Ҳилоли зии алҳҷаҳи боз тулӯъ кард аз сипеҳр

هلال ذی الحجه باز طلوع کرد از سپهر

Ба сатҳ ғбро фузуд фурӯғ аз меҳри чеҳр

به سطح غبرا فزود فروغ از مهر چهر

Нишон аздод дод раҳи вафои расми меҳр

نشان اضداد داد ره وفا رسم مهر

Чу аҳди Нӯшервон чу асри бўзрҷмҳўр

چو عهد نوشیروان چو عصر بوذرجمهور

Бишорат адл ёфт зи мақдами ваии ҷаҳон

بشارت عدل یافت ز مقدم وی جهان

Ба базли анъоми оми мҳимни зўолнъм

به بذل انعام عام مهیمن ذوالنعم

Ба уммати Мустафо ки ҳаст хироломм

به امت مصطفی که هست خیرالامم

Қадим ъзўҷл гушӯд боби карам

قدیم عزوجل گشود باب کرم

Ба даъват халқ дод салои ом аз ҳарам

به دعوت خلق داد صلای عام از حرم

Бихон эҳсон ӯ ҷаҳон шудаи миҳмон

بخوان احسان او جهان شده میهمان

Чу ҳуби маҳбӯби сохт ҳабибро ?фоняш

چو حب محبوب ساخت حبیب را فانیش

Кунад нахусти имтиҳони бҳсхти паймоняш

کند نخست امتحان بهسخت پیمانیش

Талаб кунад ҷону мол барои қурбоняш

طلب کند جان و مال برای قربانیش

Агар ба тани чираи гашти ғами гронҷонитш

اگر به تن چیره گشت غم گرانجانیتش

зи даврии базми қурб ба ғам шавад ту амон

ز دوری بزم قرب به غم شود تو امان

Ба нори хулат чу кард халилро арҷманд

به نار خلت چو کرد خلیل را ارجمند

Ба ҳукми брдо салом шуд оқибати сарбаланд

به حکم برداً سلام شد عاقبت سربلند

Сипас бзбҳ писар гирифт теғу каманд

سپس بذبح پسر گرفت تیغ و کمند

Ба ҳалқи фарзанд теғ гузошт бе чун ва чанд

به حلق فرزند تیغ گذاشت بی‌چون و چند

д аз зуҳӯри бдои фидои барояши аён

د از ظهور بدا فدا برایش عیان

Забеҳрогар ки буд нисори ҷони фарзи айн

ذبیح را گر که بود نثار جان فرض عین

Ва ё зи эсори сар ба гарданаш буд дайн

و یا ز ایثار سر به گردنش بود دین

Ба ҳукм мирос шуд фидои насиби ҳусайн

به حکم میراث شد فدا نصیب حسین

Адо кунад то ки дайни шҳншаҳи машриқин

ادا کند تا که دین شهنشه مشرقین

Ба ҷониби каъбаи гашти зи малики Ясриби равон

به جانب کعبه گشت ز ملک یثرب روان

Дар он мақоми шариф ба амри раби ҷалил

در آن مقام شریف به امر رب جلیل

Намӯд идроки қурби зи хизматаши Ҷабраил

نمود ادراک قرب ز خدمتش جبرئیل

зи байъаташи халқро ба сӯй ҳақ шуд далел

ز بیعتش خلق را به سوی حق شد دلیل

Забеҳи оли ъабои слили насли ҷалил

ذبیح آل عبا سلیل نسل جلیل

Барои ҳаҷ видоъ бибаст эҳроми ҷон

برای حج وداع ببست احرام جان

Чаҳ шуд буии кори танги зи душманони дағал

چه شد بوی کار تنگ ز دشمنان دغل

Ба умраи ҳаҷро намӯд эмоми одил ба дил

به عمره حج را نمود امام عادل به دل

Кафан шуд эҳроми ваии зи сарнавишти азал

کفن شد احرام وی ز سرنوشت ازل

Ба Карбало кард ҷои маҳал шуда зон маҳал

به کربلا کرد جا محل شده زان محل

Урӯҷ кард онҷноб ба давраи ломакон

عروج کرد آنجناب به دوره لامکان

Чу гашти миқоти гоҳ барои ӯ Карбало

چو گشت میقات گاه برای او کربلا

Бурид пайванди меҳри зи улфати мосўо

برید پیوند مهر ز الفت ماسوا

Ба аҳди рӯзи аласти з рӯй сидқу сафо

به عهد روز الست ز روی صدق و صفا

Ба шавқ қурбон намӯд халили сон дар мно

به شوق قربان نمود خلیل سان در منا

Чу Асғарии шери хор чу Акбарии навҷавон

چو اصغری شیر خوار چو اکبری نوجوان

Аташгар он шоҳро аз кафи Аннани мейр буд

عطش گر آن شاه را از کف عنان میر بود

Ваёи замин ва замон шуд ба чашмаш чаҳ дӯд

ویا زمین و زمان شد به چشمش چه دود

з додани ҷону сар ба шавқ худ ме фузуд

ز دادن جان و سر به شوق خود می‌فزود

Ба зери шамшер шимур намӯд ҳақро суҷуд

به زیر شمشیر شمر نمود حق را سجود

Ки холис омад буруни зи бутаи имтиҳон

که خالص آمد برون ز بوته امتحان

зи зин чу андари замини азиз зўолмн фитод

ز زین چو اندر زمین عزیز ذوالمن فتاد

Қалами зи туғёни зулм ба даст душман фитод

قلم ز طغیان ظلم به دست دشمن فتاد

Алоҷи захми таниш ба сам тавсан фитод

علاج زخم تنش به سم توسن فتاد

Тани вай аз сари ҷудои сари вай аз тан фитод

تن وی از سر جدا سر وی از تن فتاد

Таниш ба рӯй замини сараши бнўки синон

تنش به روی زمین سرش بنوک سنان

Сиррӣ ки будаш мудом ба сарварони сарварӣ

سری که بودش مدام به سروران سروری

Намӯд хўлӣ ба неи зи хислати кофарӣ

نمود خولی به نی ز خصلت کافری

Ба хоки матбахи ниҳоди рухи маи ховарӣ

به خاک مطبخ نهاد رخ مه خاوری

Намӯд сроти зоти зи ҷаҳли хокистарӣ

نمود سرآت ذات ز جهل خاکستری

Аҷаб гирифт эҳтироми зи миҳмони мизбон

عجب گرفت احترام ز میهمان میزبان

Азизи Заҳрои ҳусайни таҷаммул ва ҷоҳ дошт

عزیز زهرا حسین تجمل و جاه داشت

зи Маккаи чўнбсти бори ҷалол дилхоҳ дошт

ز مکه چونبست بار جلال دلخواه داشت

Ҷнибти хос дар ҷилав ба ҳамроҳ дошт

جنیبت خاص در جلو به همراه داشت

Чу ҳазраташи эҳтирози зи мо сӯй аллоҳ дошт

چو حضرتش احتراز ز ما سوی‌الله داشت

зи ҷумлагии шасти даст ба роҳи ҳақи ройгон

ز جملگی شست دست به راه حق رایگان

Чигуна инсоф буд Аё сипеҳри ду ранг

چگونه انصاف بود ایا سپهر دو رنگ

Ки бар ҳарими ҳусайн чунон шавад кори танг

که بر حریم حسین چنان شود کار تنگ

Ки оқибати кӯфӣони гузашта аз ному нанг

که عاقبت کوفیان گذشته از نام و ننگ

Ба итрати Мустафо ( с ) чу бунагони фаранг

به عترت مصطفی(ص) چو بنگان فرنگ

Пай тасдиқ диҳанд ба Кӯфаи хрмоўнон

پی تصدیق دهند به کوفه خرماونان

Чунон шуданд итраташ ба Кӯфа бе эҳтиром

چنان شدند عترتش به کوفه بی‌احترام

Ки сар бараҳна шуданд равон ба бозори шом

که سر برهنه شدند روان به بازار شام

Назорагар марду зан ба ҳар тарафи хосу ом

نظاره‌گر مرد و زن به هر طرف خاص و عام

Гуҳӣ ба вайронаи ҷои гуҳӣ ба зиндони мақом

گهی به ویرانه جا گهی به زندان مقام

Чу тоири бастаи пар чу мурғ бе ошён

چو طایر بسته پر چو مرغ بی‌آشیان

Ба чашми зайнаби ҷаҳон сиёҳ шуд ҳамчуи шаб

به چشم زینب جهان سیاه شد همچو شب

Дамӣ ки дид ошно ба ташт зад аз ғазаб

دمی که دید آشنا به طشت زد از غضب

зи қаҳри чӯби язид ба раси шоҳи араб

ز قهر چوب یزید به راس شاه عرب

Ниҳоди меҳри сукути зи ғам чун ( сомит ) ба лаб

نهاد مهر سکوت ز غم چون (صامت) به لب

Ки тоқаташ тоқ шуд зи шарҳи ин достон

که طاقتش طاق شد ز شرح این داستان