Рӯзгори умрро ҳангоми фасл арбаъӣн шуд
روزگارِ عُمر را هنگامِ فصلِ اربعین شد
Тири парон то биппар бар кишвари дил дилнишин шуд
تیرِ پَرّان تا به پَر بر کشورِ دل، دلنشین شد
Шаҳри банди тан тазалзул ёфт аз хайли ҳаводис
شهربندِ تن، تزلزل یافت از خیلِ حوادث
Малики қӯтро сипоҳи заъф ҳар сӯ дар камӣн шуд
مُلکِ قوّت را سپاهِ ضعف، هر سو در کمین شد
То з по омад ҳсоди дастгири айни айнак
یارِ پا آمد عصا و دستگیرِ عین، عینک
Махзани дарҷи даҳони холии зи дарҳои смин шуд
مخزنِ دُرجِ دهان، خالی ز دُرّهایِ ثَمین شد
Сафҳаи Кашмӣри сӯрат аз ?хитои навҷуоне
صفحهی کشمیرِ صورت از خطای نوجوانی
Дар куҳулати шаҳриёри пойтахти малик дайн шуд
در کهولت، شهریارِ پایتختِ مُلکِ دین شد
Машку кофуру санавбари беди маҷнӯн дар талаб
مشک و کافور و صنوبر، بیدِ مجنون در طلب
Давру наздик ва наоне ошкоро ва яқин шуд
دور، نزدیک و نهانی، آشکارا و یقین شد
Мояу суд тиҷорат рафт бар ёди хисорат
مایه و سودِ تجارت، رفت بر بادِ خسارت
Злки алФўзи алъзими асбоби хусрон улмубин шуд
«ذلک الفوز العظیم»، اسبابِ «خُسرانِ المبین» شد
Хости сари кӯи тоҷ крмно ниҳанд бар фарқи афсар
خواست سر کو تاج کرّمنا نهند بر فرق افسر
Поймоли нусрати табъи киром алкотбин шуд
پایمال نصرت طبع کرامالکاتبین شد
Растгории зин мҳолк нест мумкин ҳар касе ро
رستگاری زین مهالک نیست ممکن هر کسی را
Ҷуз касе кӯи чокари кӯй Амиралмӯъминин шуд
جز کسی کو چاکرِ کویِ امیرالمؤمنین شد
Ҳазрати мавлои алмўолии раҳбари олии вдонӣ
حضرتِ مولیالموالی، رهبرِ عالیّ و دانی
Онкии хиролмрслинро ибн ъам ва ҷонишин шуд
آنکه خیرالمرسلین را ابنعم و جانشین شد
Кибриёи маддоҳи зоти ваии зи изҳори тақарруб
کبریا مداحِ ذاتِ وی ز اظهارِ تقرّب
Дар збўру ҷумлаи тавроту қуръон мубин шуд
در زبور و جمله تورات و به قرآنِ مبین شد
То ядуллоҳи фавқ аидиҳм шавад машҳӯди олам
تا «یدُ الله، فَوقَ اَیدیهِم» شود مشهودِ عالَم
Дар вуҷӯдаши дасти яздонеи бурун аз остин шуд
در وجودش دستِ یزدانی برون از آسِتین شد
Пеш аз он каз мосўӣ дар мосўӣ бошад нишоне
پیش از آن کز «ماسِوی» در «ماسوی» باشد نشانی
Нури покаши раҳбару устоди ҷбрил амин шуд
نورِ پاکش رهبر و استادِ جبریلِ امین شد
Бандӣ бинмуд аз баси ҳазрати ҷони офарин ро
بندگی بنمود از بس حضرت جانآفرین را
Охир аз абдии атънии мазҳари ҷон офарин шуд
آخر از «عبدی اَطِعنی» مظهرِ جانآفرین شد
Зад қадами гӯйии зи имкон бо сарири ломаконӣ
زد قدم گویی زِ اِمکان بر سریرِ لامکانی
Ончунон бо ваҳдати андари кисвату касрат қарин шуд
آنچنان با وحدت اندر کِسوتِ کثرت قرین شد
Онкӣ дар хоки Наҷаф ҷо кард дар қурби ҷавораш
آنکه در خاکِ نجف جا کرد، در قُربِ جوارش
Бениёз аз ҷинаи алмоўӣу фирдавс барин шуд
بینیاز از «جنّةُالمأوی» و فردوسِ برین شد
Омн аз дӯзах буд дар шӯриш « тблии алсроӣр »
آمن از دوزخ بود در شورش «تُبلَیالسَّرائر»
Ҳар тани хокӣ ки бо меҳру влои вай аҷин шуд
هر تنِ خاکی که با مِهر و وَلایِ وی عجین شد
Ресмони ҳақи парастиро чунон тобед муҳкам
ریسمانِ حقپرستی را چنان تابید مُحکم
То миёни аҳли имони ърўаҳи алўсқоӣ дайн шуд
تا میان اهلِ ایمان، «عروةالوثقایِ» دین شد
Гашти ёри анбёءи як як зи одам то ба хотам
گشت یارِ انبیاء، یکیک زِ آدم تا به خاتم
Муқтадоу пешвои аввалин ва охирин шуд
مقتدا و پیشوایِ اولین و آخرین شد
Бади шаҳоби соқиби аҳзоби шайтони дасти теғаш
بُد شهابِ ثاقبِ احزابِ شیطان، دستِ تیغش
Ҳар куҷои меҳри Рахши тобандаи андари бурҷ зин шуд
هر کجا مِهرِ رُخش، تابنده اندر برجِ زین شد
Теғ лошклш намӯд аз нафии лои исботи ало
تیغِ «لاسیف»اش نُمود از نفیِ «لا»، اثباتِ «إلّا»
Бскаҳ дар роҳи худо бо Аҳмади мурсал муайян шуд
بسکه در راهِ خدا با احمدِ مُرسَل مُعِین شد
Гӯии сабқат аз миёни собқўн алсобқўн зад
گویِ سبقت از میانِ «سابقونالسابقون» زد
То васии нафаси поки раҳма ллъолмин шуд
تا وصیِّ نفسِ پاکِ «رحمةللعالمین» شد
Форси бадару ҷамал бар ҳам зани сафину хабир
فارِسِ بدر و جمل، برهمزنِ صفین و خیبر
Бар умри нокасину қоситин ва морақин шуд
بهرِ عُمرِ ناکثین و قاسطین و مارقین شد
Оқибат аз теғи заҳри олӯдаи насли Муродӣ
عاقبت از تیغِ زهرآلودهیِ نسلِ مرادی
Рўирнгин карду гулгуни рӯ чу рӯз аввалин шуд
رویْ رنگین کرد و گلگون، رو چو روزِ اولین شد
Маҳосинро ки кардӣ зи ашк аз хавфи худотар
آن محاسن را که کردی ز اشکِ از خوفِ خدا تَر
Мавсими перии хизобаши охир аз хӯн ҷабин шуд
موسمِ پیری خضابش آخِر از خونِ جبین شد
Дар фалаки печиди банки вои улё аз млоик
در فلک پیچید بانگِ «وا علیا» از ملایک
Музтариб чун киштӣ бе бодбони сатҳ замин шуд
مضطرب چون کشتیِ بیبادبان سطحِ زمین شد
Шамаи чашми ҳасан аз ашки гулгуни рашки Ҷайҳун
چشمهیِ چشمِ حسن از اشکِ گلگون، رشکِ جیحون
Қомати сарви ҳусайни хам чун камон аз аҳл кин шуд
قامتِ سروِ حسین خم چون کمان از اهلِ کین شد
Рӯзгори халқи имкони тира чун иқболи зайнаб
روزگارِ خلقِ امکان، تیره چون اقبالِ زینب
Қалби олами пари зи хӯн чун қалби кулсум ҳазин шуд
قلبِ عالَم پُر زِ خون، چون قلبِ کلثومِ حزین شد
Баъд қатл ҳед каррори шоҳи Карбало ро
بعدِ قتلِ حیدرِ کرّار، شاهِ کربلا را
Рӯзгори сифлапарвар аз адоват дар камӣн шуд
روزگارِ سفلهپرور از عداوت در کمین شد
Кӯси адуони кӯфти чандон то сари фарзанди Заҳро
کوسِ عُدوان کوفت چندان، تا سَرِ فرزندِ زهرا
Дар замини нинавои зеби синон мушрикин шуд
در زمینِ نینوا، زیبِ سِنانِ مشرکین شد
Аз замини Карбало то шоми вайрон чун асирон
از زمینِ کربلا تا شامِ ویران، چون اسیران
Ҳалқаи занҷиру ғули тавқи гулӯӣ обидин шуд
حلقهیِ زنجیر و غُل، طوقِ گلویِ عابدین شد
Кард бо зайнаби Убайдуллоҳи зулмӣ дар замона
کرد با زینب عبیدالله، ظلمی در زمانه
Дарҳақиқат ба тпрст аз карда вай шармгин шуд
در حقیقت بتپرست از کردهیِ وی شرمگین شد
Рӯзи шаби андари биёбон бар сари хори муғелон
روز و شب اندر بیابان، بر سَرِ خارِ مُغیلان
Хастау маҷрӯҳи пои кӯкон нозанин шуд
خسته و مجروح، پایِ کودکانِ نازنین شد
Итрати шоҳи ҳиҷозиро ба шом аз ҷаври гардун
عترتِ شاهِ حجازی را به شام از جورِ گردون
Ҷой дар базми шароби зодаи ҳинд лъин шуд
جای در بزمِ شرابِ «زادهیِ هندِ لعین» شد
Ҷониби кайвони зи чӯби хайзарони пўрсФён
جانبِ کیوان ز چوبِ خیزرانِ «پورِ سفیان»
Нолаи кулсуму зайнаб аз ясор ва аз ямин шуд
نالهیِ کلثوم و زینب، از یَسار و از یَمین شد
Кавкаби иқбол ( сомит ) аз саодат кард ёрӣ
کوکبِ اقبالِ «صامت» از سعادت کرد یاری
То ба даври хирмани оли паямбари хӯша чин шуд
تا به دورِ خرمنِ آلِ پیمبر، خوشهچین شد