Шаҳӣ ки маҳзи вуҷӯдаши банноӣ олам шуд

شهی که محضِ وجودش بنایِ عالم شد

з ҳукм ӯст ки бунёни шаръ муҳкам шуд

ز حکمِ اوست که بنیانِ شرع، محکم شد

Ба обёрии теғаши зи хӯни гумроҳон

به آبیاریِ تیغش ز خونِ گمراهان

Баҳори гулшани шаръи расӯл хуррам шуд

بهارِ گلشنِ شرعِ رسول، خرّم شد

Ҳазор бор ба каъбаи Наҷаф шараф дорад

هزار بار به کعبه، نجف شرف دارد

Ки хоки турбати покаши мтоФ одам шуд

که خاکِ تربتِ پاکش مطافِ آدم شد

Нишони арш чаҳ пурсӣ аз ӯ ки панҷа ӯ

نشانِ عرش چه پُرسی از او، که پنجه‌ی او

Нахусти бонӣу баннои арш аъзам шуд

نخست بانی و بنّایِ عرشِ اعظم شد

зи ҳараму азми ҷанобаш буд ки дар хилқат

ز جَزم و عزمِ جنابش بُوَد که در خلقت

Чаҳор унсур бо ихтилоф ҳамдам шуд

چهار عنصرِ با اختلاف، همدم شد

Зуҳӯри нураш агар зи анбиё мўхр шуд

ظهورِ نورش اگر زَ انبیا مؤخر شد

Пас аз набӣ ба ҳамаи анбиё мақдам шуд

پس از نبی به همه انبیا مقدم شد

Назар ба мусҳафи додару файзи крмно

نظر به مصحفِ دادار و فیضِ «کَرَّمنا»

Аз ӯст зодаи одам агар макрам шуд

از اوست زاده‌یِ آدم اگر مُکَرَّم شد

Қавоми малики сулаймон ки буд аз хотам

قوامِ مُلکِ سلیمان که بود از خاتم

Азу бипурс ки ном ки нақш хотам шуд

از او بپرس که، نامِِ که نقشِ خاتم شد؟

Адам вуҷӯд шуд аз он замон ки мем адам

عدم، وجود شد از آن زمان که میمِ عدم

зи лутфи дӯсти бӯови вуҷӯд ӯ хам шуд

ز لطفِ دوست، به واوِ وجودِ او خم شد

Вале дареғ ки андари намози вақти суҷуд

ولی دریغ که اندر نماز، وقتِ سجود

Шикастаи фарқи вай аз теғи ибн мулҷам шуд

شکسته فرقِ وی از تیغِ ابنِ‌ملجم شد

Рухӣ ки бади зи шарафи ашраф аз каломи аллоҳ

رُخی که بُد ز شرف، اشرف از کلام‌الله

зи хӯни ҷабҳаи нўрониш мутарҷим шуд

ز خونِ جبهه‌یِ نورانی‌اش، مترجم شد

Аз ин гуноҳ ки сар зад зи нохалафи писарӣ

از این گناه که سر زد ز ناخلف پسری

Ба нолаи одаму ҳаввои қарин мотам шуд

به ناله، آدم و حوا قرینِ ماتم شد

Набӯд пас ба ҳасани дарди доғ бе падарӣ

نبود بس به حسن دردِ داغِ بی‌پدری؟

Чигуна оби равон дар гулӯӣ ӯ сам шуд

چگونه آبِ روان در گلویِ او سم شد؟

Ҳазор пора ҷигар шуд агар ҳасан аз заҳр

هزار‌پاره جگر شد اگر حسن از زهر

Ҳусайн ки оби вай аз ашки чашм пурнам шуд

حسین، که آبِ وی از اشکِ چشمِ پُرنم شد

зи сӯзи алътши кӯдакони шоҳи шаҳид

ز سوزِ «العطشِ» کودکانِ شاهِ شهید

Ҷаноби Фотима чун мӯии хеш дарҳам шуд

جنابِ فاطمه چون مویِ خویش درهم شد

Ту эй Фуроти надодӣ чаро ба Асғари о

تو ای فرات! ندادی چرا به اصغر، آب؟

Аз об хӯрдани аъдои магари зи ту кам шуд

از آب خوردنِ اعدا، مگر ز تو کم شد؟

Набӯд меҳр чу муҳаррам ба сояи зайнаб

نبود «مِهر» چو مَحرم به سایه‌یِ زینب

Ба дасти кӯфӣу шомӣ чигуна муҳаррам шуд

به دستِ کوفی و شامی چگونه مَحرم شد؟

Танӣ ки дошт ба дӯши набии макони охир

تنی که داشت به دوشِ نبی مکان، آخر

зи сами асби мутарҷим чаҳ исм аъзам шуд

ز سُمِ اسب، «مترجم» چه «اسمِ اعظم» شد!

Барои доғи алии Акбараш ки дар дил буд

برای داغِ علی‌اکبرش که در دل بود

Синону хўлӣу тири се шуъба марҳам шуд

سنان و خولی و تیرِ سه‌شعبه مَرهم شد!

Басаст ( сомит ) аз ин шарҳи ғам ки то сафи ҳашар

بس است «صامت» از این شرحِ غم، که تا صفِ حشر

Фалак ба ларза млоик бинола ҳамдам шуд

فلک به لرزه، ملایک به ناله همدم شد