Мардро дар базли ҷони мардонагӣ пайдо шавад

مرد را در بذلِ جان، مردانگی پیدا شود

Ҳар ки аз ҷон бугзарад ин рутбаро доро шавад

هر که از جان بگذرد، این رتبه را دارا شود

Имтиҳони дӯстӣ дар зер шамшер балост

امتحانِ دوستی، در زیرِ شمشیرِ بلاست

Ифтихори ошиқон аз суди ин савдо шавад

افتخارِ عاشقان از سودِ این، سودا شود

Ҳар ки саргардон буд чўнгў ба чавгони мҳн

هر که سرگردان بُوَد چون گو به چوگانِ مِحَن

Боз чун пари кори андари ҷои по бар ҷо шавад

باز چون پرگار، اندر جای، پابرجا شود

Лаби маъниро кунад ҳар сӯрати қурби ихтиёр

لُبّ معنی وا کند، هر صورتِ قُرب‌اختیار

То муқарраб дар ҳарими қурб аўоднӣ шавад

تا مقرب در حریمِ قربِ «اَو اَدنیٰ» شود

Аз ҳазизи поргини хоку тани пӯшади назар

از حضیضِ پارگینِ خاک و تن، پوشد نظر

То зи дарёии буруни пари лўлў ва лоло шавад

تا ز دریایی برون، پُر لؤلؤ و لالا شود

Шӯраи зори ҷисми вай аз бориши абри бало

شوره‌زارِ جسمِ وی از بارشِ ابرِ بلا

Пари гулу пари сунбулу пари наргис Шаҳло шавад

پُر گل و پُر سنبل و پُر نرگسِ شهلا شود

Аслу аълое ар дар ҷинси ҷинону тан буд

اَسفل و اَعلایی ار در حبسِ جان و تن بُوَد

Давр чун озодагони зини асфал ва аъло шавад

دور چون آزادگان، زین اسفل و اعلیٰ شود

Ҷон ба ҷонон мерасад аз қобилият бе сабаб

جان به جانان می‌رسد از قابلیت بی‌سبب

Зарра чун хуршед гардад қатра кӣ дарё шавад

ذره چون خورشید گردد؟ قطره کی دریا شود؟

Ҳамчуи мусаллам дар ҷаҳон бояд вуҷӯди қобилӣ

همچو مسلم در جهان باید وجودِ قابلی

То мгрноиби мноби зода Заҳро шавад

تا مگر نایب‌منابِ زادهٔ زهرا شود

Чун ҳусайн фармондиҳӣ хоҳад чунин Фрмонбрӣ

چون حسین فرماندهی، خواهد چنین فرمانبری

То ба ҷои пози фурмонаши басар пӯё шавад

تا به جایِ پا، ز فرمانش به سر پویا شود

Нест мумкин гарчи мадҳи вай вале аз шавқи табъ

نیست ممکن گرچه مدحِ وی، ولی از شوقِ طبع

Бояд аз нур дар санояши матлаъӣ иншо шавад

باید از نو در ثنایش مطلعی انشا شود

Бар ҷалолу ҷоҳи мусалламгар касе доно шавад

بر جلال و جاهِ مسلم گر کسی دانا شود

Бар сипеҳр аз пилаи силами тавон боло шавад

بر سپهر از پلهٔ سُلَّم، توان بالا شود

Рӯзи разм аз куштан ва афкандани бадхоҳи вай

روزِ رزم از کشتن و افکندنِ بدخواهِ وی

Қобзи алорўоҳро гум ҳар ду даст ва по шавад

قابض‌الارواح را گم، هر دو دست و پا شود

Зери сами тавсани шхи пўиаҳи срсрткш

زیرِ سُمِ توسنِ شخ‌پویهٔ صرصرتکش

Тӯдаи ғброи ғариқи лаҷа хзро шавад

تودهٔ غبرا غریقِ لُجّهٔ خضرا شود

Кӯради модарзод аз хокқдўмш ғофиласт

کورِ مادرزاد، از خاکِ قدومش غافل است

Варна аз ин тўтёи бинотар аз бино шавад

ورنه از این توتیا بیناتر از بینا شود

Қисса Фирдавсӣ созад маҳв аз лавҳи хаёл

قصهٔ فردوس سازد محو، از لوحِ خیال

Ҳар киро аз хокёни кӯй ӯ маъво шавад

هر که را از خاکیان، کویِ او مأوا شود

Сидқи ислому мусулмонии зи мусаллами бозпурс

صدقِ اسلام و مسلمانی ز مسلم بازپرس

То муҳаққиқ бар ту ин сӯрат аз он маънӣ шавад

تا محقق بر تو این صورت، از آن معنی شود

Ҳар ки хоҳад фари Аҳмад бо шикваи ҳайдарӣ

هر که خواهد فرِّ احمد با شکوهِ حیدری

Ин кароматро дар ӯ бинад взў ҷӯё шавад

این کرامت را در او بیند و زو جویا شود

Холиқи алошёи зи халқаши хост то пушти ҳусайн

خالق‌الاشیا ز خَلقش خواست تا پشتِ حسین

Чун паямбар аз алии муҳкам бар аъдо шавад

چون پیمبر از علی، محکم برِ اعدا شود

Аз киромоташ аҷаб набӯд агар аз ҳукм ӯ

از کراماتش عجب نبوَد اگر از حکمِ او

Мунъакиси андари табиати хилқат ашёъ шавад

منعکس اندر طبیعت، خلقتِ اشیا شود

Вари зи меҳру моҳи нури зулмати рӯзу шубон

ور ز مهر و مه، منور ظلمتِ روز و شبان

Хулди нирону ҷаҳаннами ҷиҳат алмоўӣ шавад

خُلد، نیران و جهنم ، جهت‌المأوی شود

Ёфт аз қурби ҳусайн бо ҳақи тақарруби он ҷаноб

یافت از قُربِ حسین با حق، تقرب آن جناب

Қатра чун восил ба дарё мешавад дарё шавад

قطره چون واصل به دریا می‌شود، دریا شود

Аз шаҳидони ҷусти сабқат дар шаҳодат то ба ҳашар

از شهیدان جُست سبقت در شهادت تا به حشر

Кисвати алсобқўни барқади вай зебо шавад

کسوتِ «السّابِقون» بر قدِ وی زیبا شود

Варна бо як шаҳри душман дар ғарибӣ кас надид

ورنه با یک شهر دشمن، در غریبی کس ندید

Сар ба каф дар ҷонфишонии як тан танҳо шавад

سر به کف در جان‌فشانی، یک تنِ تنها شود

Дод дар зиҳҷаҳи ҷон дар каъбаи кӯии ҳусайн

داد در ذی‌حجه جان، در کعبهٔ کویِ حسین

То баланд аз ҳиммати ваии рутба азҳӣ шавад

تا بلند از همتِ وی، رتبهٔ اضحیٰ شود

Ҳеҷ мазлӯмӣ чу мусаллами дида даврон надид

هیچ مظلومی چو مسلم، دیدهٔ دوران ندید

Қитъаи қитъаи пайкараш аз теғи сар то по шавад

قطعه‌قطعه پیکرش از تیغ، سر تا پا شود

Ташнаи лаб ҷон дод ва медонист гуё ташнаи лаб

تشنه‌لب جان داد و می‌دانست گویا تشنه‌لب

Бар синони раси азизи Сайид бтҳо шавад

بر سنان، رأسِ عزیزِ سیدِ بطحا شود

Ҳамдилӣ бар сар набӯдаш то зи дасти кӯфӣон

همدلی بر سر نبودش تا ز دستِ کوفیان

Вақт ҷон дод буи аз дарди дил гуё шавад

وقتِ جان دادن، به وی از دردِ دل گویا شود

Дошт бо боди сабои ин гуфтугӯ дар зери теғ

داشت با بادِ صبا این گفتگو در زیرِ تیغ

Сӯии глзори ҷинон чун хости раҳ паймо шавад

سویِ گلزارِ جنان، چون خواست رهپیما شود:

К-эй сабогар бигузарӣ дар малики бтҳо аз вафо

«کای صبا! گر بگذری در مُلکِ بطحا از وفا

Бо ҳусайн бар гўчаҳ аз аҳволи мо ҷӯё шавад

با حسین برگو چو از احوالِ ما جویا شود:

эй псръми орзӯ бисёр дар дили доштам

ای پسرعم! آرزو بسیار در دل داشتم

Бори дигар дидаам аз диданат бино шавад

بار دیگر دیده‌ام از دیدنت بینا شود

Бехабар будам ки охир аз нифоқи кӯфӣон

بی‌خبر بودم که آخر از نفاقِ کوفیان

Ваъдаи дидори мо дар маҳшар кубро шавад

وعدهٔ دیدارِ ما در محشرِ کبریٰ شود

КўФё бекас маро киштанд тарсам ё ҳусайн

کوفیان بی‌کس مرا کشتند، ترسم یا حسین!

Зини бтар бедоди эшон бо ту дар фардо шавад

زین بَتَر بیدادِ ایشان با تو در فردا شود

Тарсам аз бе тобии атфолу банки алътш

ترسم از بی‌تابیِ اطفال و بانگِ العطش

Шӯри мшҳр дар замини Карбало барпо шавад

شورِ محشر در زمینِ کربلا برپا شود

Рӯи сӯии рӯму Фрнк аммо манеҳ по дар Ироқ

رو سویِ روم و فرنگ، اما مَنِه پا در عراق

Чашми зайнаби тарсам аз доғи ту хӯн поло шавад

چشمِ زینب ترسم از داغِ تو خون‌پالا شود

Бар замин аз тешаи бедоди тарсами сарнигӯн

بر زمین از تیشهٔ بیداد، ترسم سرنگون

Нахли қади нави ҷавонони сеӣ боло шавад

نخلِ قدِ نوجوانانِ سهی‌بالا شود

Ҳайф меояд маро каз доғи мрки Акбарат

حیف می‌آید مرا کز داغِ مرگِ اکبرت

Хами зи бори меҳнати ғами қомат Лайлӣ шавад

خم ز بارِ محنت و غم، قامتِ لیلی شود

Дасти аббоси аламдори ту тарсами оқибат

دستِ عباسِ علمدارِ تو، ترسم عاقبت

Баҳри об аз тани ҷудо чун шоха тӯбо шавад

بهرِ آب از تن جدا، چون شاخهٔ طوبیٰ شود

Тарсам аз васли арӯс хеш гардад ноумед

ترسم از وصلِ عروسِ خویش گردد ناامید

Ъушрати қосими азо дар рӯз ошуро шавад

عشرتِ قاسم، عزا در روزِ عاشورا شود

Аз барои оби тарсами кӯдаки шшмоҳаҳи ?ут

از برایِ آب، ترسم کودکِ شش‌ماهه‌ات

Чоки ҳулқумаши зи пайкон бар лаб дарё шавад

چاک، حلقومش ز پیکان، بر لبِ دریا شود

Тарсами охири пайкарат аз баъди куштан то се рӯз

ترسم آخر پیکرت از بعدِ کشتن تا سه روز

Ъўр ва урён бияфкан дар доман саҳро шавад

عور و عریان، بی‌کفن در دامنِ صحرا شود

Тарсам аз меҳмонии хўлисртро дар танур

ترسم از مهمانیِ خولی، سرت را در تنور

Рӯй хокистар ба табхи манзил ва маъво шавад

رویِ خاکستر به مَطبخ، منزل و مأوا شود

Бим он дорам ки андари Кӯфау шоми хароб

بیمِ آن دارم که اندر کوفه و شامِ خراب

Итратати гуҳ дар хароби гуҳ ба зиндон ҷо шавад

عترتت گَه در خرابه، گه به زندان جا شود

Ҳайф меояд маро аз ғунчаи лаъли лабат

حیف می‌آید مرا از غنچهٔ لعلِ لبت

Нилӣ аз чӯби ҷафо чун лола ҳмро шавад

نیلی از چوبِ جفا، چون لالهٔ حمرا شود»

( сомто ) бар сар чаҳ дории тарсам аз ин достон

«صامتا»! بر سر چه داری؟ ترسم از این داستان

Маҳшарӣ чун рӯзи маҳшар дар ҷаҳон барпо шавад

محشری چون روزِ محشر در جهان برپا شود