Ҷаҳонро дояи дону хилоиқи ҷумлаи Тифлонаш

جهان را دایه دان و خلایق جمله طفلانش

Ки ҷой шер бошад доимои пари заҳри пастонаш

که جایِ شیر باشد دائماً پُر زهر، پستانش

Хуш ояд доману оғӯши модари Тифлро лекин

خوش آید دامن و آغوشِ مادر طفل را لیکن

Макун ҷои андари оғӯшу зи кафи бигузоради домонаш

مکن جا اندر آغوش و ز کف بگذار دامانش

Наад чун бар лабати лабатро ҷаҳон аз баҳр бӯсед

نهد چون بر لبت لب را جهان از بهرِ بوسیدن

Ту зер чашм бингар ҷониби тезии дандонаш

تو زیرِ چشم بنگر جانبِ تیزیِ دندانش

Аҷаби базмии сети роҳати бахшу рӯҳафзоу ғами Фрсо

عجب بزمی‌ست راحت‌بخش و روح‌افزا و غم‌فرسا

Надонам то чаҳ месоқӣ кунад дар ҷоми мастонаш

ندانم تا چه مِی، ساقی کند در جامِ مستانش

Бидон кин мизбони меҳмони каши каши тўӣии меҳмон

بدان کاین میزبان، مهمان‌کُش کَش تویی مهمان

Параст аз тири ҷои бистар ва бар фарши алвонаш

پُر است از تیر، جایِ بستر و بر فرشِ الوانش

Агар бо дидаи таҳқиқи як дами бенгарӣ доне

اگر با دیدهٔ تحقیق یک‌دم بنگری دانی

Ки ин ҳалвое аз ҳанзал буд лабрези дӯконаш

که این حلوایی، از حنظل بُوَد لبریز دکانش

Чаҳ хокаст ин ки бошад шаҳнаи ғами кори фармоиш

چه خاک است این که باشد شحنهٔ غم، کارفرمایش؟

Чаҳ шаҳраст инки гардӣдааст шери марги султонаш

چه شهر است اینکه گردیده است شیرِ مرگ، سلطانش؟

Буд болини бемории ҳарими қурби ин султон

بُوَد بالینِ بیماری حریمِ قربِ این سلطان

Ки ҳангом ғазаб гардӣда гӯр танг занадонаш

که هنگامِ غضب گردیده گورِ تنگ، زندانش

Чаҳ хоҳад кас ки то эмин шавад аз заҳмати даврон

چه خواهد کَس که تا ایمن شود از زحمتِ دوران؟

Замонии гӯши дили вокн ки гӯям чист дирамонаш

زمانی گوشِ دل واکن که گویم چیست درمانش:

Кашад рахти амон дар сояи амни шаҳаншоҳӣ

کِشد رختِ امان در سایهٔ امنِ شهنشاهی

Ки дорад аз азали тақдири сар дар хати фурмонаш

که دارد از ازل تقدیر، سر در خطِ فرمانش

Маин моҳ банӣ ҳошими лақаби меҳри сипеҳри дайн

مهین ماهِ بنی‌هاشم، لقب مهرِ سپهرِ دین

Абулфазлӣ ки дар фазл ва шараф багазед яздонаш

ابوالفضلی که در فضل و شرف بُگزید یزدانش

Тарози гулшани шоҳи вилояти қади раънояш

طرازِ گلشنِ شاهِ ولایت، قدِ رعنایش

Шуъоъи оризи меҳри дурахшон рӯй Рахшонаш

شعاعِ عارضِ مهرِ درخشان، رویِ رخشانش

Набошад модараши духти пайғамбар лек пайғамбар

نباشد مادرش دختِ پیمبر، لیک پیغمبر

Ба ҷон дорад азизаши бал ба иззати беҳтар аз ҷонаш

به جان دارد عزیزش، بل به عزت بهتر از جانش

Чаҳ аббос онкӣ бошад шамъи айвони шаҳаншоҳӣ

چه عباس آنکه باشد شمعِ ایوانِ شهنشاهی

Ки аз яктои нузули ҳилл ?утӣ гардӣда дар шонаш

که از یکتا، نزولِ «هَل اَتیٰ» گردیده در شأنش

Чаҳ аббос онкӣ бошад навгули гулзори султонӣ

چه عباس آنکه باشد نوگلِ گلزارِ سلطانی

Ки ҷбрил обрӯ гирад зи хоки пои дарбонаш

که جبریل آبرو گیرد ز خاکِ پایِ دربانش

Чаҳ аббоси он ки бошад қӯти қалби сарафрозӣ

چه عباس آن که باشد قوتِ قلبِ سرافرازی

Ки сад чун солеҳи Мӯсои штрбонсти чӯпонаш

که صد چون صالح و موسی، شتربان است و چوپانش

Худованди адуи бандии схомндӣ ки дар бахшиш

خداوندِ عدوبندی، سخامندی که در بخشش

Ки чун як арзан ояд дар назари малики салимонаш

که چون یک ارزن آید در نظر مُلکِ سلیمانش

Буд ҳар ҳафт дӯзахи шуъла аз оташи қаҳраш

بُوَد هر هفت دوزخ، شعله‌ای از آتشِ قهرش

Буд ҳар ҳашт ҷинати нафха аз рӯҳи райҳонаш

بُوَد هر هشت جنت، نفخه‌ای از روحِ ریحانش

Зиёи дидаи аҳбоби хоки марқади покаш

ضیاءِ دیدهٔ احباب، خاکِ مرقدِ پاکش

Синони чашми аъдои шуълаи шамшер баронаш

سنانِ چشمِ اعدا، شعلهٔ شمشیرِ بُرانش

Шуҷоати гашт аз шоҳи вилояти мунтаҳӣ бар вай

شجاعت گشت از شاهِ ولایت منتهی بر وی

Чунон комади вилоят аз падари мироси хоронаш

چنان کامد ولایت از پدر، میراث‌خوارانش

Чу гирад рояти насри ман аллоҳ дар сафи ҳиҷо

چو گیرد رایتِ «نصرٌ من الله» در صفِ هیجا

Фурӯд ояд дамодами ояти аҳсани зи кайвонаш

فرود آید دمادم آیتِ «اَحسَن» ز کیوانش

Шавадгар осмонҳо фарши зери сами икронш

شود گر آسمان‌ها فرش، زیرِ سُمِ یکرانش

Қазо гуяд дареғи ин пари ҳунар тангаст майдонаш

قضا گوید: دریغ! این پُرهنر، تنگ است میدانش

Ба хок даргааш наниҳад касе саргар ба таъзимаш

به خاکِ درگهش ننهد کسی سر، گر به تعظیمش

намедонам ба тарки саҷдаи ман камтари зи шайтонаш

همی‌دانم به ترکِ سجده، من کمتر ز شیطانش

Чу андари шеваи аҳду вафои собит қадам дидаш

چو اندر شیوهٔ عهد و وفا ثابت‌قدم دیدش

Ду мансаб дод андари олами зри ҳии субҳонаш

دو منصب داد اندر عالمِ ذر، حیِّ سبحانش

Яке шуғли аламдории шоҳаншоҳ бе лашкар

یکی شغلِ علمداریِ شاهنشاهِ بی‌لشکر

Яке дигар ба дашти Карбалои саққои Тифлонаш

یکی دیگر به دشتِ کربلا، سقّایِ طفلانش

Чаҳ байрақи дор каз шамшер барон ҷудои дасташ

چه بیرق‌دار کز شمشیرِ بُران، جدا دستش

Чаҳ саққое ки дӯд омад бурун аз коми аташонаш

چه سقایی که دود آمد برون از کامِ عطشانش

Чу ғаш карданд Тифлони ҳусайн аз тишнагӣ омад

چو غش کردند طفلانِ حسین از تشنگی، آمد

Сакина бо яке машки пари об аз чашм гарӣонаш

سکینه با یکی مشکِ پُر‌آب، از چشمِ گریانش

Ки эй ҷони амӯ аз тншгии ҷонам ба лаб омад

که ای جانِ عمو! از تشنگی جانم به لب آمد

На мо ол расӯл ҳастем чун шуд ҳақи эҳсонаш

نه ما آلِ رسول هستیم؟ چون شد حقِ احسانش؟

Гирифт он машкро аббос ва омад дар канори шат

گرفت آن مَشک را عباس و آمد، در کنارِ شط

Шатии андари миёни шат равон шуд аз ду чашмонаш

شطی اندر میانِ شط، روان شد از دو چشمانش

Ба гуфт эй оби пас кӯи ёрят бар зодаи Заҳро

بگفت: ای آب! پس کو یاری‌ات بر زادهٔ زهرا؟

Лаби аташонгузорӣ то ба кӣ дар ин биёбонаш

لبِ عطشان گذاری تا به کی در این بیابانش؟

Агар раҳмӣ набошад бар ҳусайнат эй Фуроти охир

اگر رحمی نباشد بر حسینت، ای فرات! آخر

Дамӣ бингар ки аз сӯзи аташ ғаш карда Тифлонаш

دمی بنگر که از سوزِ عطش، غش کرده طفلانش

Дар ин саҳрои ҳусайни ташна лаб омад ба меҳмонӣ

در این صحرا حسینِ تشنه‌لب آمد به مهمانی

Ту май хоҳӣ ки аз ин омадансозӣ пушаймонаш

تو می‌خواهی که از این آمدن سازی پشیمانش؟

Бигуфт ину кафӣ пар кард аз он об бо афғон

بگفت این و کفی پُر کرد از آن آب و با افغان

Кунад хомӯш то тоби аташ аз коми аташонаш

کند خاموش تا تابِ عطش از کامِ عطشانش

Муруввати байн ки омад аз лаби хушки ҳусайни ёдаш

مروّت بین که آمد از لبِ خشکِ حسین یادش

зи сайли ашк тар шуд рашки Ҷайҳуни тарафи домонаш

ز سیلِ اشک تَر شد رشکِ جیحون، طرفِ دامانش

зи дарёи ташнаи лаб пар кард машки об ва шуд берун

ز دریا تشنه‌لب پُر کرد مَشکِ آب و شد بیرون

Гуҳии чашмаш ба сӯии хаймау гуҳи сӯии адуонаш

گهی چشمش به سویِ خیمه و گه سویِ عدوانش

Ки ногуҳ шуд ҳуҷумовар ба қасди он сарвар

که ناگه شد هجوم‌آور به قصدِ جان آن سرور

Сипоҳи шомӣ ва карданд ҳар сӯи тири боронаш

سپاهِ شامی و کردند هر سو تیربارانش

Ду кофар аз ду сӯи он як зи самти рости он аз чап

دو کافر از دو سو، آن یک ز سمتِ راست و آن از چپ

Ҷудо карданд аз тани бозуӣ чун шохи мараҷонаш

جدا کردند از تن، بازویِ چون شاخِ مرجانش

зи қатъ даст шуд кораши зи даст ва ӯ афтод аз по

ز قطعِ دست شد کارش ز دست و او افتاد از پا

Барои хотир атфол шуд ҳамдасти дандонаш

برایِ خاطرِ اطفال، شد همدستِ دندانش

Гирифт он машк бар дандон ва аз кед қадари ғофил

گرفت آن مَشک بر دندان و از کیدِ قدر غافل

Ки бошад дар камони як партоби пайконаш

که باشد در کمان وی، یکی پرتابِ پیکانش

Шуд аз дасти қазои тирӣ раҳо омад ба машки вай

شد از دستِ قضا تیری رها، آمد به مَشکِ وی

Ба хокаши рехти об ва кард дигари сайр аз ҷонаш

به خاکش ریخت آب و کرد دیگر سیر از جانش

Ба худ гуфтои биё аббос бигузар аз раҳи хайма

به خود گفتا: بیا عباس! بگذر از ره خیمه

Ба роҳи нестӣ рӯ кун ки пайдо нест пойонаш

به راهِ نیستی رو کن که پیدا نیست پایانش

Надонам бо чаҳ рӯи дигари басӯии хаймаи рӯи оре

ندانم با چه رو دیگر به سویِ خیمه رو آری

Намои шармии ту аз рӯй ҳусайн ва аз ятемонаш

نما شرمی تو از رویِ حسین و از یتیمانش

Надонам дар куҷои бад ( сомто ) шери худои он дам

ندانم در کجا بُد «صامتا» شیرِ خدا آن دم؟

Ки нагузорад битозанд асби кин бар ҷисм бе ҷонаш

که نگذارد بتازند اسبِ کین بر جسمِ بی‌جانش