Хуршеди рхои сояи зи мо боз гирифтӣ

خورشید رخا سایه ز ما باز گرفتی

Вази ман назари меҳру вафо боз гирифтӣ

وز من نظر مهر و وفا باز گرفتی

Охир чаҳ шудае барги гули тоза ки дидор

آخر چه شده‌ای برگ گل تازه که دیدار

Аз булбул бебаргу наво боз гирифтӣ

از بلبل بی برگ و نوا باز گرفتی

Ваҷҳе ки бидон ваҷҳ тавон зист надорем

وجهی که بدان وجه توان زیست نداریم

Ҷуз рӯй ту он низ зи мо боз гирифтӣ

جز روی تو آن نیز ز ما باز گرفتی

Чун хоки раҳами сохтӣ аз хорӣ ва онгаҳ

چون خاک رهم ساختی از خواری و آنگه

Пой аз сари ин бесару по боз гирифтӣ

پای از سر این بی سر و پا باز گرفتی

Гирам нагирифтӣ дили бемори марои даст

گیرم نگرفتی دل بیمار مرا دست

По аз сари бемор чаро боз гирифтӣ ?

پا از سر بیمار چرا باز گرفتی؟

Дар ҳоли гадоён назарӣ ҳаст туро ом

در حال گدایان نظری هست تو را عام

Хос аз ман дарвеши гадо боз гирифтӣ

خاص از من درویش گدا باز گرفتی

Шаҳбози дилами боз ба қайд ту асираст

شهباز دلم باز به قید تو اسیرست

Ин сайд надонам зи куҷо боз гирифтӣ

این صید ندانم ز کجا باز گرفتی

Дӯди дили салмони зи нафаси роҳи ҳавои баст

دود دل سلمان ز نفس راه هوا بست

эй сӯхтаи дили роҳи ҳаво боз гирифтӣ

ای سوخته دل راه هوا باز گرفتی