Гирифт лашгари даии боз рӯй кайҳон ро
گرفت لشکرِ «دی» باز، رویِ کیهان را
Намӯд таии варақи ъушрати гулистон ро
نمود طی، ورقِ عشرتِ گلستان را
Хабар диҳед зи ошӯби даҳри мисатон ро
خبر دهید ز آشوبِ دهر، مستان را
Ки то пазир шаванд офати зимистон ро
که تا پذیر شوند آفتِ زمستان را
Ба дафъи заҳмати даии равнақи шабистон ро
به دفعِ زحمتِ «دی»، رونقِ شبستان را
Диҳанд аз майу неи бонӯи абчинку рубоб
دهند از می و نی، با نوایِ چنگ و رباب
Рабиъи всиФу хриФ ту шуд ба ғифлати сарф
«ربیع» و «صَیف» و «خریف» تو شد به غفلت صرف
Ғаниматаст ба фасли штоءи мавсими барф
غنیمت است به فصلِ «شتاء» موسمِ برف
Ки аз ҳаёт бабандем бо ҳарифони тараф
که از حیات ببندیم با حریفان طرف
Бабори соқии гулчеҳраи зарфҳои шигарф
به بارِ ساقیِ گلچهره، ظرفهای شگرف
Аз он май ғанӣ ва аз тасаввури ин ҳарф
از آن میِ غنی و از تصورِ این حرف
Бапуш чашм ва машав музтариби зи бими азоб
بپوش چشم و مشو مضطرب ز بیمِ عذاب
Чу тори зайнабу пӯли амали баҳами баста
چو تار نیت و پود عمل بههم بسته
Баҳам чун лозиму мулзам ҳар ду писта
بههم چو لازم و ملزوم، هر دو پیوسته
Ба фани бода чаро шайхи шишаи бишкаста
به ظنِ باده چرا شیخ، شیشه بشکسته؟
Накарда ҳамл ба сиҳҳат чигуна длхстаҳ
نکرده حمل به صحت، چگونه دلخسته؟
Қулӯби мо чу зи кули ҷаҳоти ворастаа
قلوبِ ما چو ز کلِ جهات وارسته
зи ҷоми пери хроботёни шудеми хароб
ز جامِ پیرِ خراباتیان شدیم خراب
Маро ки буд зи ин пеши ҷони зи тани навмед
مرا که بود ز این پیش، جان ز تن نومید
зи шурб ин мем Аслан набӯд хавфи ваъид
ز شربِ این مِیَم اصلاً نبود خوف و وعید
Кнўнкаҳи меҳри саодати зи машриқи умед
کنون که مهرِ سعادت ز مشرقِ امید
зи Авни Фолқи алосбоҳ рух намӯд ва дамид
ز عونِ «فالقالاصباح» رخ نمود و دمید
Ки чун вилодати саъди эмом аср расед
که چون ولادتِ سعدِ «امامِ عصر» رسید
Маро чаҳ боки зи андешаи савобу уқоб
مرا چه باک ز اندیشهٔ ثواب و عقاب
Саммии Аҳмади уммӣ вале эзади пок
سمیِّ احمدِ اُمّی، ولیِّ ایزدِ پاک
Қавом ҳастӣ эҷоду анҷуму афлок
قوامِ هستیِ ایجاد و انجم و افلاک
зи хотамяти анбози Сайиди лўлок
ز خاتمیت، انبازِ سیدِ لولاک
Ба маҳдавияти мавсуф дар сарочаи хок
به مهدویتِ موصوف، در سراچهٔ خاک
Муайяни дайну дилу боиси наҷоту ҳалок
معینِ دین و دل و باعثِ نجات و هلاک
Ки ҳарфи муҷмалӣ аз васф ӯст чори китоб
که حرفِ مجملی از وصفِ اوست چار کتاب
Хдиўи хиттаи имкони эмоми асри замон
خدیوِ خطهٔ امکان، امامِ عصر و زمان
Шарики қуръони ҳодии инсу раҳбари ҷон
شریکِ قرآن، هادیِ انس و رهبرِ جان
Зуҳӯр ҳастӣ мутлақи Халифаи арраҳмон
ظهورِ هستیِ مطلق، خلیفه الرحمن
Ба рӯзи ваҳдати воҷиби натиҷаи имкон
به روزِ وحدتِ واجب، نتیجهٔ امکان
з рӯй ӯст ҳувайдо ба қалб ӯст аён
ز رویِ اوست هویدا، به قلبِ اوست عیان
Сифоти эзаду илми мҳимну ҳоб
صفاتِ ایزد و علمِ «مُهیمنِ وهّاب»
Вале амри худованди Меҳдии мавъӯд
ولیِّ امرِ خداوند، مهدیِ موعود
Низоми даҳри васии Муҳамади Маҳмӯд
نظامِ دهر، وصیِّ محمدِ محمود
Баҳами занандаи қонӯни арманӣу яҳуд
بههمزنندهٔ قانونِ ارمنی و یهود
Баҳр чаҳ ҳаст падедор дар ҷаҳони вуҷӯд
به هر چه هست پدیدار در جهانِ وجود
Далели роҳ ба ҳукми ягонаи маъбуд
دلیلِ راه به حکمِ یگانهی معبود
Кафили ризқ ба амри мусаббиби алосбоб
کفیلِ رزق به امرِ مسببالاسباب
Кафи кифоят ӯ кофии тариқи суол
کفِ کفایتِ او، کافیِ طریقِ سؤال
Баёни шоФӣ ӯ мушкилотро ҳалол
بیانِ شافیِ او، مشکلات را حلال
Фанокунандаи шайтони кушандаи даҷол
فناکنندهٔ شیطان، کُشندهٔ دجال
Мухарриби балади куфру ширку буғзӣу залол
مخربِ بلدِ کفر و شرک و بغی و ضلال
Ба ҳифзи силсилаи ақли раҳбари абдол
به حفظِ سلسلهٔ عقل، رهبرِ ابدال
Ба назми риштаи тавҳиди сарвари ақтоб
به نظمِ رشتهٔ توحید، سَرورِ اقطاب
Ҳаким гуяд ва инаст кори ақли басир
حکیم گوید و این است کارِ عقلِ بصیر
Ки нест моҳияти шиӣии инқилоб пазир
که نیست ماهیتِ شئ، انقلابپذیر
Кунун чаҳ гӯям дар ҳақи он сипеҳри сарир
کنون چه گویم در حقِ آن سپهرسریر
Ки чун худост ба таквини коиноти хайбар
که چون خداست به تکوینِ کائنات، خَبیر
Агар кунам ба хдоӣиши шубҳаи зини тақсир
اگر کنم به خدائیش شبهه، زین تقصیر
Ҳазор бори атўби алик ё таввоб
هزار بار اتوبُ الیکَ یا تواب
Шҳншои назари марҳамат ба мо вокн
شهنشها! نظرِ مرحمت به ما وا کن
Ба даҳри фитнау ошӯбро тамошо кун
به دهر، فتنه و آشوب را تماشا کن
Биё ба маснади шаръи Маҳмадӣ ҷо кун
بیا به مسندِ شرعِ محمدی جا کن
Тариқаи набавиро дубора эҳё кун
طریقهٔ نبوی را دوباره احیا کن
зи знки ширки дили халқро мусаффо кун
ز زنگِ شرک، دلِ خلق را مصفا کن
зи интизори баровар дигар дили аҳбоб
ز انتظار برآور دگر دلِ احباب
Ту пушти пардаи ғайбу ҷаҳону куну фасод
تو پشتِ پردهٔ غیب و جهان و کَون و فساد
Шуд аз фасоди муҳайёии сустии бунёд
شد از فساد، مهیایِ سستیِ بنیاد
Бибин таъаддии фиръавнёни зўолоўтод
ببین تعدیِ فرعونیانِ «ذوالاوتاد»
Тамом бехабар аз рбки лбои алмрсод
تمام بیخبر از «ربّک لبالمرصاد»
Тъоли болъҷл эй ҳодии сиблати ршод
تعالَ بالعجل ای هادیِ سبیلِ رشاد
Бизан ба пайкари шарораи сўти азоб
بزن به پیکرِ اشرار، «سوطِ عذاب»
Нигоҳдории дайн дар кафи андарин авқот
نگاهداریِ دین در کف، اندرین اوقات
Гаронтараст зи қабзи ҳадидаи мҳмот
گرانتر است ز «قبضِ حدیدهٔ مُحمات»
Кунанд даъвии диндорӣ ва ба ҷанби Фурот
کنند دعویِ دینداری و به جنبِ فرات
Асоаи уммати ҷади ту эй сутӯдаи сифот
عصاةِ امتِ جدِّ تو ای ستوده صفات
Ба рӯзи ҷумъау ҳангоми зуҳру вақти слўаҳ
به روزِ جمعه و هنگامِ ظهر و وقتِ صلوة
Ғарибу ташнаи ҳусайнро киштанд бар лаби об
غریب و تشنه، حسین را کُشتند بر لبِ آب
Набӯдӣ онкӣ бибинӣ чигуна бекасу фард
نبودی آنکه ببینی چگونه بیکس و فرد
Азизи Фотимаи аташон ба шомён рӯ кард
عزیزِ فاطمه عطشان، به شامیان رو کرد
Ки эй гуруҳи зи имони гузаштаи номард
که ای گروهِ ز ایمان گذشتهی نامرد!
Маро ба ин ҳамаи доғу фироқу меҳнати дард
مرا به اینهمه داغ و فراغ و محنت و درد
Се ҳоҷатаст таманно дар ин замони набард
سه حاجت است تمنا در این زمانِ نبرد
Агар кунед иҷобати марои зи роҳи савоб
اگر کنید اجابت مرا ز راهِ صواب
Нахусти онкӣ барои худо диҳедам роҳ
نخست آنکه برایِ خدا دهیدم راه
Казин диёр ба дарду фиғони нолаи оҳ
کزین دیار، به درد و فغان و ناله و آه
Ман стмздаҳи аи итрати расӯли худо
منِ ستمزده، از عترتِ رسولِ خدا
Барам ба шаҳри Мадина ба ҷади хеши паноҳ
بَرَم به شهرِ مدینه، به جدِّ خویش پناه
Дувуми з тишнагӣ ам шуд ҷаҳон ба дидаи сиёҳ
دوم ز تشنگیام شد جهان به دیده سیاه
Кунедам аз кафи обии алоҷи қалби кабоб
کنیدم از کفِ آبی، علاجِ قلبِ کباب
Сеюм агар нашавад ин ду матлабами ҳосил
سوم اگر نشود این دو مطلبم حاصل
Ба об раҳм сириштаастгар шуморо гул
به آبِ رحم سرشته است گر شما را گِل
Куҷо равост ба як куштаи як ҷаҳони қотил
کجا رواست به یک کُشته، یک جهان قاتل؟
Шудааст кори ман аз зиндагӣ дигар мушкил
شده است کارِ من از زندگی دگر مشکل
Чаҳ мекунед марои бигнаҳи чунин бсмл
چه میکنید مرا بیگنه چنین بِسمِل؟
Барии куштани ман як ба як кунед шитоб
برایِ کُشتنِ من یک به یک کنید شتاب
Ба ҳоҷати сими он гузидаи яздон
به حاجتِ سِیُمِ آن گزیدهٔ یزدان
Сипоҳ шом бибастанд оқибати паймон
سپاهِ شام ببستند عاقبت پیمان
Вале вафо нанамуданд лашгари адуон
ولی وفا ننمودند لشکرِ عدوان
Ба тиру теғу хднки се шуъбау пайкон
به تیر و تیغ و خَدَنگِ سهشعبه و پیکان
Ба сангу чӯбу Асоу амӯду нӯки синон
به سنگ و چوب و عصا و عمود و نوکِ سِنان
Заданд он қадар аз ҳар тараф ки шуд бе тоб
زدند آنقدر از هر طرف که شد بیتاب
Ба ҷои дӯши набӣ бар сарзамин ҷо кард
به جایِ دوشِ نبی، بر سرِ زمینِ جا کرد
Азизи Фотима бар рӯй хок маъво кард
عزیزِ فاطمه بر رویِ خاک مأوا کرد
Макон ба сина ӯ шимур бесар ва по кард
مکان به سینهٔ او، شمرِ بیسر و پا کرد
зи қалби хайри носабру тоб яғмо кард
ز قلبِ خیر ناس، صبر و تاب یغما کرد
Сиришки дида ( сомит ) равон чу дарё кард
سرشکِ دیدهٔ «صامت» روان چو دریا کرد
Намӯд олами эҷодро тамоми хароб
نمود عالمِ ایجاد را تمام خراب