Шом ҳиҷронаст эй дили дидаи умеди дор
شامِ هجران است ای دل، دیده امید دار
эй ҷигари хӯни шӯи зи ҷӯии дидаи хўнбори бор
ای جگر خون شو ز جویِ دیده، خونبار بار
Гиря кун эй чашм чун абри баҳорони зори зор
گریه کن ای چشم، چون ابرِ بهاران زار زار
Ҳамчуи ман эй нола нолон бош ва бар гӯи ёри ёр
همچو من ای ناله، نالان باش و برگو یار یار
Оқибати гаштами зи ҳиҷри он бути Фархори хор
عاقبت گشتم ز هجرِ آن بُتِ فرخار خوار
Ҳар замон созад танамро аз яке озори зор
هر زمان سازد تنم را از یکی آزار زار
эй сабо бинмо бкўии он бути мҳрўӣ рӯй
ای صبا بنما به کویِ آن بُتِ مهروی روی
Рухсати гуфтори аввал зон маи дилҷӯии ҷӯй
رخصتِ گفتار، اول زان مَه دِلجوی جوی
Пас бдонг гулчеҳраам чун булбули хўшгўии гӯй
پس بدان گلچهرهام چون بلبلِ خوشگوی گوی
Сарви қадами зи ҳиҷри аисру мшгини мӯии мӯӣ
سروِ قدّم ز هجرِ، ای،سروِ مشکینموی موی
Орзӯ дорам дамӣ зон зулфи анбари буии буи
آرزو دارم دمی زان زلفِ عنبربوی، بوی
Кош мебудам ба поят эй гул бе хори хор
کاش میبودم به پایت ای گلِ بیخار، خار
То маро шуд мӯии ту эй сару сими андоми дом
تا مرا شد مویِ تو ای سروِ سیماندام، دام
Дар ҷаҳон дигар надидам аз дили худ коми ком
در جهان دیگر ندیدم از دلِ خوشکام، کام
Гоҳ-гоҳе аз муҳаббат бар аз ин гумноми ном
گاهگاهی از محبت، بَر از این گمنام، نام
Қомати ман чун алиф буд ва шуд аз оломи олом
قامتِ من چون الف بود و شد از آلام، لام
Субҳ рӯем бема рӯй ту шуд чун шоми шом
صبحِ رویم بیمَه رویِ تو شد چون شام، شام
Рӯзи бахтам чун ду зулфат шуд аз ин рафтори тор
روزِ بختم چون دو زلفت شد از این رفتار، تار
Ҳар ки дил бар турраи анбари мисолати басти баст
هر که دل بر طُرّهِ عنبرمثالت بست، بست
Сӯии дом аз гулистон чун тоир бурҷаст ҷуст
سویِ دام از گلستان چون طایر برجست، جست
Куштаи тир нигоҳ ?наргаст то ҳаст ҳаст
کشتهٔ تیرِ نگاهِ نرگست تا هست، هست
Олимиро карда аз як ишваи онбди масти маст
عالمی را کرده از یک عشوه آن بَدمست، مست
Ҳар киро дидам грФтрош намеораст раст
هر که را دیدم گرفتارش، نمیآرست رست
Дом дилҳо гашта мӯяти ҳалқаи ҳалқаи тори тор
دامِ دلها گشته مویت حلقه حلقه، تار تار
Боз то ӣнҷо набӯд андар бар аҳбоби боб
باز تا اینجا نبود اندر بَرِ احباب، باب
Шуд зи дарди давряти давр аз дил бе тоби тоб
شد ز دردِ دوریات، دور از دلِ بیتاب تاب
Хушк шуд аз ҷӯии чашму дидаи пари оби об
خشک شد از جویِ چشم و دیدهٔ پرآب، آب
Чанд дар ғифлат кунад он наргиси хўшхўоби хоб
چند در غفلت کند آن نرگسِ خوشخواب، خواب
ё шабӣ дар кулбаам аз меҳр чун маҳтоби тоб
یا شبی در کلبهام از مِهر، چون مهتاب، تاب
ё маро аз марҳамат дар даҳ дар он дарбори бор
یا مرا از مرحمت در دِه، در آن دربار، بار
Рӯзгории бади дилам аз лутф эй дилшоди шод
روزگاری بُد دلم از لطف، ای دلشاد، شاد
Нест аз он рўзгортои ҷафои бунёди ёд
نیست از آن روزگارت ای جفا بنیاد، یاد
Аз тағофулҳои нозат эй ситамгар дод дод
از تغافلهای نازت ای ستمگر، داد داد
Гар рахт аз як назар дода диламро дод дод
گر رُخَت از یک نظر داده دلم را باد باد
Хонаи эҳсони вай то ҳаст ҳаии ободи бод
خانهٔ احسانِ وی تا هست، هی آباد باد
Вар надод уфтад ба дасти ҳукми соҳиби кори кор
ور نداد افتد به دستِ حکمِ صاحبکار، کار
Шери ҳақи шоҳӣ ки чун шамшер берун кард кард
شیرِ حق، شاهی که چون شمشیر بیرون کرد، کرد
Ранги рухи саракашонро ҳамчуи коҳи зарди зард
رنگِ رویِ سرکشان را همچو کاهِ زرد، زرد
Тоб теғаш карда ҷисми кофари дами сарди сард
تابِ تیغش کرده جسمِ کافرِ دمسرد، سرد
Ба аброҳм аз озаргар бурун оварад вирд
بهرِ ابراهیم از آذر، گر برون آورد، وَرد
Ҳам набардӣ ҳаст ӯро гар шавад номарди мард
همنبردی هست او را، گو شود نامرد، مرد
ӯ наҳанги баҳри ҷангу лашкари куффори Фор
او نهنگِ بحرِ جنگ و لشکرِ کفار، فار
Сарварӣ каз сарварии бахшида бар авранги ранг
سروری کز سروری بخشیده بر اورنگ، رنگ
Кард бо ибтол бо теғи ду сар дар ҷанги ҷанг
کرد با اَبطال، با تیغِ دوسر در جنگ، جنگ
Даҳрро бар мушрикин карда чу гӯри танги танг
دهر را بر مشرکین کرده چو گور تنگ، تنگ
Тўтё аз буриши шамшераши зи сад фарсанги санг
توتیا از برشِ شمشیرش، ز صد فرسنگ، سنگ
Ҳаст шахси биҳмои алшроҳмӣ аз нанги нанг
هست شخصِ بیهمالش را همی از ننگ، ننگ
Ҳаст зот бемисолашро ҳаме аз ори ор
هست ذاتِ بیمثالش را همی از عار، عار
Зот ӯ нобӯди зоти ҳазрати маъбуд буд
ذاتِ او نابودِ ذاتِ حضرتِ معبود بود
Аз кафи дарёи нўолш дар ҷаҳони мавҷӯд буд
از کفِ دریا نوالَش در جهان، موجود، جود
Ҳар куҷои теғи шррборши шарари афзуди зуд
هر کجا تیغِ شرربارش شرر افزود، زود
Шуд балад аз ҷисму ҷони душмани мардӯди дӯд
شد بلند از جسم و جانِ دشمنِ مردود، دود
Аз барои дӯстонаши оташ намруд равад
از برایِ دوستانش آتشِ نمرود، رود
Аз барои душманонаши муштаал чун нори нор
از برایِ دشمنانش مشتعل چون نار، نار
эй зи нури оризат дар дидаи пари нури нур
ای ز نورِ عارضت در دیدهٔ پرنور، نور
Дар гадоӣ аз гадоён дарат машҳури ҳўр
در گدایی از گدایانِ درت مشهور، هور
Рӯзгори душманатро иллати носури сур
روزگارِ دشمنت را علتِ ناسور، سور
Дӯстдорони ту дар кунин зи дарди даври давр
دوستدارانِ تو در کونَین ز دردِ دَور، دور
Хайл ғам оварда шоҳо бар ман бе зӯри зӯр
خیلِ غم آورده شاها بر منِ بیزور، زور
Дар тътл то шудам бо нафаси бади ҳанҷори ҷор
در تغافل تا شدم با نفسِ بدهنجار، جار
То буд андари навиштани доли долу золи зол
تا بُوَد اندر نوشتن، دال دال و ذال ذال
Тобўд аз баҳри муддати моҳи моҳу соли сол
تا بُوَد از بهرِ مدّت، ماه ماه و سال سال
То буд андари тлўни зарди зарду оли ол
تا بُوَد اندر تلوّن زرد زرد و آل آل
То буд монанди ( сомит ) гунги гунгу лоли лол
تا بُوَد مانندِ «صامت»، گُنگ گنگ و لال لال
Тоири бахт муҳаббат гирад аз иқболи бол
طایرِ بختِ محبّت گیرد از اقبال، بال
Нахли умри мғбзти оради абри диёри ёр
نخلِ عمرِ مُبغِضَت، نارد به جز ادبار، بار