳ суд ки ҳеҷам намешавад ҳосил

ولی چه سود که هیچم نمی‌شود حاصل

Ҳасуд гуфт ки салмон чаҳ май рӯй паии ёр

حسود گفت که سلمان چه می‌روی پی یار

Наме рӯми паии дилдор май рӯми паии дил

نمی‌روم پی دلدار می‌روم پی دل