Офтобӣ аз шикофи абр ?има ме кунад
آفتابی از شکاف ابر ایما میکند
Ошиқонро дар ҳаво чун зарра расво ме кунад
عاشقان را در هوا چون ذره رسوا میکند
Боз дар зери ниқоби Фстқии рухсори гул
باز در زیر نقاب فستقی رخسار گل
Май намояди булбулонро маст ва шайдо ме кунад
مینماید بلبلان را مست و شیدا میکند
Лаъл ӯ бо ман ба лутф ва ханда мегуяд сухан
لعل او با من به لطف و خنده میگوید سخن
Гавҳари покизаи хеш ошкоро ме кунад
گوهر پاکیزه خویش آشکارا میکند
намешавад бар худ зи ман ошуфтатар кӯи як назар
میشود بر خود ز من آشفتهتر کو یک نظر
Манзари худро ба чашми ман тамошо ме кунад
منظر خود را به چشم من تماشا میکند
Ман равон май резами андари пои сарв ӯ чу об
من روان میریزم اندر پای سرو او چو آب
Он сеӣ сарви хиромони даврӣ аз мо ме кунад
آن سهی سرو خرامان دوری از ما میکند
Гули дарун ғунча маҷмӯаст ва фориғ карда дил
گل درون غنچه مجموعست و فارغ کرده دل
Зончаҳи мискини булбулӣ бар дар тақозо ме кунад
زآنچه مسکین بلبلی بر در تقاضا میکند
Чу бишунид аз шукри зинсони хитобӣ
چو بشنید از شکر زینسان خطابی
Баҳор афрӯз додаш хуши ҷавобӣ
بهار افروز دادش خوش جوابی
Боди ҷонат ба фидои дами боди саҳарӣ
باد جانت به فدای دم باد سحری
Чанд бар ғунча мастур кунӣ пардаи дарӣ
چند بر غنچه مستور کنی پردهدری
Манишин бар дар умед ва мазан ҳалқаи васл
منشین بر در امید و مزن حلقه وصل
Ба аз он нест ки бархезӣу зини даргузарӣ ?
به از آن نیست که برخیزی و زین درگذری؟
Остин пӯш бидон рӯй ки хоҳад кардан
آستین پوش بدان روی که خواهد کردن
Даври рухсори ту чун гули сад барг тарӣ
دور رخسار تو چون گل صد برگ تری
намекунад бар дар гули шърсроиии булбул
میکند بر در گل شعرسرایی بلبل
Блбло чанд даройии зи сари шеъри дарӣ ?
بلبلا چند درآیی ز سر شعر دری؟