Бар зулфи ту ман бор дигар тавбаи шикастам

بر زلف تو من بار دگر توبه شکستم

Баси аҳд ки чун зулф ту бишикастаму бастам

بس عهد که چون زلف تو بشکستم و بستم

Дарёб ки зад кори ҷаҳонии ҳама бар ҳам

دریاب که زد کار جهانی همه بر هم

Чашми туу узраши ҳама инаст ки мастам

چشم تو و عذرش همه این است که مستم

Дар нома чу ман шарҳи фироқ ту нивисам

در نامه چو من شرح فراق تو نویسم

Хӯн гиряд ва фарёд кунад хомаи зи дастам

خون گرید و فریاد کند خامه ز دستم

Хуршеди баландии ту ва ман паст чу соя

خورشید بلندی تو و من پست چو سایه

Онҷо ки ту бошӣ натавон гуфт ки ҳастам

آنجا که تو باشی نتوان گفت که هستم

Чашми ту ба дил гуфт ки масти манӣ эй дил

چشم تو به دل گفت که مست منی ای دل

Дил гуфт : балии масти ту аз рӯзи аластам

دل گفت: بلی مست تو از روز الستم

Ганҷӣаст равони ҷом майу тавбаи тилисмаш

گنجی است روان جام می و توبه طلسمش

Бардоштами он ганҷ ва тилисмаш бишикастам

برداشتم آن گنج و طلسمش بشکستم

Бар сӯхтану мурдани ман шамъи шаби афрӯз

بر سوختن و مردن من شمع شب افروز

Хандид басии имшаб ва ман ме нагиристам

خندید بسی امشب و من می‌نگریستم

Рӯзаш ба сар омад саҳарӣ гуфт ки салмон

روزش به سر آمد سحری گفت که سلمان

Бархез ки ман низ ба рӯз ту нишастам

برخیز که من نیز به روز تو نشستم