Товуси рӯз то зи уфуқ ҷилва ме кунад
طاووس روز تا ز افق جلوه میکند
Шоҳо , эй рои ту давлати шикори бод
شاها، همای رای تو دولت شکار باد
Ин рӯзгору доираи лоҷувард ро
این روزگار و دایره لاجورد را
Доим ба гирди нуқтаи чатрати мадори бод
دایم به گرد نقطه چترت مدار باد
Ҳар халъати мурод ки мебахшад осмон
هر خلعت مراد که میبخشد آسمان
Аз ҷомаи хонаи карамати мустаъори бод
از جامه خانهٔ کرمت مستعار باد
Хуршедат аз шумори ғуломон дарга аст
خورشیدت از شمار غلامان درگه است
Бар дар турои зи ғуломи чунин сад ҳазор бод
بر در ترا ز غلام چنین صد هزار باد
Гар моҳ бар хилоф муродат кунад мадор
گر ماه بر خلاف مرادت کند مدار
Чун дасти Зуҳраи пои қамар дарнигор бод
چون دست زهره پای قمر در نگار باد
Моҳи қадаҳ чу давр кунад дар сарои айш
ماه قدح چو دور کند در سرای عیش
Ноҳиди хуши сарои турои пардаи дори бод
ناهید خوش سرای ترا پردهدار باد
Ҳар кас ки дар ямини ту чун теғ росих аст
هر کس که در یمین تو چون تیغ راسخ است
Доим чу хотами ту ба зар дар ясори бод
دایم چو خاتم تو به زر در یسار باد
То ҳаст кард ӣнқадари афлокро мадор
تا هست کرد اینقدر افلاک را مدار
Даври ту чун мадори фалак бар қарори бод
دور تو چون مدار فلک بر قرار باد
Бе гирди фитнаи домани охир замон бичин
بی گرد فتنه دامن آخر زمان بچین
Васли қабои давлати ин рӯзгори бод
وصل قبای دولت این روزگار باد
Бо инки нест мисли ман имрӯзи булбулӣ
با اینکه نیست مثل من امروز بلبلی
Чун ман баҳори мадҳи турои сад ҳазор бод
چون من بهار مدح ترا صد هزار باد
Марои як рӯзи шоҳаншоҳи олам
مرا یک روز شاهنشاه عالم
Чароғи дудмони насли одам
چراغ دودمان نسل آدم
Муҳӣти мкрмти гардуни ҳиммат
محیط مکرمت گردون همت
Ҷаҳони салтанат , хуршеди давлат
جهان سلطنت، خورشید دولت
Сарири орои малики урдӯоне
سریر آرای ملک اردوانی
Баҳори давлати Чингизи хонӣ
بهار دولت چنگیز خانی
Ҷаҳонгиру ҷҳонбхшу ҷўонбхт
جهانگیر و جهانبخش و جوانبخت
Ки бархӯрдори бод аз тоҷ ва аз тахт
که برخوردار باد از تاج و از تخت
Фиристод ва ба хилвати пеш худ хонд
فرستاد و به خلوت پیش خود خواند
Ба одати пеши тахт хеш бинишонад
به عادت پیش تخت خویش بنشاند
зи силки назму насри он баҳри зи хор
ز سلک نظم و نثر آن بحر ز خار
Талаб мекард азин табъи гуҳарбор
طلب میکرد ازین طبع گهربار
Чу лаъли ёр дар алфози рангин
چو لعل یار در الفاظ رنگین
Маъонии хешу борӣки ширин
معانی خویش و باریک شیرین
Маро гуфт эй сухангӯии гуҳари санҷ
مرا گفت ای سخنگوی گهر سنج
Чаҳ пинҳон кардае дар кунҷи дили ганҷ ?
چه پنهان کردهای در کنج دل گنج؟
Куҳан шуд қиссаи Фарҳоду хусрав
کهن شد قصه فرهاد و خسرو
Биовар хусравонаи нақшӣ аз нав
بیاور خسروانه نقشی از نو
Намонад он шӯриши ҳалвои ширин
نماند آن شورش حلوای شیرین
Бёромиди ҷӯши вису ромин
بیارامید جوش ویس و رامین
Биовар шоҳиди изории лоиқ
بیاور شاهد عذاری لایق
Ки рамзи оби рухи изору Вомиқ
که رمز آب رخ عذار و وامق
Дарин қробаҳҳои сабзи зркор
درین قرابههای سبز زرکار
Низомиро сияҳ шуд дар шаҳсавор
نظامی را سیه شد در شهسوار
Ривоҷӣ нест он сими куҳан ро
رواجی نیست آن سیم کهن را
Баномами сиккаи нави зани сухан ро
بنامم سکه نو زن سخن را
Мурассаъи сози тоҷу зикри ҷамшед
مرصع ساز تاج و ذکر جمشید
Мунаввар кун чароғи чашми хуршед
منور کن چراغ چشم خورشید
Изори равшани хуршеди узро
عذار روشن خورشید عذرا
Музайян кун ба назмӣ чун сурайё
مزین کن به نظمی چون ثریا
Ҷаҳонро аз сухани даҳ ёдгорӣ
جهان را از سخن ده یادگاری
зи дастии дигараш бар на нигорӣ
ز دستی دیگرش بر نه نگاری
зи айни табъ софӣ кун равони баҳр
ز عین طبع صافی کن روان بحر
Даровар ҳар замони баҳрӣ дар он баҳр
در آور هر زمان بحری در آن بحر
з ҳар ҷинсии ҳикоят дар ҳам омез
ز هر جنسی حکایت در هم آمیز
з ҳар навъе ғазалҳоеи нави ангез
ز هر نوعی غزلهایی نو انگیز
Чу ин олӣ хитоб омад ба гӯшам
چو این عالی خطاب آمد به گوشم
Камари бастанди ақлу фикру ҳушам
کمر بستند عقل و فکر و هوشم
Маро гуфтанд : салмон , вақт дарёб
مرا گفتند: سلمان، وقت دریاب
Ки давлатро муҳайёи гашти асбоб
که دولت را مهیا گشت اسباب
Адои ҳақи панҷаи солаи неъмат
ادای حق پنجه ساله نعمت
Агар дорӣ ҳавас дарёб фурсат
اگر داری هوس دریاب فرصت
з ҳар таврии сухан бо хеши дорӣ
ز هر طوری سخن با خویش داری
зи кону баҳри гавҳар беш дорӣ
ز کان و بحر گوهر بیش داری
Ба тарзи нави маъониро баён кун
به طرز نو معانی را بیان کن
Тарози домани охир замон кун
طراز دامن آخر زمان کن
зи шаштар то ба шоми андари шукри гир
ز ششتر تا به شام اندر شکر گیر
зи Аммон то бади хашон дар гуҳари гир
ز عمان تا بد خشان در گهر گیر
Ба калаки анбарин дар рӯзу шаби боф
به کلک عنبرین در روز و شب باف
Ҳарири шаккаринро дар қсби боф
حریر شکرین را در قصب باف
Адои шукр ҳиммат карда бошӣ
ادای شکر همت کرده باشی
Ҳақи хизмат биҷой оварда бошӣ
حق خدمت بجای آورده باشی
Дар он раҳ чун қалами мшёи алии алрос
در آن ره چون قلم مشیا علی الراس
Шудам дар сухан сифтан ба алмос
شدم در سخن سفتن به الماس
Дили ман дар ҳиҷоби ҳуҷраи фикр
دل من در حجاب حجره فکر
намекард орзӯи ҷузи шоҳиди бикр
نمیکرد آرزو جز شاهد بکر
з рӯй он маъонӣ парда багушӯд
ز روی آن معانی پرده بگشود
Казон маънӣ касеро рӯй нанамуд
کزان معنی کسی را روی ننمود
Либоси назм агар хубаст агар зишт
لباس نظم اگر خوبست اگر زشت
Ба бикрии тору пудаши фикри ман зишт
به بکری تار و پودش فکر من زشت
Ниҳодам бар кафи гетии нигорӣ
نهادم بر کف گیتی نگاری
Бирав бгзоштми хуши ёдгорӣ
برو بگذاشتم خوش یادگاری
зи гардуни бгзронидми сухан ро
ز گردون بگذرانیدم سخن را
Бидон ҳазрати расонидами сухан ро
بدان حضرت رسانیدم سخن را
Ниҳодами ман дарин фирӯзаи миҷмар
نهادم من درین فیروزه مجمر
Басии зи анфоси мишкӣни авду анбар
بسی ز انفاس مشکین عود و عنبر
Ҷаҳон хоҳад муаттари гашти азин буи
جهان خواهد معطر گشت ازین بوی
Кунун чндонкаҳ хоҳад гаштани ин гӯй
کنون چندانکه خواهد گشتن این گوی
Таваққуъ дорам аз ҳар хурдаи ҷӯӣ
توقع دارم از هر خرده جویی
Вази эшон каз карам доранд бӯе
وز ایشان کز کرم دارند بویی
Кигар борӣ бар ояд буии лодан
که گر باری بر آید بوی لادن
Азин миҷмар бар он пӯшанд доман
ازین مجمر بر آن پوشند دامن
Ба фари давлати дорои олам
به فر دولت دارای عالم
Тамаъ дорам грини маънӣ буд кам
طمع دارم گرین معنی بود کم
Кунун хоҳам ҳадиси оғоз кардан
کنون خواهم حدیث آغاز کردن
Дар ганҷи суханро боз кардан
در گنج سخن را باز کردن