Соқии зи ҷои хези фасл баҳор шуд
ساقی ز جای خیز، فصلِ بهار شد
Чун талъатнигор олам нигор шуд
چون طَلعتِ نگار، عالم نگار شد
Май даҳ ки ҷяши даии андар фирор шуд
مِی ده که جیشِ دی، اندر فرار شد
Бар тахти салтанати гул устувор шуд
بر تختِ سلطنت، گل استوار شد
Гулшани тараби Фзо чун рӯй ёр шуд
گلشن طربفزا، چو رویِ یار شد
Ҷайбаш фараҳ намӯд тасхири ҳафт хат
جیشِ فرح نمود، تسخیرِ هفتخط
Ёқӯти ҷони ман ёқӯт ҷон биор
یاقوتِ جانِ من، یاقوتِ جان بیار
Лаъли равони ман лаъл равон биор
لعلِ روانِ من، لعلِ روان بیار
Ороми ҷони ман ором ҷон биор
آرامِ جانِ من، آرامِ جان بیار
Яъне шароби ноб чун арғавон биор
یعنی شرابِ نابِ چون ارغوان بیار
Ҷони ҷаҳони ман ҷон ҷаҳон биор
جانِ جهانِ من، جانِ جهان بیار
Хезу пиёларо пар кун зи хӯни шат
خیز و پیاله را، پُر کن ز خونِ شط
ҶўҳрФрўш ақл бингар равон ба Рахш
جوهرفروشِ عقل، بنگر روان به رخش
Шуд дар ҳавои масир аз баҳри базлу бахш
شد در هوا مَسیر، از بهرِ بذل و بخش
Сатҳи замини тамоми моно буд бадахш
سطحِ زمین تمام، مانا بُوَد بدخش
Лаъли гуҳари з чанд бинмуд бахши бахш
لعلِ گهر ز چند، بنمود بخشبخش
Шуд пайкари самин дар интизори бахш
شد پیکرِ سمین، در انتظارِ بخش
Манимо ба ҷони дӯсти моро зи дидаи хат
منما به جانِ دوست، ما را ز دیده خط
Бишинав зи гулистони фарёди булбулӣ
بشنو ز گلسِتان، فریادِ بلبلی
Бингар ба бӯстон дар нолаи слслӣ
بنگر به بوسِتان، در ناله صلصلی
Ҳар як з ҳар тарафи афкандаи ғулғулӣ
هر یک ز هر طرف، افکنده غلغلی
Чанд аз ?илами пареш чун зулфи сунбулӣ
چند از الم پریش، چون زلفِ سنبلی؟
Ҷо кун ба тарафи боғ дар пои навгулӣ
جا کن به طرفِ باغ، در پایِ نوگلی
Ху кун ба як дилӣ аз сари бунаи ғбт
خو کن به یکدلی، از سر بنه غَبَط
Ҳомӯну боғ чун қаср хўрнқ аст
هامون و باغ، چون قصرِ خَوَرنَق است
Ҳамчун биҳишти гашт бо фурӯ равнақ аст
همچون بهشت گشت، با فرّ و رونق است
Мансури ғунчаро зикр аноолҳқ аст
منصورِ غنچه را، ذکرِ «أنا الحق» است
Бурдор шохсори зи он рӯ муъаллақ аст
بر دارِ شاخسار، زآنرو معلق است
Моро ба фазли гули аҳдӣ мувассақ аст
ما را به فضلِ گُل، عهدی موثق است
Гирем хома боз созем хомаи хат
گیریم خامه باز، سازیم خامه خط
Пас ибтидо кунем дар мадҳи шери ҳақ
پس ابتدا کنیم، در مدحِ شیرِ حق
Шоҳӣ ки шуд сабаб бар халқи мо халқ
شاهی که شد سبب، بر خلقِ ماخَلَق
Дорад ба ҷузи набӣ бар мосўои сабақ
دارد به جز نبی، بر ماسوا سبق
Ҷӯяд Уторид аз баҳри саноаши рқ
جوید عطارد از، بهرِ ثناش رَق
Тӯбо шавад қалами арзу самои варақ
طوبیٰ شود قلم، ارض و سما ورق
Натавон зи васф ӯ бинвишт нисфи хат
نتوان ز وصفِ او، بنوشت نصفِ خط
Шоҳи малики хадами моҳи фалаки ҷаноб
شاهِ ملکخدم، ماهِ فلکجناب
Маснад нишин шарҳи мифтоҳи кули боб
مسندنشینِ شرح، مفتاحِ کلِ باب
Бар кун ҷину инс бар ҷумлаи шайху шоб
بر کُل جِن و انس، بر جمله شیخ و شاب
Ҳам марҷаъи алономи ҳам молики алрқоб
هم مرجعالانام، هم مالکالرقاب
Зайнаби даҳ туроб яъне Абӯтуроб
زینتدهِ تراب، یعنی ابوتراب
Ҳам эй нишоти ҳам боис нашат
هم آیهٔ نشاط، هم باعثِ نشط
На атласи сипеҳри атфи сродқш
نُه اطلسِ سپهر، عطفِ سرادقش
Қаттоли морақини сӯзони сқосқш
قتالِ مارقین، سوزان شَقاشِقش
Мҳрўбаҳ матбахӣаст аз қадари хоФқш
محروبه مطبخی است، از قدرِ خافقش
Сидқу сафои ниҳони андари тасодуфаш
صدق و صفا نهان، اندر تصادقش
Набӯд раво ки хонд махлуқи холиқаш
نبوَد روا که خواند، مخلوق، خالقش
Халлоқу халқро гунҷида дар васат
خلاق و خلق را، گنجیده در وسط
Фарзини азмро рӯзӣ ки зин кунад
فرزینِ عزم را، روزی که زین کند
Дар арсаи набарди рӯи баҳр кин кунад
در عرصهٔ نبرد، رو بهرِ کین کند
Кули ҷаҳоти мот аз куфр ва дайн кунад
کلِ جهاتْ مات، از کفر و دین کند
Бар байрақу савори парчин ҷабин кунад
بر بیدق و سوار، پُرچین جبین کند
Бар шоҳ ва бар вазири рӯ аз камӣн кунад
بر شاه و بر وزیر، رو از کمین کند
Даврон бадаст ӯст чун муҳраи васат
دوران به دستِ اوست، چون مهرهٔ وسط
эй ҳсини дайни ҳсин аз дасти теғи ту
ای حِصنِ دین حصین، از دستِ تیغِ تو
Ҳалоли мушкилоти нутқи балиғи ту
حلالِ مشکلات، نطقِ بلیغِ تو
Файёзи баҳру кони кафи Фриғи ту
فیاضِ بحر و کان، کفِ فريغِ تو
Тифлӣаст ақли кул назд ншиғи ту
طفلی است عقلِ کل، نزدِ نشیغِ تو
Чун рӯҳ дар машоми атри ншиғи ту
چون روح در مشام، عطرِ نسیغِ تو
Буии ту ҷонФзост чун бода дар фарт
بویِ تو جانفزاست، چون باده در فَرط
эй дасти зулҷалол эй нури лоязол
ای دستِ ذوالجلال، ای نورِ لایزال!
Дар ҳайратам чаро бо ин ҳамаи ҷалол
در حیرتم چرا، با اینهمه جلال
Монадӣ нав дар Наҷафи осӯда бе малол
ماندی تو در نجف، آسوده بیملال
То шуд ба Карбало аз лашгари залол
تا شد به کربلا، از لشکرِ ضلال
Бе сари ҳусайни ту бо меҳнату клол
بیسَر حسینِ تو، با محنت و کَلال
Аъдодӣ ӯ тамом дар ъушрат ва нашат
اعدایِ او تمام، در عشرت و نَشَط
Як тани набарди ҷони зи он дашти ҳавлнок
یکتن نبُرد جان، زآن دشتِ هولناک
Гӯйӣ ки ибни саъд аз ҳақ надошт бок
گویی که ابنِسعد، از حق نداشت باک
Кард итрати туро аз теғи кини ҳалок
کرد عترتِ تو را، از تیغِ کین هلاک
Танҳо нашуд ҳусайни ғалатон ба хӯну хок
تنها نشد حسین، غلطان به خون و خاک
Ҳар гӯшаи гул рухӣ гардид чоки чок
هر گوشه گلرخی، گردید چاکچاک
Ҳар ҷо смнбрӣ афтод сабзи хат
هر جا سمنبری، افتاد سبزه خط
Шоҳои ҷаҳони чунин кӣ беҳисоб буд
شاها! جهان چنین، کی بیحساب بود؟
Бар итрати расӯл кӣ зулми боб буд
بر عترتِ رسول، کی ظلم باب بود؟
Шати Фурот агар ғалатони зи об буд
شطِ فرات اگر، غلطان ز آب بود
Дар дидаи сҳини мавҷи сароб буд
در دیدهٔ حسین، موجِ سراب بود
Сероби ваҳшу тирўи дил ӯ кабоб буд
سیراب وحش و طیر و دلِ او کباب بود
Аташони шаҳиди гашти охир ба назд шат
عطشان شهید گشت، آخر به نزدِ شط
Рӯ ба қатли шери шоҳон далер шуд
روبَه به قتلِ شیرِ شاهان، دلیر شد
Бе сари ҳайнят аз шимур шарир шуд
بیسَر حسینت، از شمرِ شریر شد
Зулмӣ ба зинат аз чарх пер шуд
ظلمی به زینبت، از چرخِ پیر شد
Каз ҷон ва аз ҷони якбора сайр шуд
کز جان و از جهان، یکباره سیر شد
Дар дасти шомёни зор ва асир шуд
در دستِ شامیان، زار و اسیر شد
Андӯҳи ваии гузашти зи андозаи шат
اندوهِ وی گذشت، ز اندازه شط
эй даҳри ин чунин расм вафо набӯд
ای دهر! این چنین، رسمِ وفا نبود
эй осмони сами аинсон раво набӯд
ای آسمان! ستم، اینسان روا نبود
Ин злмбри ҳусайни биллоҳ баҷо набӯд
این ظلم بر حسین، بالله بهجا نبود
Аз рӯй Мустафо чунат ҳаё набӯд
از رویِ مصطفی، چونت حیا نبود؟
Ин анқтом агар рӯз ҷазо набӯд
این انتقام اگر، روزِ جزا نبود
( сомит ) чаҳ май гузашт бар мо аз ин схт
(صامت) چه میگذشت بر ما، از این سَخَط؟