Бехи ишқ ту нишонданд бета ! дар дили ман

بیخ عشق تو نشاندند بتا! در دل من

Ғами меҳр ту фишонданд , дар обу гули ман

غم مهر تو فشاندند، در آب و گل من

Тири мижгони ту аз ҷавшан ҷон ме гузарад

تیر مژگان تو از جوشن جان می‌گذرد

Бар дил ман мазан эй ҷон ки туе дар дили ман

بر دل من مزن ای جان که تویی در دل من

Рӯзи девони қиёмат ки манозил бахшанд

روز دیوان قیامت که منازل بخشند

Ърсоти сари кӯии ту буд манзили ман

عرصات سر کوی تو بود منزل من

Ҳар касе мекунад аз ёри Муродии ҳосил

هر کسی می‌کند از یار مرادی حاصل

Ҳосили ман ғам ёраст ва хушо ҳосили ман !

حاصل من غم یارست و خوشا حاصل من!

На рафиқӣаст ки бории з дилам баргирад

نه رفیقی است که باری ز دلم برگیرد

На шафиқӣаст ки осон кунад ин мушкили ман

نه شفیقی است که آسان کند این مشکل من

Дӯш дар баҳри ғамати ғӯта занон мегуфтам :

دوش در بحر غمت غوطه زنان می‌گفتم:

Чист тадбири ману воқеаи ҳоили ман ?

چیست تدبیر من و واقعه هایل من؟

намешунидам зи лаби баҳр ки салмони матлаб

می‌شنیدم ز لب بحر که سلمان مطلب

Роҳ берун шуд азин варта бе соҳили ман

راه بیرون شد ازین ورطه بی‌ساحل من