Оташ савдо гирифт дар дили шайдои ман

آتش سودا گرفت در دل شیدای من

Шуъла аз аинсон занад вои дилу вои ман

شعله از اینسان زند وای دل و وای من

Нолаи шабҳои ман сар ба фалак ме занад

ناله شبهای من سر به فلک می‌زند

То ба чаҳ хоҳад кашид нолаи шабҳои ман

تا به چه خواهد کشید ناله شبهای من

Мояи савдои мости зулфи ту лекин чаҳ суд

مایه سودای ماست زلف تو لیکن چه سود

Зонка пароканда шуд мояи савдои ман

زانکه پراکنده شد مایه سودای من

Аз сари раҳмати магари ҳам нави шӯии
дастгир

از سر رحمت مگر هم نو شوی دستگیر

Варна чаҳ бархезад аз дасти ман ва
Пои ман

ورنه چه برخیزد از دست من و پای من

Дил чу қабо бастаам бар қад ва
Болои ту

دل چو قبا بسته‌ام بر قد و بالای تو

Ишқи қадати ҷомаи исти рост ба болои ман

عشق قدت جامه‌ایست راست به بالای من

Бас ки раг ҷон задам дар ғами ишқати
Чу чанг

بس که رگ جان زدم در غم عشقت چو چنگ

Ғайри раг ва пӯст нест ҳеҷ бар
Аъзои ман

غیر رگ و پوست نیست هیچ بر اعضای من

Чу шаби ақди сурайё арз кардӣ

چو شب عقد ثریا عرض کردی

На чашми ҷами ҷавоҳир фарз кардӣ

نه چشم جم جواهر فرض کردی

Чу субҳ аз дида ронадӣ ашки
жола

چو صبح از دیده راندی اشک ژاله

Малик низ ин ғазал хондӣ ба
нола

ملک نیز این غزل خواندی به ناله

Дӯши ҷонамро ҳавои буии зулфи
Ёр буд

دوش جانم را هوای بوی زلف یار بود

Дида бар роҳи сабо то субҳдами
Бедор буд

دیده بر راه صبا تا صبحدم بیدار بود

Боди субҳ аз буи ӯ ногуҳи дамии
Дар ман дамид

باد صبح از بوی او ناگه دمی در من دمید

Ростӣ онаст кони дами ин дамами
Дар кор буд

راستی آنست کان دم این دمم در کار بود

Ман фиристодам ба пешати ҷон ба дасти субҳдам

من فرستادم به پیشت جان به دست صبحدم

Зон таъаллул кард боди субҳ , кӯи
Бемор буд

زآن تعلل کرد باد صبح، کو بیمار بود

Ҳбзо вақте ки моро дар
Сробстони васл

حبذا وقتی که مارا در سرابستان وصل

Чун гулу булбули маҷоли хандаи
ВгФтор буд

چون گل و بلبل مجال خنده وگفتار بود

Моҳи мо тобанда буду рӯзи мо
Фархунда буд

ماه ما تابنده بود و روز ما فرخنده بود

Коми мо пурханда буду бахти мо
Бедор буд

کام ما پرخنده بود و بخت ما بیدار بود

Рӯзгории доштами хуш дар замони
Васли ту

روزگاری داشتم خوش در زمان وصل تو

Худ надонистам ки рӯзу рӯзгорони кор буд

خود ندانستم که روز و روزگاران کار بود

Шабӣ дар пои сарвии сохт манзил

شبی در پای سروی ساخت منزل

Ки ҳамчун сарв будаш пой дар гул

که همچون سرو بودش پای در گل

Канори сабзау оби равон буд

کنار سبزه و آب روان بود

Ки аз айни сафои гӯйии равон буд

که از عین صفا گویی روان بود

Малик бар тарафи об ва сабза бинишаст

ملک بر طرف آب و سبزه بنشست

зи мижгони обро бар сабза май баст

ز مژگان آب را بر سبزه می‌بست

Ба шохи сарв бар болои ҳаммомӣ

به شاخ سرو بر بالا حمامی

Мақомӣ дошт ва онгаҳ хуши мақомӣ

مقامی داشت و آنگه خوش مقامی

Чу ҷами нолейдӣ ӯ ҳам нолаи
кардӣ

چو جم نالیدی او هم ناله کردی

Магар ӯ низ дар дил дошт дардӣ

مگر او نیز در دل داشت دردی

Малик бо ӯ ҳадис роз ме гуфт

ملک با او حدیث راز می‌گفت

Ғами дил бо кабӯтар боз ме гуфт

غم دل با کبوتر باز می‌گفت

Ду муштоқ аз фироқи он шаби
нхФтнд

دو مشتاق از فراق آن شب نخفتند

Ҳамаи шаб то ба рӯзи афсонаи
гуфтанд

همه شب تا به روز افسانه گفتند

Малик мегуфт бо нолони кабӯтар

ملک می‌گفت با نالان کبوتر

Ки ҳоли тест аз ҳолами накӯтар

که حال تست از حالم نکوتر

Ту ёрии дорӣу хуррами диёрӣ

تو یاری داری و خرم دیاری

Марои ёрӣ ки бо ман нест борӣ

مرا یاری که با من نیست باری

Ту дар маскан нишаста фориғи албол

تو در مسکن نشسته فارغ‌البال

Ман саргаштаи гардон бепару бол

من سرگشته گردان بی پر و بال

Ман он мурғам ки масканро биҳиштам

من آن مرغم که مسکن را بهشتم

Нахурда дона , ронданд аз биҳиштам

نخورده دانه، راندند از بهشتم

Ман ва ту ҳардуи тавқ шавқ дорем

من و تو هردو طوق شوق داریم

зи зулфи ёзи мишкӣн тавқ дорем

ز زلف یاز مشکین طوق داریم