Боз шуд аспаҳбуди фурӯи радро по дар ркиб

باز شد اسپهبدِ فَروَرد را پا در رکیب

Баради афсар аз сардии наҳиф бо як наҳиф

بُرد افسر از سرِ دِی با نهیبِ یک نهیب

Ҳади ҳади боди баҳории бонишоту фурӯи зеб

هدهدِ بادِ بهاری، با نشاط و فرّ و زیب

Бар сулаймон ҳусайн омад абири афшони зи ҷайб

بر سلیمانِ حسین آمد عبیر‌افشان ز جیب

Шоҳиди гул буд мутавории ду рӯзӣ аз ҳҷиб

شاهدِ گل بود متواری، دو روزی در حَجیب

Бози баҳраи чеҳраи ороӣ аён шуд аз ҳиҷоб

باز بهرِ چهره‌آرایی عیان شد از حجاب

намезанад беқорра бар чину хтотлу дмн

می‌زند بی‌غازه بر چین و خطِ تل و دمن

Хоки бустонро буд хосияти машки хутан

خاکِ بستان را بوَد خاصیتِ مشکِ ختن

эйнигор агар сиррии дории сӯии сарви чаман

ای نگار! اگر سَری داری سویِ سروِ چمن

Ҳони приру ёсумани бўёбчми сӯии чаман

هان پری‌رویا، سمن‌بویا، بِچَم سویِ چمن

То зи шавқи маддоҳи домоди ҳусайни шбли ҳасан

تا ز شوقِ مدحِ دامادِ حسین، شِبلِ حسن

Ту кунӣ малику маликро вола ва ман шайху шоб

تو کنی مُلک و مَلِک را واله و من شیخ و شاب

Сездаҳ соли слили Муҷтабои қосим ки ҳаст

سیزده‌ساله سلیلِ مجتبی، قاسم که هست

Ҳамчуи ҳаду боби худ издоншноси ҳақи параст

همچو جد و بابِ خود، یزدان‌شناس و حق‌پرست

Ва чаҳ ҳаст аз беш ва кам хираду калони болоу паст

هر چه هست از بیش و کم، خُرد و کلان، بالا و پست

Роҳи паймо аз туфайлаш аз идда шуд сӯй ҳаст

راه‌پیما از طُفیلش، از عدم شد سویِ هست

Бахшиши вай гар бигирад рӯзии ароблиси даст

بخششِ وی گر بگیرد روزی از ابلیس، دست

Гардадаш брдои сломои садамаи сӯзони шаҳоб

گردَدَش «بَرداً سلاما» صدمهٔ سوزان شهاب

СФўти одам дар ӯ пинҳон чу анфоси Масеҳ

صفوتِ آدم در او پنهان، چو انفاسِ مسیح

Сидқи иброҳӣм аз ӯ пайдо чаҳ ихлоси забеҳ

صدقِ ابراهیم از او پیدا، چو اخلاصِ ذبیح

Толии Айюби андари сабр чун Юсуфи сбиҳ

تالیِ ایوب اندر صبر و چون یوسف صبیح

Сонии ёқӯби андари ҳалам ва чун Аҳмади малеҳ

ثانیِ یعقوب، اندر حلم و چون احمد ملیح

Чобуку чолоку доноу ҷавонмарду фасеҳ

چابک و چالاک و دانا و جوانمرد و فصیح

Фахри ҷаддаи мазҳари ҷади мӯниси ғами ҷони боб

فخرِ جده، مظهرِ جد، مونسِ غم، جانِ باب

Навҷуонеи сарви қадии сабзи хаттӣ бар дилӣ

نوجوانی، سرو‌قدی، سبزخطی، پُردلی

Глрхии насрини изории маи ҷабинии мқблӣ

گلرخی، نسرین‌عذاری، مه‌جبینی، مقبلی

Фитна ҳар анҷумани ғоратгар ҳар маҳфилӣ

فتنهٔ هر انجمن، غارتگرِ هر محفلی

Карда халқи ваии худо аз хуштарин обу гулӣ

کرده خلقِ وی خدا از خوش‌ترین آب و گلی

Дар замини тарбияти нодида чун ваии ҳосилӣ

در زمینِ تربیت نادیده چون وی حاصلی

Дидаи даврони зи навъи хоку боду нору об

دیدهٔ دوران ز نوعِ خاک و باد و نار و آب

Муттасил бо давҳа « кант набиё » реша аш

متصل با دوحهٔ «کنتُ نبیاً» ریشه‌اش

Муттаҳид бо масти ҷом « ман урф » андеша аш

متحد با مستِ جامِ «مَن عَرَف» اندیشه‌اش

Бода аз хмхонаҳи тавҳиди андари шиша аш

باده از خُم‌خانهٔ توحید اندر شیشه‌اش

Ҷабри имони касри аўсон чун ниёкони пеша аш

جبرِ ایمان، کسرِ اوثان، چون نیاکان پیشه‌اش

Пари дилии ширии зи шерони саводи байна аш

پُردلی، شیری ز شیرانِ سوادِ بیشه‌اش

Савлаташ аз дидаи шери фалак бар бӯда хоб

صولتش از دیدهٔ شیرِ فلک بربوده خواب

Бар тбри хӯни лабаши чашму шифоӣ ҳар алил

بر طَبَرخونِ لبش، چشم و شفایِ هر علیل

Хандааш сарчашма « Фимои тсмии слсбил »

خنده‌اش سرچشمهٔ «فیها تُسمّی سلسبیل»

Дар мҳобт бебадӣл ва дар шуҷоат бе ъдил

در مهابت بی‌بدیل و در شجاعت بی‌عدیل

Худ ятем ва моам чаҳор ва ҳафт оборо кафил

خود یتیم و «مامِ چهار و هفت آبا» را کفیل

ӯ забеҳу Карбалои кӯии манӣ ъмши халил

او ذبیح و کربلا کویِ مَنا، عمّش خلیل

Модари ваии ҳоҷари длхстаҳ бесабру тоб

مادرِ وی هاجرِ دل‌خستهٔ بی‌صبر و تاب

Бар ҳусайн дар Карбало чун шаш ҷиҳатро тнгдид

بر حسین در کربلا چون شش جهت را تنگ دید

Сӯии хунхории хаёли кӯфӣ длснг дид

سویِ خونخواری، خیالِ کوفیِ دل‌سنگ دید

Як тараф дар ҷонфишонии фирқа икрнг дид

یک‌طرف در جان‌فشانی فرقهٔ یک‌رنگ دید

Бор ҳастиро ба дӯш худ кашӣдан нанг дид

بارِ هستی را به دوشِ خود کشیدن ننگ دید

Чоҳи андӯҳи дилро мухтасар дар ҷанг дид

چارهٔ اندوهِ دل را منحصر در جنگ دید

Лек номад дар ҷадал аз рухсат ъам комёб

لیک نامد در جدل، از رخصتِ عم کامیاب

Гашт дар баҳри тафаккури ғӯтаи вари андўхим

گشت در بحرِ تفکر غوطه‌ور، اَندر خیَم

То ба ёдаш омад аз тъўизи боби муҳтарам

تا به‌ یادش آمد از تعویذِ بابِ محترم

Дар бар ъам гиромӣ буд он маймуни рақам

در بَرِ عمّ گرامی بُرد آن میمون‌رقم

Шоҳ гуфт эй сарви нави хези биёбони ?илам

شاه گفت ای سروِ نوخیزِ بیابانِ الم!

Сабр кун то ҳиҷлаи ъиштўро бандам ба ҳам

صبر کن تا حجلهٔ عیشِ تو را بندم به‌هم

Ҳол кандар ин замини дорӣ ба қатли худ шитоб

حال کاندر این زمین داری به قتلِ خود شتاب

Гуфт қосими дидаи гирён ки эй ҷони амӯ

گفت قاسم، دیده‌گریان که ای جانِ عمو!

Бо ман баргаштаи кавкаби ҳарф домодӣ магӯ

با منِ برگشته‌کوکب، حرفِ دامادی مگو

Гар буд лоиқи ъмўҷон сахт дорам орзӯ

گر بوَد لایق عموجان! سخت دارم آرزو

То ба пояти сари нуҳум дар ҳашари гирдами сурхи рӯ

تا به پایت سر نهم، در حشر گردم سرخ‌رو

Аз ғам беёрят омад марои ҷон бар гулӯ

از غمِ بی‌یاری‌ات آمد مرا جان بر گلو

Неи бадал мондааст тоқат на ба ҷон мондааст тоб

نی به دل مانده‌ست طاقت، نی به جان مانده‌ست تاب

Кард чун шҳзодаҳи озоди рӯи андари ҷидол

کرد چون شهزادهٔ آزاد، رو اندر جدال

Чори пӯри азрақ аз шамшер вай шуд поймол

چار پورِ «ازرق» از شمشیرِ وی شد پایمال

Солхўрдии ҳамчуи арзқ зон ҷавони хурдсол

سالخوردی همچو ازرق، زان جوانِ خردسال

Гашт ба басар онгаҳе он тори қаҳри зулҷалол

گشت بی‌سر آنگهی آن نارِ قهرِ ذوالجلال

Рахнаи андари кохи куфри афканду баргашт аз қаттол

رخنه اندر کاخِ کفر افکند و برگشت از قتال

Ҳамраҳи фатҳу зафар дар назд шбли Бутуроб

همرهِ فتح و ظفر در نزدِ شِبلِ بوتراب

Шоҳи бҳрхлъти қосим дар он фатҳу зафар

شاه بهرِ خلعتِ قاسم در آن فتح و ظفر

Хотамаши андар даҳон биниҳод ва шуд бор дигар

خاتمش اندر دهان بنهاد و شد بارِ دگر

Бар сипоҳи куфри сайфи шери яздони ҳамлаи вар

بر سپاهِ کفر، سیفِ شیرِ یزدان حمله‌ور

Оқибат борид теғу тир чун абри мтр

عاقبت بارید تیغ و تیر چون ابرِ مَطر

Он қадр бар ҷисми он раънои ҷавони коваради пар

آن‌قدر بر جسمِ آن رعنا جوان کاورد پَر

Пайкари вай чун ҳумоу тавсани вай чу науқоб

پیکرِ وی چون هُما و توسنِ وی چون عُقاب

Шебаи ибн саъд зад бар синаи покаши синон

«شَیبَةِ بنِ سعد» زد بر سینهٔ پاکش سنان

Бар замин афтод аз зин баркашид аз дили фиғон

بر زمین افتاد از زین و برکشید از دل فغان

Кӣ амӯ дарёб қосимро ки аз ҷаври хасон

کای عمو! دریاب قاسم را که از جورِ خسان

Шуд бродрзодаҳи ?ути маҳрӯм аз ҷони ҷаҳон

شد برادرزاده‌ات محروم از جانِ جهان

То нигардидааст ҷон аз ҷисми сад чоками равон

تا نگردیده‌ست جان از جسمِ صدچاکم روان

Чун итмми по ба болинами бунаи баҳри савоб

چون یتیمم، پا به بالینم بنه بهرِ ثواب

Шоҳро аз нола қосим парид аз чеҳраи ранг

شاه را از نالهٔ قاسم پرید از چهره رنگ

Роҳро бар қотили қосим ба майдони басти танг

راه را بر قاتلِ قاسم به میدان بست تنگ

Шуд ба рӯй наъши нўдомоди ваии мағлубаи ҷанг

شد به رویِ نعشِ نودامادِ وی مغلوبه جنگ

Шишаи умеди қосим оқибат омад ба санг

شیشهٔ امیدِ قاسم عاقبت آمد به سنگ

Пайкараш шуд поймоли фирқа беному нанг

پیکرش شد پایمالِ فرقهٔ بی‌ نام‌و‌ننگ

Шуд дил ( сомит ) чу қалби Мустафо аз ғами кабоб

شد دلِ «صامت» چو قلبِ مصطفی از غم کباب