Пас бадал шабҳо фурӯзам шуъла аз ади висол

بس به دل، شب‌ها فروزم شعله از بادِ وصال

Шуд шабистони замирами равшан аз шамъи хаёл

شد شبستانِ ضمیرم روشن از شمعِ خیال

Радаи фонӯс табъам шуд бар парвона ҳо

پردهٔ فانوسِ طبعم شد پُرِ پروانه‌ها

Фикри бикрами бскаҳ ҳамчун шамъ дорам иштиғол

فکرِ بکرم، بس که همچون شمع دارم اشتعال

Пас ба гардуни тир оҳам зад шабихуни неи аҷиб

پس به گردون تیرِ آهم زد شبیخون، نی عجیب

Чун шаҳоб аз сайри тоҳирро бисӯзад пару бол

چون شهاب از سیر، طایر را بسوزد پَر و بال

Неи не аз танагии синаи роҳи оҳам баста шуд

نی‌نی از تنگیِ سینه، راهِ آهم بسته شد

Юсуфи ғами рости зини зиндони бурун рафтани маҳол

یوسفِ غم راست زین زندان، برون رفتن محال

Хосса инак каз каломӣ бо ду сад лофи газоф

خاصه اینک کز کلامی با دو صد لافِ گزاف

Аз харидорон Юсуф гаштаам чун пери зол

از خریدارانِ یوسف گشته‌ام چون پیرِزال

Бар серум зад мадҳи шавқи нави гули гулзори дайн

بر سرم زد مدح و شوقِ نوگلِ گلزارِ دین

Мо канъони вилояти Акбари Юсуфи ҷамол

ماهِ کنعانِ ولایت، اکبرِ یوسف‌جمال

Сарви бустони ҳусайнии онкӣ дар куну макон

سروِ بستانِ حسینی، آنکه در کون و مکان

Дар суҷудаши хам буд қади алифи қадони чўдол

در سجودش خم بُوَد قدِّ الف‌قدان چو دال

Онкии андари сӯрату сират буд Аҳмади назир

آنکه اندر صورت و سیرت بُوَد احمدنظیر

Онкии андари қӯту қудрат буд ҳайдари мисол

آنکه اندر قوت و قدرت بُوَد حیدر‌مثال

Файзи лаъли ҷонФзоишро буд исои марӣз

فیضِ لعلِ جانفزایش را بُوَد عیسی مریض

Моҳ рӯй прзёӣшро кафи Мӯсои залол

ماهِ رویِ پُر‌ضیایش را کَفِ موسی ظِلال

Онкӣ аз васфи камолаши хома аз таҳрири ланг

آنکه از وصفِ کمالش خامه از تحریر، لنگ

Вонкаҳ дар неъмати ҷамолаши хома аз тақрири лол

وانکه در نعتِ جمالش خامه از تقریر، لال

Ҳар ҷамолӣ аз ҷамол ӯст дар ҳади нассоб

هر جمالی از جمالِ اوست در حدِ نصاب

Ҳар камолӣ аз камол ӯст дар ҳади камол

هر کمالی از کمالِ اوست در حدِ کمال

Он ҳажири афкани ҳунармандӣ ки дар рӯзи дағо

آن هژیر‌افکن هنرمندی که در روزِ دغا

Кам буд аз пери золӣ дар масофаши пӯри зол

کم بُوَد از پیرِ زالی در مصافش پورِ زال

Юсуфи канъон агар моҳи ҷамолаши дида буд

یوسفِ کنعان اگر ماهِ جمالش دیده بود

Об мешуд дар чаҳ канъони зи фарти инфеъол

آب می‌شد در چَهِ کنعان ز فرطِ انفعال

Худ ядуллоҳи фавқи аидиҳм баён возеҳаст

خود «یَدُ اللهِ فَوقَ اَیدیهِم» بیانِ واضح است

Қӯти бозуӣ ӯро дар каломи зулҷалол

قوَتِ بازویِ او را در کلامِ ذوالجلال

Даст ӯ дасти алии дасти алӣ даст худост

دستِ او دستِ علی، دستِ علی دستِ خداست

Достони лҳмк лаҳмӣаст бар ин накҳати дол

داستانِ «لَحمُکَ لَحمی» است بر این نکته دال

Гар ки асрор « ҳусайни манӣ » ?ути хӯрда ба гӯш

گر که اسرارِ «حُسَیْنٌ مِنّی»‌ات خورده به گوش

Дорад ин риштаи ҳақиқат то паямбари иттисол

دارد این رشته حقیقت تا پیمبر اتصال

Нисбати ҷон ва танаст ӯро бади он сарвари балӣ

نسبتِ جان و تن است او را بِدآن سرور، بلی

Гар бетон захмӣ расад ҷонро буд ранҷу малол

گر به تن زخمی رسد، جان را بُوَد رنج و ملال

Варна аз баҳр чаҳ андари мотами он нури айн

ورنه از بهرِ چه اندر ماتمِ آن نورِ عین

Сарви қад Мустафо шуд дар ҷинони хам чун ҳилол

سروِ قدِّ مصطفی شد در جَنان خَم چون هلال؟

Оҳ аз он соъат ки он шҳзодаҳ озода кард

آه از آن ساعت که آن شهزادهٔ آزاده کرد

Дар замини Карбало бо кӯфӣони азми қаттол

در زمینِ کربلا با کوفیان عزمِ قتال

Дар ҳарами баҳру доғ ба яксон чун рафт гашт

در حرم بهرِ وداعِ بیکسان چون رفت، گشت

Сайр аз ҷон дидашон чун азътш дар қилу қол

سیر از جان، دیدشان چون از عطَش در قیل و قال

Дид занҳоро ба як сӯи бастаи лаб аз гуфтугӯ

دید زن‌ها را به یک سو بسته لب از گفتگو

Дар таҳайюр бар збоншонгштаҳи гуми роҳи мақол

در تحیّر بر زبان‌شان گشته گم، راهِ مَقال

Як тарафи атфоли кучаки соли баҳри нону об

یک طرف اطفالِ کوچک‌سال بهرِ نان و آب

Аз нафаси афтода бас карда аҷзу абтҳол

از نفس افتاده، بس کردست عجز و ابتهال

Як тараф аз бскаҳи ҳайрони монда бар ҳоли ҳусайн

یک طرف از بس که حیران مانده بر حالِ حسین

Нақш девораст гӯйии зайнаби озурдаи ҳол

نقشِ دیوار است گویی زینبِ آزرده‌حال

Ам Лайлӣ дид чун дорад ҷӯонаши азми ҷанг

امِ لیلی دید چون دارد جوانش عزمِ جنگ

Мот шуд зи инсон ки аз ло ва нъм гардид лол

مات شد زان سان که از «لا» و «نَعَم» گردید لال

Пас видоъ ба яксон бинмуд он сарви равон

پس وداعِ بیکسان بنمود آن سروِ روان

Рӯ ба майдон кард ва гуфт эй фирқаи хусрони мол

رو به میدان کرد و گفت ای فرقهٔ خسران‌مَآل:

Ин шаҳ беёр ва белашгар ки дар ин сарзамин

«این شهِ بی‌یار و بی‌لشکر که در این سرزمین

Ёвар дигар надорад ғайри як мушти аёл

یاورِ دیگر ندارد غیرِ یک مشتِ عیال

Андалеб гулшан дайнаст кандар ин замин

عندلیبِ گلشنِ دین است کاندر این زمین

Хунаки зулми кӯфӣонаш инчунин бишкастаи бол

سنگ ظلمِ کوفیانش این چنین بشکسته بال

Онкӣ омад иллати эҷод то кӣ бар шумо

آنکه آمد علتِ ایجاد، تا کی بر شما

Аз барои қатра бе кунад рӯй суол

از برایِ قطره‌ی آبی کُند رویِ سؤال؟

Аз чаҳ рӯи оби ҳалол ӯро ҳаром омад ҳаром

از چه رو آبِ حلال، او را حرام آمد حرام؟

Хӯн ӯро рехтани пас чун ҳалол омад ҳалол

خونِ او را ریختن پس چون حلال آمد حلال؟»

Пас ба бозуии ялӣ монанди ҷади худ алӣ

پس به بازویِ یَلی، مانندِ جدِ خود علی

Карбалоро чун аҳад бинмуд аз ҷангу ҷидол

کربلا را چون اُحُد بنمود از جنگ و جدال

Мтқзи бен мараи абдии шикаст аз теғи тез

مُنقِذِ بنِ مُرِّهٔ عبدی شکست از تیغِ تیز

Оқибати он шоҳбози авҷи дайнро пару бол

عاقبت آن شاهبازِ اوجِ دین را پَر و بال

Шабаҳи Аҳмадро з нав кард ояти шқи алқмр

شبهِ احمد را ز نو کرد آیتِ شق‌القمر

Зоҳир аз пешонии шамшери зулми он бдФъол

ظاهر از پیشانیِ شمشیرِ ظلمِ آن بدفعال

Бскаҳи хӯни рФтои зи тани маҷрӯҳи вай якбора рафт

بس که خون رفت از تنِ مجروحِ وی، یکباره رفت

Риштаи тоқати зи дасти он ҷавони хурдсол

رشتهٔ طاقت ز دستِ آن جوانِ خردسال

Дидаи баст аз ҷони ширин ва дар охир ӯ фиканд

دیده بست از جانِ شیرین و در آخر، او فکند

Дастро дар гардани асби уқоб аз заъфи ҳол

دست را در گردنِ اسبِ عُقاب از ضعفِ حال

Чун ҳусайн омад ба срўқти ҷавони хештан

چون حسین آمد به سروقتِ جوانِ خویشتن

Дид по то сар ба хӯни ҷисми шарифаши моли мол

دید پا تا سر به خون، جسمِ شریفش مال‌مال

Бар кашида оҳ аз дил пурдард гуфт эй навҷавон

برکشیده آه از دلِ پُردرد و گفت ای نوجوان:

Мондани ҷони баъди ту дар тан буд амри маҳол

«ماندنِ جان بعدِ تو در تن بُوَد امرِ محال

Дар ҷавоби модарати Лайло чаҳ гӯям дар ҳарам

در جوابِ مادرت لیلا چه گویم در حرم

Гар бипурсад аз ман аҳволи ту эй некӯи хисол

گر بپرسد از من احوالِ تو ای نیکو‌خصال؟»

Чун дили зори навоеи хуб аз санги фироқ

چون دلِ زارِ «وفایی» خوب از سنگِ فراق

Қалби боби худ шикастӣ эй маи бурҷи висол

قلبِ بابِ خود شکستی ای مَه بُرجِ وصال!