Ба дарди дили гирифторами давоӣ дил наме донам

به درد دل گرفتارم دوای دل نمی‌دانم

Давои дарди дил корӣаст бас мушкил наме донам

دوای درد دل کاری است بس مشکل نمی‌دانم

Ба чашми хеш май байнам ки хоҳад рехти хӯни дил

به چشم خویش می‌بینم که خواهد ریخت خون دل

Надонам чун кунам бо дили ман бедил наме донам

ندانم چون کنم با دل من بیدل نمی‌دانم

Биёбонасту шаби торик ва бо ман бахти ман ҳамраҳ

بیابان است و شب تاریک و با من بخت من همره

Вале бахтаст хоб олуд ва ман манзил наме донам

ولی بخت است خواب آلود و من منزل نمی‌دانم

Чаҳ гӯям эй ки май пурсӣ зи ҳоли рӯзгори ман

چه گویم ای که می‌پرسی ز حال روزگار من

Ки мозӣ рафту ҳол инаст ва мстқбл наме донам

که ماضی رفت و حال این است و مستقبل نمی‌دانم

Маро аз дайн ва аз дунёи ҳамин дарди ту баси ҳосил

مرا از دین و از دنیا همین درد تو بس حاصل

Ки ман худ дайну дунёро ҷузин ҳосил наме донам

که من خود دین و دنیا را جزین حاصل نمی‌دانم

Аз онат дар миёни дил чу ҷон ҷо кардаам доим

از آنت در میان دل چو جان جا کرده‌ام دایم

Ки ман ҷои ту дар олами бурун аз дил наме донам

که من جای تو در عالم برون از دل نمی‌دانم

Маро гӯйанд оқили гирду тарк ишқ кун салмон

مرا گویند عاقل گرد و ترک عشق کن سلمان

Ман он касро ки ошиқ нест худ оқил наме донам

من آن کس را که عاشق نیست خود عاقل نمی‌دانم