То туоне мада аз каф ба баҳор эй соқӣ
تا توانی مده از کف به بهار ای ساقی
Лаби ҷӯйу лаби ҷому лаби ёр эй соқӣ !
لب جوی و لب جام و لب یار ای ساقی!
Навбаҳорасту гулу сабза ва мо умри азиз
نوبهارست و گل و سبزه و ما عمر عزیز
намегузорем ба ғифлат магузор эй соқӣ !
میگذاریم به غفلت مگذار ای ساقی!
Мавсим гул набӯд тавбаи ушшоқи дуруст
موسم گل نبود توبه عشاق درست
Ту ба яъне чаҳ биё бода биор эй соқӣ !
توبه یعنی چه بیا باده بیار ای ساقی!
Агар аз рӯз шумораст сухани рӯзи шумор
اگر از روز شمارست سخن روز شمار
Чун маниро ки дар орад ба шумор эй соқӣ !
چون منی را که در آرد به شمار ای ساقی!
Шоҳиду боғу гулу мл ҳама хубанд вале
شاهد و باغ و گل و مل همه خوبند ولی
Ёри хуши хуштар азин ҳар се чаҳор эй соқӣ !
یار خوش خوشتر ازین هر سه چهار ای ساقی!
Ояд аз буии самани буии биҳишт эй ориф
آید از بوی سمن بوی بهشت ای عارف
Хезад аз ранги чамани нақшнигор эй соқӣ !
خیزد از رنگ چمن نقش نگار ای ساقی!
Ҷоми нӯшин ту то пар мелаъласт мудом
جام نوشین تو تا پر می لعل است مدام
намекашад ҷоми ту моро ба хумор эй соқӣ !
میکشد جام تو ما را به خمار ای ساقی!
Бенавоем ғазалӣ нав бинавоз эй салмон
بینوایم غزلی نو بنواز ای سلمان
Дар хуморами қадаҳии нави захми орои соқӣ !
در خمارم قدحی نو زخم آرای ساقی!