эй зи шӯри нашъаи дунёии фонии саргарон

ای ز شورِ نشئهٔ دنیایِ فانی، سرگران

Саргарон аз соғари савдои саҳбои ҷаҳон

سرگران از ساغرِ سودایِ صهبایِ جهان

Аз ҷаҳолати судро бинмуда савдо бо зиён

از جهالت، سُود را بنموده سودا با زیان

Бишинавӣ то алрҳил ҳамРаҳон аз корвон

بشنوی تا «الرحیلِ» همرهان از کاروان

Кун алоҷи гӯши ҳуши хеш аз ранҷи санам

کن علاجِ گوشِ هوشِ خویش از رنجِ صَمَم

Чанд рӯзӣ дода муҳлати зи имтиҳонати кирдигор

چند روزی داده مهلت ز امتحانت کردگار

Май зании брбоми гардуни гоҳи кӯси ихтиёр

می‌زنی بر بامِ گردون گاه کوسِ اختیار

Гуҳи сӯии тафвиз май ронии саманди иқтидор

گه سویِ تفویض می‌رانی سمندِ اقتدار

намекунӣ гуҳи майли сӯии ҷабр ва дар поёни кор

می‌کنی گه میل سویِ جبر و در پایانِ کار

Нек ва бдро менаҳй дар гардани ҷеффи алқлм

نیک و بد را می‌نهی در گردنِ «جَفَّ القَلَم»

Онкӣ донад аз табиати асл буд кун факон

آنکه داند از طبیعت اصلِ بودِ «کُن فَکان»

намекунад ин кори сунъи кирдигори ломакон

می‌کند این کار، صنعِ کردگارِ لامکان

Ҳрқро аз нор бинад ғарқ аз оби равон

حرق را از نار بیند، غرق از آبِ روان

Қатъро аз оҳан ва аз меъдаи ҳазми обу нон

قطع را از آهن و از معده هضمِ آب و نان

Гӯ бимол аз хоби ғифлати чашмро андак ба ҳам

گو بمال از خوابِ غفلت چشم را اندک به‌هم

Пас чаро шуд оташи сӯзони гулистон бар халил

پس چرا شد آتشِ سوزان گلستان بر خلیل؟

Мӯсо умрон нашуд баҳр чаҳ ғарқ равад нил

موسیِ عمران نشد بهرِ چه غرقِ رودِ نیل؟

Номади асмъил аз теғи халил аз чаҳ қтил

نامد اسماعیل از تیغِ خلیل از چه قتیل؟

Дар наҷоти Юнус аз батн смк баргӯ далел

در نجاتِ یونس از بطنِ سَمَک برگو دلیل

ё намои изъон ба эҷоди ҳдои зўолнъм

یا نما اذعان به ایجادِ خدایِ ذوالنعم

Сунъаи аллоҳӣ ки дорад дар ҳамаи ашёи зуҳӯр

صنعة‌اللهی که دارد در همه اشیا ظهور

Кӣ шавад мастур чун ҳўршиди ғайр аз чашми кӯр

کی شود مستور چون خورشید، غیر از چشمِ کور؟

Онкӣ дорад кибриёро саъй дар итфоъи нур

آنکه دارد کبریا را سعی در اطفایِ نور

Ҳаст чун Иблис аз сари манзили тавфиқи давр

هست چون ابلیس از سرمنزلِ توفیق دور

Дар вуҷӯди вай буд шоистаи маънои адам

در وجودِ وی بود شایسته، معنایِ عدم

Кун алоҷи ин ғубори лағзиши ъмии басар

کن علاجِ این غبارِ لغزشِ «عَمی‌بَصَر»

Аз ғўоити шӯ ба иқлӣми ҳидояти раҳи сипар

از غوایت شو به اقلیمِ هدایت ره‌سپر

Баҳри таҳсили тариқи мазҳаби аснии ъушр

بهرِ تحصیلِ طریقِ مذهبِ اثنی‌عشر

Сӯии таври маърифат чун пӯр умрон кун сафар

سویِ طورِ معرفت چون پورِ عمران کن سفر

Шӯ ба зилли роФти Мӯсои бен ҷаъфари Мӯътасим

شو به ظلِّ رأفتِ «موسی بن جعفر» معتصم

Ҳазрати боби алҳавоъиҷи абди солеҳи рукни дайн

حضرتِ باب‌الحوائج، عبدِ صالح، رکنِ دین

Нури чашми Мустафои шбли Амиралмӯъминин

نورِ چشمِ مصطفی، شبلِ امیرالمؤمنین

Қиблаи исломи соҳиби афсари малики яқин

قبلهٔ اسلام، صاحب‌افسرِ ملکِ یقین

Пешвои шаръи Аҳмади муқтадои ростин

پیشوایِ شرعِ احمد، مقتدایِ راستین

Фахри Маккаи зеби замзами асли арқони ҳарам

فخرِ مکه، زیبِ زمزم، اصلِ ارکانِ حرم

Шамъи мисбоҳу чароғи дӯдаи ъбдмноФ

شمعِ مصباح و چراغِ دودهٔ عبدمناف

Онкӣ аз теғи забон бо зумраи аҳлии хилоф

آنکه از تیغِ زبان با زمرهٔ اهلِ خلاف

Чун алӣ карда ба ҳифзи шаръи пайғамбари масоф

چون علی کرده به حفظِ شرعِ پیغمبر مصاف

Грнбди зотши муайяни Мӯсои дарёи шикоф

گر نبد ذاتش معینِ موسیِ دریاشکاف

Буд то субҳи қиёмати ҷой ӯ дар қаърем

بود تا صبحِ قیامت جایِ او در قَعْرِ یَم

Панҷаи аллоҳи шаклаши ҳамчуи ҳайдари бути шикан

پنجهٔ الله‌شکلش همچو حیدر، بت‌شکن

Сарсари қаҳраши балои ҷони ибоди вӣн

صرصرِ قهرش بلایِ جانِ «عُبّادِ وَثَن»

Шаҳриёри олами имкон вале зўолмнн

شهریارِ عالمِ امکان، ولیِ ذوالمنن

Воқифи пинҳону пайдои кошифи сару ълн

واقفِ پنهان و پیدا، کاشفِ سرّ و عَلَن

Манбаи ҷӯаду сахои сарчашмаи фазлу карам

منبعِ جود و سخا، سرچشمهٔ فضل و کرم

Козими алғизӣ ки ҳлмш карда дайнро пойдор

کاظمِ الغیظی که حلمش کرده دین را پایدار

Қудрати яздони зи эҷоди вуҷӯдаши ошкор

قدرتِ یزدان ز ایجادِ وجودش آشکار

Ҳориси малику малики фармондиҳи лайл ва наҳор

حارثِ مُلْک و مَلِک، فرماندهِ لیل و نهار

Мазҳари зоти худои асрори ғайби кирдигор

مظهرِ ذاتِ خدا، اسرارِ غیبِ کردگار

Боиси эҷоди халқи мосўо аз беш ва кам

باعثِ ایجادِ خلقِ ماسوا از بیش و کم

Масдари сунъи азали дебочаи асли қадим

مصدرِ صنعِ ازل، دیباچهٔ اصلِ قدیم

Дар дарёии имомати маънии фаръи Карим

دُرِّ دریایِ امامت، معنیِ فرعِ کریم

Раҳбари дунёу дайни маҷмӯъаи халқи Карим

رهبرِ دنیا و دین، مجموعهٔ خُلقِ عظیم

Ҷинати мавъӯди боқии махзани илми ҳаким

جنتِ موعودِ باقی، مخزنِ علمِ حکیم

Моҳи бурҷи тоўҳои сари сӯраи нуру қалам

ماه بُرجِ «طا و ها»، سَر سورهٔ «نُون و قلم»

Сад чу Мӯсо кулем аллоҳаш аз баҳри суол

صد چو موسی کلیم‌اللهش از بهرِ سؤال

Мондаи ҳайрон « раби арнӣ » гӯй дар таври ҷамол

مانده حیران «ربِّ اَرِنی» گوی در طورِ جمال

Гарчи яктое буд махсӯси зоти зулҷалол

گرچه یکتایی بوَد مخصوصِ ذاتِ ذوالجلال

Лек зоти вай чу зоти кирдигори лоязол

لیک ذاتِ وی چو ذاتِ کردگارِ لایزال

Аз тақарруб муштабаҳ гашта ҳудусаш бо адам

از تقرّب، مشتبه گشته حدوثش با قِدَم

Дар ибодати хома « абдии атънӣ » солҳо

در عبادت، خامهٔ «عبدی اَطِعنی» سال‌ها

Бо худои ломкн дар кунҷи зиндони ошно

با خدایِ لامکان در کنجِ زندان آشنا

Бастаи ҳамчуи шер дар занҷири таслиму ризо

بسته همچو شیر در زنجیرِ تسلیم و رضا

Ҳашт соли он Юсуфи Мисри шаҳодати мубтало

هشت سال آن یوسفِ مصرِ شهادت مبتلا

Тозад аз дунёии фонии ҷониби уқбои қадам

تا زد از دنیایِ فانی جانبِ عقبی قدم

Аз шарори зулми ҳорӯн муштаал шуд пайкараш

از شرارِ ظلمِ هارون مشتعل شد پیکرش

Гашт аз заҳри ҷафои коҳидаҳи ҷисми атҳараш

گشت از زهرِ جفا کاهیده جسمِ اطهرش

Дар ғарибӣ шуд бурун аз ҷисми ҷони анвараш

در غریبی شد برون از جسم، جانِ انورش

Неи ҳабибӣ ба биболин неи табибӣ бар сараш

نی حبیبی به بالین، نی طبیبی بر سرش

Мӯниси ваии оҳи ъолмсўзу ашки дам ба дам

مونسِ وی آهِ عالم‌سوز و اشکِ دم‌به‌دم

Вақти ҷон додани басӣ аз зиндагии дилгир буд

وقتِ جان‌دادن بسی از زندگی دلگیر بود

Ҷони ширинаши зи фикри улфати тани сайр буд

جانِ شیرینش ز فکرِ الفتِ تن سیر بود

Нолааш аз бе касе бисёр бо таъси буд

ناله‌اش از بی‌کسی بسیار با تأثیر بود

Кунад андари поу андари гарданаши занҷир буд

کُند اندر پا و اندر گردنش زنجیر بود

Шуд мусофир чун ба ҷинати зини диёри пролм

شد مسافر چون به جنت زین دیارِ پُرالم

Бо забон ҳол мефармуд бо боди саҳар

با زبانِ حال می‌فرمود با بادِ سحر

К-эии сабо назд ризои андар Мадина кун гузар

کای صبا نزدِ رضا اندر مدینه کن گذر

Гӯ надорад эй ризои боби ғарибати навҳа гар

گو ندارد ای رضا بابِ غریبت نوحه‌گر

Рӯй болини падари як дами қадам нае писар

رویِ بالینِ پدر یک‌دم قدم نِه ای پسر

Дар нигоҳ вопасинат кун марои фориғи зи ғам

در نگاهِ واپسینت کن مرا فارغ ز غم

Дод дар Бағдод чун ҷони он эмоми номурод

داد در بغداد چون جان آن امامِ نامُراد

Чори тани ҳмолро ҳорӯн фиристод аз ъинод

چار تن حمال را هارون فرستاد از عناد

Ҳуҷҷати ҳақро ба рӯй нздбонӣ ҷой дод

حجتِ حق را به رویِ نردبانی جای داد

Шиъёни поки тинати ҷамъи гаштанд аз вдод

شیعیانِ پاک‌طینت جمع گشتند از وداد

То ба иззат дафн карданд он эмоми муҳтарам

تا به عزت دفن کردند آن امامِ محترم

Дод аз мазлӯмии нўбоўаҳи хиролоном

داد از مظلومیِ نوباوهٔ خیرالانام

Зодаи Заҳрои ҳусайн бе муайяни ташнаи ком

زادهٔ زهرا حسینِ بی‌مُعینِ تشنه‌کام

Шоҳи мзбўҳ аз қафо каз зулм бе раҳмони шом

شاهِ مذبوح از قفا کز ظلمِ بی‌رحمانِ شام

Дар замин Карбало карданд ҷои эҳтиром

در زمینِ کربلا کردند جایِ احترام

Пайкарашро поймоли сами асбон аз ситам

پیکرش را پایمالِ سُمِّ اسبان از ستم

Шимур бедайн бо лаби аташони зи ҷисмаши сргрФт

شمرِ بی‌دین با لبِ عطشان ز جسمش سر گرفت

Ба ҷадал бедайн аз ӯ ангушт ва ангуштар гирифт

«بَجدلِ» بی‌دین از او انگشت و انگشتر گرفت

Сорибон аз банди дасташи баҳри банди зргрФт

«ساربان» از بند، دستش، بَهرِ بَندِ زَر گرفت

( сомит ) аз баҳри азояши хома ва дафтар гирифт

«صامت» از بهرِ عزایش خامه و دفتر گرفت

ӯ фиканд андари мусӣбати ларза бар лавҳу қалам

اوفکند اندر مصیبت لرزه بر لوح و قلم