Мо мурӣдон кӯй хуморем

ما مریدان کوی خماریم

Сар ба масҷиди фурӯ наме орем

سر به مسجد فرو نمی‌آریم

Зада дар домани мғнии чанг

زده در دامن مغنی چنگ

Доманашро з чанг нагузорем

دامنش را ز چنگ نگذاریم

Солик раҳнамоӣ муштоқем

سالک رهنمای مشتاقیم

Муҳаррами парда ҳои асрорем

محرم پرده‌های اسراریم

Мо ба савдоӣ ёр машғӯлем

ما به سودای یار مشغولیم

Вази ду олам фароғатӣ дорем

وز دو عالم فراغتی داریم

Ҷон ба бозори дил талаф кардем

جان به بازار دل تلف کردیم

Муфлиси он шикаста бозорем

مفلس آن شکسته بازاریم

Соғар меки нашавааш ишқ аст

ساغر می که نشوه‌اش عشق است

Мо ба ҳар ду ҷаҳон харидорем

ما به هر دو جهان خریداریم

Бор ҷонему ақли сар борӣ аст

بار جانیم و عقل سر باری است

Кор ишқаст ва мо дарин корем

کار عشق است و ما درین کاریم

Соқио аз хумор ме мейрем

ساقیا از خمار می‌میریم

Шарбатии даҳ ба мо ки беморем

شربتی ده به ما که بیماریم

Бӯсае даҳ ба мо ки то ба лабат

بوسه‌ای ده به ما که تا به لبت

Ҷони худ чун пиёла бисипорем

جان خود چون پیاله بسپاریم

Мо на аз зоҳидӣ савмиъа ем

ما نه از زاهدان صومعه‌ایم

Мо зи дардӣ кашон хуморем

ما ز دردی کشان خماریم

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Бо хаёли ту ишқ ме ронем

با خیال تو عشق می‌رانیم

Ва зи лабони ту нақш ме хонем

و ز لبان تو نقش می‌خوانیم

Аз сифот ҷамол мадҳушем

از صفات جمال مدهوشیم

Дар ҷамол сифот ҳайронем

در جمال صفات حیرانیم

Ҳамаро аз димоғ карда бурун

همه را از دماغ کرده برون

Шастаи атрофи чашмро зи онем

شسته اطراف چشم را ز آنیم

То хаёли туро чу пеш ояд

تا خیال تو را چو پیش آید

Бар сару чашм хеш бинишонем

بر سر و چشم خویش بنشانیم

Ҷони худро азиз ме дорем

جان خود را عزیز می‌داریم

Ки туро ҷой карда дар ҷонем

که تو را جای کرده در جانیم

Соқио соғараст қиблаи мо

ساقیا ساغرست قبله ما

Хез то қибларо бгрдоним

خیز تا قبله را بگردانیم

СўФёи ҷузи сафоӣ ме, накунад

صوفیا جز صفای می، نکند

Бар ту равшан каз аҳл имонем

بر تو روشن کز اهل ایمانیم

Рух ба миҳроб абрувон дорем

رخ به محراب ابروان داریم

Бар забони зикр дӯст ме ронем

بر زبان ذکر دوست می‌رانیم

Нисбат куфр мекунанд ба мо

نسبت کفر می‌کنند به ما

Мо агар кофар ар мусулмонем

ما اگر کافر ار مسلمانیم

Бо салоҳу фасоди мо борӣ

با صلاح و فساد ما باری

Зоҳидиро чаҳ кор мо ме донем

زاهدان را چه کار ما می‌دانیم

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Ба май ва шоҳидаст рағбати мо

به می و شاهد است رغبت ما

Зоҳидӣ медиҳанд заҳмати мо

زاهدان می‌دهند زحمت ما

зи оби руз шарбатӣ бисоз ҳаким

ز آب رز شربتی بساز حکیم

Ки дар он шарбатаст сиҳҳати мо

که در آن شربت است صحت ما

Сармо шуд зи кӯии дӯсти баланд

سرما شد ز کوی دوست بلند

Дар сар кӯй туаст давлати мо

در سر کوی توست دولت ما

Риндӣу ошиқӣу қлошӣ

رندی و عاشقی و قلاشی

Офариданд дар ҷабалати мо

آفریدند در جبلت ما

Малик ҳар ду ҷаҳон ба хошокӣ

ملک هر دو جهان به خاشاکی

Дар наёяд ба чашми ҳиммати мо

در نیاید به چشم همت ما

Хилватӣ бо хаёл ӯ дорем

خلوتی با خیال او داریم

Раҳ надорад касе ба хилвати мо

ره ندارد کسی به خلوت ما

Орифон дар Наим об рузанд

عارفان در نعیم آب رزند

Ваа чаҳ хуш неъматӣаст неъмати мо

وه چه خوش نعمتی است نعمت ما

Зоҳидӣанд масти ҷоми ғурур

زاهدانند مست جام غرور

Чаҳ хабари мастро зи лиззати мо

چه خبر مست را ز لذت ما

Зоҳидиро вилоятӣаст ки ҳаст

زاهدان را ولایتی است که هست

Даври азин кишвари вилояти мо

دور ازین کشور ولایت ما

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Серум аз ишқ қад ӯст баланд

سرم از عشق قد اوست بلند

Дили зи савдоӣ зулф ӯст ба банд

دل ز سودای زلف اوست به بند

Рӯй ӯ пушти ту баро бишикаст

روی او پشت تو به را بشکست

Сарв аз бехи зоҳидӣ бар кунад

سرو از بیخ زاهدان بر کند

Ҷом сирӣ диҳад маро ҳар дам

جام سیری دهد مرا هر دم

Лаб ӯ карда чошнӣ аз қанд

لب او کرده چاشنی از قند

Ҳар ки маҷнӯни банд турра ӯст

هر که مجنون بند طره اوست

Банд май боядаш чаҳ суд аз банд

بند می‌بایدش چه سود از بند

Мтрбои парда тез кун ба сабӯҳ

مطربا پرده تیز کن به صبوح

То дар ояд ба хоби бахти нижанд

تا در آید به خواب بخت نژند

Дар сабӯҳӣ ки ҷом ме хандад

در صبوحی که جام می‌خندد

Субҳро гӯ бар офтоб маханд

صبح را گو بر آفتاب مخند

Гар барандам ба ҳашар бо риндон

گر برندم به حشر با رندان

То дар оташ ниҳанд ҳамчуи сапанд

تا در آتش نهند همچو سپند

Ваз дигар сӯи гирифтаи доман ва ман

وز دگر سو گرفته دامن و من

Ин ҳикояти кунон ба бонги баланд

این حکایت کنان به بانگ بلند

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Мтрбои қавл ошиқон баргӯ

مطربا قول عاشقان برگو

Ғазалии хуши таронаетар гӯ

غزلی خوش ترانه‌ای تر گو

Дил ба савти ту пой май кӯбад

دل به صوت تو پای می‌کوبد

Хуш таронааст бозаш аз сари гӯ

خوش ترانه است بازش از سر گو

Зоҳидӣат агар хилоф кунанд

زاهدانت اگر خلاف کنند

Каҷ нишин рост дар баробари гӯ

کج نشین راست در برابر گو

Ишқро чун тариқ мухталиф аст

عشق را چون طریق مختلف است

Ҳар замонии зи роҳи дигари гӯ

هر زمانی ز راه دیگر گو

Матлаъӣ аз мақоми ушшоқ ар

مطلعی از مقام عشاق ار

Нуктае аз раҳи қаландари гӯ

نکته‌ای از ره قلندر گو

Ваъзи афсона дар наме гирад

وعظ افسانه در نمی‌گیرد

Пеши мо ин ҳадиси камтари гӯ

پیش ما این حدیث کمتر گو

Сухан аз пеши орифони гӯй

سخن از پیش عارفان گوی

Аз лабу шоҳидони соғари гӯ

از لب و شاهدان ساغر گو

Авдро гӯи шимол чанд диҳӣ

عود را گو شمال چند دهی

Сухании хуш ба гӯш ӯ дргў

سخنی خوش به گوش او درگو

Сухании кон ба авд хоҳӣ гуфт

سخنی کان به عود خواهی گفت

Ба ибороти ҳамчуи шукри гӯ

به عبارات همچو شکر گو

Шуд димоғами зи зуҳди хушки хароб

شد دماغم ز زهد خشک خراب

Мтрбои ин тарона аз сари гӯ

مطربا این ترانه از سر گو

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Рӯй ту дида гулистон аст

روی تو دیده گلستان است

Мӯии ту моҳро шабистон аст

موی تو ماه را شبستان است

Қоматати сарвро дода таълим

قامتت سرو را داده تعلیم

Зон зи сар то ба пой дастон аст

زان ز سر تا به پای دستان است

Дил агар маст чашм туаст маранҷ

دل اگر مست چشم توست مرنج

Чаҳ кунад ҳамнишин мисатон аст

چه کند همنشین مستان است

Ҳар ки бемору дил шикаста туаст

هر که بیمار و دل شکسته توست

Ҳол ӯ ҳол тндрстон аст

حال او حال تندرستان است

Гули моро сириштаанд ба май

گل ما را سرشته‌اند به می

Хоки мо гӯйӣ аз хумсатон аст

خاک ما گویی از خمستان است

Ишқ рӯй туро дабистонӣ аст

عشق روی تو را دبستانی است

Ки хиради Тифли он дабистонӣ аст

که خرد طفل آن دبستانی است

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Зоҳидии қадаҳ кашон пойанд

زاهدان قدح کشان پایند

Ки ба майхона роҳ бинмоӣанд

که به میخانه راه بنمایند

Таҳ ба мастӣ фурӯ ниҳанд зи дӯш

ته به مستی فرو نهند ز دوش

Бор ҳастӣу хуш бар осоинд

بار هستی و خوش بر آسایند

Ба яқини воъизону дрдкшон

به یقین واعظان و دردکشان

Боди паймоу бодаи пимоинд

باد پیما و باده پیمایند

Мо ба нақадим дар биҳишти имрӯз

ما به نقدیم در بهشت امروز

Зоҳидӣ дар умеди Фрдоинд

زاهدان در امید فردایند

Мо ва ишқему суҳбати мо ро

ما و عشقیم و صحبت ما را

Дӯстон дигар наме бойанд

دوستان دگر نمی‌بایند

Нафасӣ чанд мондааст маро

نفسی چند مانده است مرا

Каз барам май раванд ва ме оянд

کز برم می‌روند و می‌آیند

Пеши мо аз барои омад ва шуд

پیش ما از برای آمد و شد

Ғайри мо ҷому қадаҳ наме шоинд

غیر ما جام و قدح نمی‌شایند

Ту мубини онкии суфиёни зоҳир

تو مبین آنکه صوفیان ظاهر

Ваъз гӯйанд ва маҷлис оройанд

وعظ گویند و مجلس آرایند

намепрессатон нигар ки дар маънӣ

می پرستان نگر که در معنی

Сарфарозанду пои брҷоинд

سرفرازند و پای برجایند

Худ ба навъе ки зоҳидӣ гӯйанд

خود به نوعی که زاهدان گویند

Ман гирифтам ки бесар ва пойанд

من گرفتم که بی سر و پایند

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

‌ما و دردی کشان بی سر و پا

Ёр ногуҳ намӯд рӯй бар ман

یار ناگه نمود روی بر من

Ҳушам аз ҷони рабӯду ҷон аз тан

هوشم از جان ربود و جان از تن

Ман зи дидор дӯстон дидам

من ز دیدار دوستان دیدم

Ки мубиноади ҳаргизаши душман

که مبیناد هرگزش دشمن

Аз каманди ту сар наме печам

از کمند تو سر نمی‌پیچم

Чаҳ кунам чун фитод дар гардан

چه کنم چون فتاد در گردن

Даст дар доманат задем чу гирд

دست در دامنت زدیم چو گرد

Бар мефишон ба хокёни доман

بر میفشان به خاکیان دامن

Снблстони чини зулфаш ро

سنبلستان چین زلفش را

Хӯша чинанд оҳӯёни хутан

خوشه چینند آهویان ختن

Соқио то ба хонаи дил ро

ساقیا تا به خانه دل را

Хез ва аз акс ҷон кун равшан

خیز و از عکس جان کن روشن

Дили зи хмхонаҳ бар нахоҳам кунад

دل ز خمخانه بر نخواهم کند

Ки дилам мекашад ба ҳуби ватан

که دلم می‌کشد به حب وطن

Дайн ба дардии ?дан , ?данӣ нашавад

دین به دردی دن، دنی نشود

Дарди дайн май кашаму дардии ?дан

درد دین می‌کشم و دردی دن

Манам афтода дар паии риндон

منم افتاده در پی رندان

Зоҳидии аўФтодаҳ дар паии ман

زاهدان اوفتاده در پی من

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Рӯят афрӯхт оташи зардушт

رویت افروخت آتش زردشت

Зулфат оварад дар миёни зуннор

زلفت آورد در میان زنار

Дарди ли ман хаёлат омад ва гуфт

درد ل من خیالت آمد و گفت

Лӣси фии ?илдорғайриҳо диёр

لیس فی الدار غیرها دیار

Ҷони фидоӣ ту кардаам бустон

جان فدای تو کرده‌ام بستان

Сар ба пешат ниҳода ам бурдор

سر به پیشت نهاده‌ام بردار

Соқио аз шабона махмурем

ساقیا از شبانه مخموریم

Аз серум боз кун балои хумор

از سرم باز کن بلای خمار

Бо хаёли ту ҳақ ба ҷониби мост

با خیال تو حق به جانب ماست

Гар ано алҳақ занем бар сардор

گر انا الحق زنیم بر سردار

Агарам қасди ҷону сари дорӣ

اگرم قصد جان و سر داری

Сару ҷонам дареғ нест зёр

سر و جانم دریغ نیست زیار

Зоҳидии дӯш даъватам ме кард

زاهدی دوش دعوتم می‌کرد

Баъди панду насиҳат бисёр

بعد پند و نصیحت بسیار

Дод саттор ва хирқаам пиндошт

داد ستار و خرقه‌ام پنداشت

Ки магар хирқа дораму дастор

که مگر خرقه دارم و دستار

Ҳар дуро бстдмгар ва кардам

هر دو را بستدم گر و کردم

Ба манӣ май ба хонаи хумор

به منی می به خانه خمار

Гуфтамаш , мо хароб ва махмурем

گفتمش، ما خراب و مخموریم

Хез ва моро ба ҳол худ магузор

خیز و ما را به حال خود مگذار

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

эй дили худ парасти савдое

ای دل خود پرست سودایی

Чанд бар хоки боди паймое

چند بر خاک باد پیمایی

Тӯдаи хокии он наме арзад

توده خاکی آن نمی‌ارزد

Ки ту доман бидон бёлоиӣ

که تو دامن بدان بیالایی

Офтобии ниҳон ба сояи гул

آفتابی نهان به سایه گل

Гул чаҳ бар офтоби андоиӣ

گل چه بر آفتاب اندایی

ОФтобои аҷаб чаҳ хуршедӣ

آفتابا عجب چه خورشیدی

Ки ту бо соя бар наме ое

که تو با سایه بر نمی‌آیی

Мтрбои парда Эй задӣ ки дарид

مطربا پرده‌ای زدی که درید

Парда бар кори ақли савдое

پرده بر کار عقل سودایی

Муддатии гирди зоҳидии гаштам

مدتی گرد زاهدان گشتم

Ман шӯридаи ҳоли шайдое

من شوریده حال شیدایی

Дӯшам омад бурид ҳазрати дӯст

دوشم آمد برید حضرت دوست

Ки фалонгар ту толиби мое

که فلان گر تو طالب مایی

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا

Тарзи тарҷеъи банди ман яксар

طرز ترجیع بند من یکسر

Рост монад ба шохи нешикар

راست ماند به شاخ نیشکر

Каз сараш то ба по фурӯ рафтам

کز سرش تا به پا فرو رفتم

Буд бандаши зи панди ширин тар

بود بندش ز پند شیرین‌تر

Нав арӯсӣаст хуб рӯй ва бирав

نو عروسی است خوب روی و برو

Баста бар мадҳи хусравии зевар

بسته بر مدح خسروی زیور

Офтоби замонаи шайхи Увайс

آفتاب زمانه شیخ اویس

Ки замона бадваст даври қамар

که زمانه بدوست دور قمر

Калак ӯ даври адлро паргор

کلک او دور عدل را پرگار

Рой ӯ хати ғайбро мстр

رای او خط غیب را مسطر

Бод , сайри ситорааш тобеъ

باد، سیر ستاره‌اش تابع

Бод , даври замонааш чокар

باد، دور زمانه‌اش چاکر

Ончунон шеъри ман ба давлати шоҳ

آنچنان شعر من به دولت شاه

Дар мизоҷ замона карда асар

در مزاج زمانه کرده اثر

Ин сухани суфиёни савмиъа низ

این سخن صوفیان صومعه نیز

Вирд худ кардаанд шому саҳар

ورد خود کرده‌اند شام و سحر

Зоҳидӣ аз куҷо ва мо зи куҷо

زاهدان از کجا و ما ز کجا

Моу дардии кашон бесару по

ما و دردی کشان بی سر و پا