Бетаи биё май гулгуни зи нав ба соғар кун
بُتا بیا میِ گلگون ز نو به ساغر کن
Машоми маҷлисёнро дамӣ муаттар кун
مشامِ مجلسیان را دمی معطر کن
Фусурдаи гашти димоғам барои роҳати рӯҳ
فسرده گشت دماغم، برایِ راحتِ روح
Биор соғари саршори коми ҷон тар кун
بیار ساغرِ سرشار و کامِ جان تر کن
Дилами зи мавъиза шайх шуд қарини малол
دلم ز موعظهی شیخ شد قرینِ ملال
Барои масаълаи ишқи ҷо ба минбар кун
برایِ مسئلهی عشق جا به منبر کن
Ба остонаи маъшӯқ агар бихоҳӣ бор
به آستانهی معشوق اگر بخواهی بار
Ба аҷзи рӯ ба сӯии остон ҳайдар кун
به عجز رو به سویِ آستانِ حیدر کن
Ба хоки даргаи домоди Фотимаи сар на
به خاکِ درگهِ دامانِ فاطمه سر نه
Мақоми хеши зи арши ъло фаротар кун
مقامِ خویش ز عرشِ علا فراتر کن
Барои ҳифзи тану ҳрзҷони сабоҳу мсо
برایِ حفظِ تن و حرزِ جان، صباح و مسا
Мудоми номи громши зи шавқ аз бар кун
مدام نامِ گرامش ز شوق از بر کُن
Бдрки ваҳдати воҷиб ба кисвати имкон
به درکِ وحدتِ واجب به کسوتِ امکان
Биравӣ ӯнгару сайри сунъ довар кун
به رویِ او نگر و سیرِ صُنعِ داور کن
Аё алии вори шаҳсавори малики вуҷӯд
ایا علی ای شهسوارِ ملکِ وجود
Биёу ҷои басари минбар паямбар кун
بیا و جا به سرِ منبرِ پیمبر کن
Бо ъўҷоҷ кашидааст кори шаръи набӣ
به اعوجاج کشیده است کارِ شرعِ نبی
зи зулфиқори дӯдами кори куфр яксар кун
ز ذوالفقارِ دودم کارِ کفر یکسر کن
Шудаи татовули ёҷўҷи ширки олами гир
شده تطاولِ یاجوجِ و شرک عالمگیر
Биёи хароби ҷаҳонро чу ҳсн хайбар кун
بیا خرابِ جهان را چو حصنِ خیبر کن
Ҷаҳон пер шуд аз дӯди зулми тирау тор
جهانِ پیر شد از دودِ ظلم، تیره و تار
зи чеҳраи сафҳаи офоқро мунаввар кун
ز چهره، صفحهی آفاق را منور کن
Ба коми мардуми бади номи гардиши айём
به کامِ مردمِ بدنام گردشِ ایام
Бибин вазиру зибри даҳрро ба кайфар кун
ببین و زیر و زبر، دهر را به کیفر کن
Бунаи бкрбу балои гомӣ аз диёри Наҷаф
بِنه به کربوبلا گامی از دیارِ نجف
Назар ба ҳоли ҳусайни ғариб бесар кун
نظر به حالِ حسینِ غریبِ بیسر کن
Ба интизор қиёмат нишаста то чанд
به انتظارِ قیامت نشستهای تا چند؟
Ба дашти крбблои сайри рӯз маҳшар кун
به دشتِ کربوبلا سیرِ روزِ محشر کن
Барои қатл ҳусайнат кашида ханҷар ро
برایِ قتلِ حسینت کشیده خنجر را
Сифориши писаратро бшмр кофар кун
سفارشِ پسرت را به شمرِ کافر کن
Ҳусайн ки шираи ҷони набӣ чу шер макед
حسین که شیرهٔ جانِ نبی چو شیر مکید
Назар ба ҳнҷри хушкаш ба зер ханҷар кун
نظر به حنجرِ خشکش به زیرِ خنجر کن
Бигӯ бшмр ки эй бе ҳаёи ҳусайни маро
بگو به شمر که ای بیحیا حسینِ مرا
Гулӯии ташнаи макаши коми хушк ӯ тар кун
گلویِ تشنه مکُش کامِ خشکِ او تر کن
Рух сакина бибин гашта нилӣ аз силӣ
رخِ سکینه ببین گشته نیلی از سیلی
Биравӣ наъши падари илтимос духтар кун
به رویِ نعشِ پدر التماسِ دختر کن
Паии тасаллии қалби шикастаи Лайлӣ
پیِ تسلیِ قلبِ شکستهٔ لیلا
Биёи муолиҷаи захми фарқ Акбар кун
بیا معالجهی زخمِ فرقِ اکبر کن
Ба арш мерасад аз фарши рўдрўди рубоб
به عرش میرسد از فرش رودرودِ رُباب
Алоҷи тири гулӯии алӣ Асғар кун
علاجِ تیرِ گلویِ علیاصغر کن
Ба дасти шимур ва синон гаштаанд асири биё
به دستِ شمر و سنان گشتهاند اسیر، بیا
Назар ба зайнабу кулсум бебародар кун
نظر به زینب و کلثومِ بیبرادر کن
На чодараш басараст на гӯшвора ба гӯш
نه چادرش به سر است و نه گوشواره به گوش
Нигаҳ ба Фотимаи наварӯс музтар кун
نگه به فاطمهی نوعروسِ مضطر کن
Сари бараҳнаи номӯси кибриёи зайнаб
سرِ برهنهی ناموسِ کبریا زینب
Байну баҳри сараш низ фикр мъҷр кун
ببین و بهرِ سرش نیز فکرِ معجر کن
Тани ҳусайни ту урёни фитода бар сари хок
تنِ حسینِ تو عریان فتاده بر سرِ خاک
Кафан барои тан бесараш муяссар кун
کفن برایِ تنِ بیسرش میسر کن
Ҳусайни ту бадани нозанинаш ар гӯям
حسینِ تو بدنِ نازنینش ار گویم
Чу тўтё шуда аз сами асб бовар кун
چو توتیا شده از سُمِ اسب، باور کن
Ба обидин набӯд тоқати ғулу занҷир
به عابدین نبُوَد طاقتِ غل و زنجیر
Хамидаи пайкараш аз бори ғам сабктар кун
خمیده پیکرش از بارِ غم سبکتر کن
Шҳоз ( сомит )у халқи диёри дори сарвар
شها ز «صامت» و خلقِ دیارِ دارِ سرور
Бурузи ҳашари шафоат ба назд довар кун
به روزِ حشر شفاعت به نزدِ داور کن