Ҳар ки дар базми азои шоҳ бесар ме нишинад

هر که در بزم عزای شاه بی‌سر می‌نشیند

Сар ба зонуи баҳри нури чашм ҳайдар ме нишинад

سر به زانو بهر نور چشم حیدر می‌نشیند

Ҳар куҷои ном ҳусайн бошад мукаддар ме нишинад

هر کجا نام حسین باشد مکدر می‌نشیند

Рӯзи маҳшари муҳраи бахташ ба шаш дар ме нишинад

روز محشر مهره بختش به شش در می‌نشیند

Бо батулу Аҳмади мурсал баробар ме нишинад

با بتول و احمد مرسل برابر می‌نشیند

Кард хилқат то хдии лами изли нури ҷанобаш

کرد خلقت تا خدی لم‌یزل نور جنابش

Аз миёни дӯстон хештан кард интихобаш

از میان دوستان خویشتن کرد انتخابش

Ваъда дод аз додани сари шоҳии явми алҳсобш

وعده داد از دادن سر شاهی یوم‌الحسابش

Ҳар ки нӯшади оби ёди оради зи лабҳои кабобаш

هر که نوشد آب یاد آرد ز لبهای کبابش

Рӯзи маҳшар дар канори ҳавз кавсар ме нишинад

روز محشر در کنار حوض کوثر می‌نشیند

Ҳар куҷо гардад асоси мотами он шоҳи барпо

هر کجا گردد اساس ماتم آن شاه برپا

Бо қади хами Мустафо ва Муртазо бошанд дар онҷо

با قد خم مصطفی و مرتضی باشند در آنجا

Хуш ба ҳоли онкӣ дар ғами хонаи дилбанди Заҳро

خوش به حال آنکه در غم خانه دلبند زهرا

Дидаи гирёни синаи сӯзон аз паии мотами муҳайё

دیده گریان سینه سوزان از پی ماتم مهیا

Аз барои хотири Заҳроӣ атҳар ме нишинад

از برای خاطر زهرای اطهر می‌نشیند

Ёдам омад он замони кони қомати тӯбои мисолаш

یادم آمد آن زمان کان قامت طوبی مثالش

Шуд ба хоки Карбалои ғалатон ба роҳи зулҷалолаш

شد به خاک کربلا غلطان به راه ذوالجلالش

Шуд ба сари вақти тани ваии хоҳари бишкастаи болаш

شد به سر وقت تن وی خواهر بشکسته بالش

Ман надонам бо чаҳ ҳолат мешавад огаҳи зи ҳолаш

من ندانم با چه حالت می‌شود آگه ز حالش

Хоҳарӣ кандар сари наъш бародар ме нишинад

خواهری کاندر سر نعش برادر می‌نشیند

Бар замин афтод ва кард он пораи танро зеби доман

بر زمین افتاد و کرد آن پاره تن را زیب دامن

Гуфт кӣ прўдаҳи дӯши набии маҳбӯби зўолмн

گفت کی پروده دوش نبی محبوب ذوالمن

Ҷадат аз борон нигаҳ медошт ҷисматро валикин

جدت از باران نگه می‌داشت جسمت را ولیکن

Бо хбрг гуё набӯд аз ҳоли имрӯзат ки бар тан

با خبرگ گویا نبود از حال امروزت که بر تن

Тир бар болои захми тир то пар ме нишинад

تیر بر بالای زخم تیر تا پر می‌نشیند

Модарат хиролонсо мезад ба гесуи ту шона

مادرت خیرالانسا می‌زد به گیسو تو شانه

Гар сар мӯе шудӣ кам аз сарат бар ин баҳона

گر سر مویی شدی کم از سرت بر این بهانه

Хотираш маҳзун шудӣ баҳри ту эй шоҳи ягона

خاطرش محزون شدی بهر تو ای شاه یگانه

эй дариғо менамӯд охир ки бинад дар замона

ای دریغا می‌نمود آخر که بیند در زمانه

Шимур рӯй синаи ?ут бо даст ханҷар ме нишинад

شمر روی سینه‌ات با دست خنجر می‌نشیند

Омада ба амни сакинае бародар бар сари ту

آمده به امن سکینه‌ای برادر بر سر تو

То бабўсад ҷои Заҳрои ҷаддаи худ ҳнҷри ту

تا ببوسد جای زهرا جده خود حنجر تو

Шикваи шимури ситамгарро кунад андар бар ту

شکوه شمر ستمگر را کند اندر بر تو

Барнаме дорад дил аз ҷисми шарифати духтари ту

برنمی‌دارد دل از جسم شریفت دختر تو

Ҳарчӣ барме дорам ӯро бор дигар ме нишинад

هرچه برمی‌دارم او را بار دیگر می‌نشیند

Гашта оли итратат дар ин биёбони ҷумлаи ?вилон

گشته آل عترتت در این بیابان جمله ویلان

Зини тараф бар он тараф то кӣ кунам рӯ дар биёбон

زین‌طرف بر آن طرف تا کی کنم رو در بیابان

Як тан танҳо даҳуми таскини кадомин як аз эшон

یک تن تنها دهم تسکین کدامین یک از ایشان

Май рӯми кулсумро созам хамӯш аз оҳу афғон

می‌روم کلثوم را سازم خموش از آه و افغان

Ам Лайло бар сари болин Акбар ме нишинад

ام‌لیلا بر سر بالین اکبر می‌نشیند

Рӯзгор охир фиканд андари миёни мо ҷудоӣ

روزگار آخر فکند اندر میان ما جدایی

Ту ба дашт Карбало монадӣ чунин бе ошноӣ

تو به دشت کربلا ماندی چنین بی‌آشنایی

Ман ба шом ва Кӯфа рафтам бо чунин бе ақрбоӣӣ

من به شام و کوفه رفتم با چنین بی‌اقربائی

Гар накардам ман паии ғмхўорити мотами сарое

گر نکردم من پی غمخواریت ماتم‌سرایی

( сомит ) андари мотамат бо дида тар ме нишинад

(صامت) اندر ماتمت با دیده تر می‌نشیند