Насиҳат мекунад ҳар дами марои зоҳид ба мастурӣ

نصیحت می‌کند هر دم مرا زاهد به مستوری

Бирав носеҳи ту ҳоли ман наме донеу маъзӯрӣ

برو ناصح تو حال من نمی‌دانی و معذوری

Хаёли чашми масташро агар дар хоби хуши бинӣ

خیال چشم مستش را اگر در خواب خوش بینی

Аҷаб дорам ки бурдорӣ сар аз мастӣу мастурӣ

عجب دارم که برداری سر از مستی و مستوری

Бад-ӣни сӯрат ки ман дар хоб мастӣам аҷаб бошад

بدین صورت که من در خواب مستی‌ام عجب باشد

Гарм бедор гирданд садои нФҳаҳи сӯрӣ

گرم بیدار گرداند صدای نفحه صوری

Магари ту ҳури Фирдавсӣ ки сар то пои ҳамаи рӯҳӣ

مگر تو حور فردوسی که سر تا پا همه روحی

Магари ту мардуми чашмӣ ки сар то пои ҳамаи нурӣ

مگر تو مردم چشمی که سر تا پا همه نوری

Биёи ҷоно дамӣ биншину суҳбатро ғанимати дон

بیا جانا دمی بنشین و صحبت را غنیمت دان

Ки хоҳад буд муддатҳо миёни ҷону тани даврӣ

که خواهد بود مدتها میان جان و تن دوری

Дилӣу ҳимматии мардона бояд ъшқбозон ро

دلی و همتی مردانه باید عشقبازان را

Ки натавон кард шаҳбозӣ ба болу пари ъсФўрӣ

که نتوان کرد شهبازی به بال و پر عصفوری

Шаби васлаши фироқӣ аз фурӯғ субҳдам дорад

شب وصلش فراغی از فروغ صبحدم دارد

Чаҳ ҳоҷати рӯзи равшанро ба нури шамъи кофурӣ

چه حاجت روز روشن را به نور شمع کافوری

Напурсӣ охирами рӯзии охир чунӣ эй салмон

نپرسی آخرم روزی آخر چونی ای سلمان

Азин шабҳои ранҷурии дарин шабҳои диҷўрӣ

ازین شبهای رنجوری درین شبهای دیجوری