Чун чашми ним масти ту ғоратгарӣ кунад

چون چشمِ نیم‌مستِ تو غارتگری کند

Тороҷи ақлу ҳуши зи ҷин ва парӣ кунад

تاراجِ عقل و هوش ز جن و پری کند

Набӯд дилӣ ки то барад аз дилбарӣу ноз

نبوَد دلی که تا بَرَد از دلبری و ناز

Ҳар лаҳзаи ишваи зи пай дилбарӣ кунад

هر لحظه عشوه ز پیِ دلبری کند

Дорам умеди васли ту бисёру оқибат

دارم امیدِ وصلِ تو بسیار و عاقبت

Тарсам ки шох орзӯем бебарӣ кунад

ترسم که شاخِ آرزویم بی‌بری کند

Пўим ба пои ҳиммат ва кӯшам ба қадари вусъ

پویم به پایِ همت و کوشم به قدرِ وسع

То бахти ҳамраҳеу фалак ёварӣ кунад

تا بخت، همرهی و فلک یاوری کند

Чун гашти кори тнк барам бар касе паноҳ

چون گشت کار تنگ‌، بَرَم بر کسی پناه

То дар миёнаи ман ва ту доварӣ кунад

تا در میانهٔ من و تو داوری کند

Яъне барам ба духтари шери худои амон

یعنی بَرَم به دخترِ شیرِ خدا امان

То ӯ туро ба роҳи вафо раҳбарӣ кунад

تا او تو را به راهِ وفا رهبری کند

Зайнаби азизи Фотима каз иззату шараф

زینب، عزیزِ فاطمه کز عزت و شرف

Рӯҳи аломин ба хок дараш чокарӣ кунад

روح‌الامین به خاکِ درش چاکری کند

Он осмони исмату иффат ки осмон

آن آسمانِ عصمت و عفت که آسمان

Қомат барои саҷдаи вай чанбарӣ кунад

قامت برای سجدهٔ وی چنبری کند

Дар амр ва наҳй ҳар чаҳ бигирад тариқи азм

در امر و نهی هر چه بگیرد طریقِ عزم

Дар ҷяш ӯ қазоу қадар лашгарӣ кунад

در جیشِ او قضا و قدر لشکری کند

Ҷбрили сони пурд ба сӯии арши ҳақи зи фарш

جبریل‌سان پَرَد به سویِ عرشِ حق ز فرش

Гар мӯрро ҳимоят ӯ шҳпрӣ кунад

گر مور را حمایتِ او شهپری کند

Хокӣ ки пои ҷорӣа ӯ бадв расад

خاکی که پایِ جاریهٔ او بدو رسد

Чун оби Хизри даъвии ҷон парварӣ кунад

چون آبِ خضر دعویِ جان‌پروری کند

Нозадгар офтоб бар талъаташи зи ҳасан

نازد گر آفتاب بر طلعتش ز حُسن

Хати шуъоъ бар басараш нштрӣ кунад

خطِ شعاع بر بَصَرش نشتری کند

Не дар сипеҳри рифъати ваии офтобу моҳ

نی در سپهرِ رفعتِ وی، آفتاب و ماه

Ин зарраи намояд ва он ахтарӣ кунад

این ذره‌ای نماید و آن اختری کند

Зебад агар ба воситаи исмату ҳаё

زیبد اگر به واسطهٔ عصمت و حیا

Бар зубдаи нсоءи ҷаҳон меҳтарӣ кунад

بر زبدهٔ نساء جهان مهتری کند

Фалак ифоф дарем тӯҳмат шавад ғариқ

فُلکِ عفاف، در یَمِ تهمت شود غریق

ӯро агар на тарбияташ лангарӣ кунад

او را اگر نه تربیتش لنگری کند

Берун шавад зи боғи ҷинон бо ғулом ӯ

بیرون شود ز باغِ جنان با غلامِ او

Ғулмон агар муъориза ҳамсарӣ кунад

غلمان اگر معارضهٔ همسری کند

Аз илму ҳалами моҳчаҳ Аҳмадӣ занад

از علم و حلم، ماهچهٔ احمدی زَنَد

Вази теғи нутқи муъҷиза ҳайдарӣ кунад

وز تیغِ نطق، معجزهٔ حیدری کُند

Дар фасли дай чу роиҳаи фазл ӯ занад

در فصلِ دی چو رایحهٔ فضلِ او وَزد

Чун навбаҳори сатҳи замин ахзарӣ кунад

چون نوبهار، سطحِ زمین اخضری کند

Бод ар сӯии ҷҳими баради буии ном ӯ

باد ار سویِ جحیم بَرَد بویِ نامِ او

Ғуслин ба коми аҳли сқр кавсарӣ кунад

غِسلین به کامِ اهلِ سَقَر کوثری کند

Фаслӣ накард аз кутуби фазл ӯ рақам

فصلی نکرد از کتبِ فضلِ او رقم

Гирами тамоми арзу само дафтарӣ кунад

گیرم تمامِ ارض و سما دفتری کند

Оянд собирот чу дар арсаи ҳисоб

آیند صابرات چو در عرصهٔ حساب

ӯро расад ки бар ҳамагӣ бартарӣ кунад

او را رسد که بر همگی برتری کند

Крбу балои крбблоро ба ҷони харид

کرب و بلایِ کرببلا را به جان خرید

То бар ҳусайни бурузи бало ёварӣ кунад

تا بر حسین به روزِ بلا یاوری کند

Ҳамроҳии бародар худ кард то ба шом

همراهیِ برادرِ خود کرد تا به شام

Бар кӯдакон бепадараш модарӣ кунад

بر کودکانِ بی‌پدرش مادری کند

Дар Кӯфа дид чун ба сари неи сари ҳусайн

در کوفه دید چون به سرِ نی، سرِ حسین

Гуфт ин сухан ки қалби ҷаҳон озарӣ кунад

گفت این سخن که قلبِ جهان آذری کند:

Кӯи модари ту Фотима каз дил кашад хурӯш

«کو مادرِ تو فاطمه کز دل کشد خروش

Рухсораро зи хӯни ҷигар аҳмарӣ кунад

رخساره را ز خونِ جگر احمری کند؟

Ояд ба дидан ту ва бар нӯки неи назар

آید به دیدنِ تو و بر نوکِ نی، نظر

Бар ин сари бурӣда хокистарӣ кунад

بر این سرِ بریدهٔ خاکستری کند؟

Хӯни ту рехти зодаи мараҷона ва кунун

خونِ تو ریخت زادهٔ مرجانه و کنون

Бо итратати ту даъвии разм оварӣ кунад

با عترت تو دعویِ رزم‌آوری کند؟

Моро кашида бар сари бозор бе ҳиҷоб

ما را کشیده بر سرِ بازار بی‌حجاب

Худ бар сарири ъзу ъло сарварӣ кунад

خود بر سریرِ عز و علا سروری کند؟

Оли зинои ниҳони бпси пардаи виқор

آلِ زنا نهان به پسِ پردهٔ وقار

Бояд ниқоби чеҳраи ҳиҷоб зарӣ кунад

باید نقابِ چهره، حجابِ زری کند؟

Зайнаб ки исмати аллоҳи мутлақ буд чаро

زینب که عصمت‌اللهِ مطلق بُوَد چرا

Гесу ба рухи ниқоби з бемъҷрӣ кунад

گیسو به رخ، نقاب ز بی‌معجری کند؟

Ин як туро ба таъна кунад хориҷии хитоб

این یک تو را به طعنه کند خارجی، خطاب

Он як ба пеши чашми ту ромишгарӣ кунад

آن یک به پیشِ چشمِ تو رامشگری کند!»

эй пардаи пӯши халқи ду олам кҷорў аст

ای پرده‌پوشِ خلقِ دو عالم، کجا رواست

Ибни зиёди зи оли ту парда дарӣ кунад

ابنِ زیاد ز آلِ تو پرده‌دری کند؟

( сомит ) барад ба моҳ аз ин ғуссаи пайки оҳ

«صامت» بَرَد به ماه از این غصه پیکِ آه

Вази ашги дидаи рахнаи бтҳт алсрӣ кунад

وز اشکِ دیده رخنه به تحت‌الثری کند