ё алӣ афтод аз нав бар серуми савдои ту
یا علی افتاد از نو بر سرم سودایِ تو
Шуд мусаввири боз дар дили сӯрати зебои ту
شد مصوّر باز در دل، صورتِ زیبایِ تو
Бо хиёбони ҷинони бас фарқҳо дорад дилам
با خیابانِ جنان بس فرقها دارد دلم
Кандар он тӯбо буд дар ин қадари ънои ту
کاندر آن طوبی بُوَد، در این قدِ رعنایِ تو
намешавад нафии лаёқати сади роҳи дидагон
میشود نفیِ لیاقت سدِّ راهِ دیدگان
Варна мегуфтам ки мебошад ба чашмами пои ту
ورنه میگفتم که میباشد به چشمم پایِ تو
Буд бар рӯй туроб эй Бутуроб аммо набӯд
بود بر رویِ تراب ای بوتراب اما نبود
Чун сари боли малики пои фалаки пӯёии ту
چون سرِ بالِ مَلَک، پایِ فلکپویایِ تو
Гашти айни аллоҳи ваҷҳ аллоҳ науммат зонка буд
گشت عینالله، وجهالله نامت، زان که بود
Бози доим бар рухи ҳақи дидаи бинои ту
باز دایم بر رخِ حق، دیدهی بینایِ تو
Салтанати касро мусаллам менабӯдӣ гар набӯд
سلطنت کَس را مسلم مینبودی گر نبود
Зеби тоҷи тоҷдорони гавҳари яктои ту
زیبِ تاجِ تاجداران، گوهرِ یکتایِ تو
Раҳмати маҳзи худоӣ дар замин кас нараст
رحمتِ محضِ خدایی، در زمین کَس نرُست
Лолаи раҳмат ба ғайр аз домани саҳрои ту
لالهی رحمت به غیر از دامنِ صحرایِ تو
Халқи мавҷӯдотро боиси ту гаштӣ то намӯд
خلقِ موجودات را باعث تو گشتی تا نمود
Киштии эҷоди ҷо дар соҳили дарёии ту
کشتیِ ایجاد، جا در ساحلِ دریایِ تو
Ту каломи аллоҳ нотиқ ҳастӣу нашри улӯм
تو کلاماللهِ ناطق هستی و نشرِ علوم
Гашт аз рӯзи азал аз мантиқ гуёӣ ту
گشت از روزِ ازل از منطقِ گویایِ تو
Маҳзар набӯд фуюузоти вуҷӯдат дар ҷаҳон
مُنحصر نبوَد فیوضاتِ وجودت در جهان
То чаҳ бахшад дар қиёмати ҷӯади ҷонбхшои ту
تا چه بخشد در قیامت جودِ جانبخشایِ تو
Теғи олами нгслди пайванди меҳраш то абад
تیغِ عالم نگسلد پیوندِ مهرش تا ابد
Ҳар ки астмсоки ҷуст аз ърўаҳи алўсқои ту
هر که استمساک جُست از عروةالوثقایِ تو
Аз асари пай бар муассир ме тавон баради офарин
از اثر پی بر مؤثر میتوان برد، آفرین
Нақшбандиро ки басти ин сӯрати волои ту
نقشبندی را که بست این صورتِ والایِ تو
Расми яктое буд махсӯси зоти кирдигор
رسمِ یکتایی بُوَد مخصوصِ ذاتِ کردگار
Варна мегуфтам касе набӯд дигар ҳамтои ту
ورنه میگفتم کسی نبوَد دگر همتایِ تو
Ғолибат ҳақ хонду ғолии ғайри ҳақи пиндошт
غالبت حق خوانْـد و غالی غیرِ حق پنداشتت
Гӯямат ман ҳаст ҳақро ҷилва дар мҷлои ту
گویمت من، هست حق را جلوه در مَجلایِ تو
Ҷои андари кисват имкон намӯдӣ то шавад
جای اندر کسوتِ امکان نمودی تا شود
Рафъи тӯҳмат варна берунаст аз имкони ҷои ту
رفعِ تهمت، ورنه بیرون است از امکان جایِ تو
эй ядуллоҳӣ ки андари бадви халқи мо халқ
ای یداللهی که اندر بدوِ خلقِ ماخَلَق
Хилқати куну макони бади аввалин иншои ту
خلقتِ کَون و مکان بُد اولین انشایِ تو
Чист дунё чист ъқбо бо ҳамаи малики малик
چیست دنیا، چیست عقبا، با همه ملکِ مَلَک؟
Ғайри як арзан наярзад ҳиммати волои ту
غیرِ یک ارزن نیرزد همتِ والایِ تو
Ту фанои маҳз будӣ дар ҳаёт ва дар мамот
تو فنایِ محض بودی در حیات و در ممات
Пас чаҳ дорад фарқи дунёии ту бо ъқбои ту
پس چه دارد فرق، دنیایِ تو با عقبایِ تو؟
Ин буд ҳиммат ки дар дунболи дунёи рӯзу шаб
این بُوَد همت که در دنبالِ دنیا روز و شب
Олимии ҷӯёӣ ӯ буданд ва ӯ ҷӯёии ту
عالَمی جویایِ او بودند و او جویایِ تو
Ҳила ҳо ангехт то ӯро ба худ кобӣн кунӣ
حیلهها انگیخت تا او را به خود کابین کنی
Оқибати дунё ба танг омад зи истиғнои ту
عاقبت دنیا به تنگ آمد ز استغنایِ تو
Пас талофӣ кард яъне рафт дар ақди язид
پس تلافی کرد، یعنی رفت در عقدِ یزید
То бадаради оради дили пурдарди меҳнати зои ту
تا به درد آرد دلِ پُردردِ محنتزایِ تو
Ман чаҳ гӯям зодаи Сафён бо вилоят чаҳ кард
من چه گویم زادهی سفیان به اولادت چه کرد
Мӯ ба мӯ огоҳ мебошад дили донои ту
مو به مو آگاه میباشد دلِ دانایِ تو
Пас чаро берун наёвардӣ сар аз хоки Наҷаф
پس چرا بیرون نیاوردی سر از خاکِ نجف؟
То бибинад ҳоли зайнаби чашми хӯни полои ту
تا ببیند حالِ زینب، چشمِ خونپالایِ تو
Он замон кандар сари наъш ҳусайн афтод ва гуфт
آن زمان کاندر سرِ نعشِ حسین افتاد و گفت:
эй бародар шуд чаро хонаи сияҳи мأўои ту
ای برادر! شد چرا خاکِ سیه مأوایِ تو؟
Аз замин бурдор сар эй кушта бесар ки шуд
از زمین بردار سر، ای کُشتهی بیسر که شد
Хору саргардони сакинаи Тифл бе бобои ту
خوار و سرگردان سکینه، طفلِ بیبابایِ تو
Ман фидои коми хушку лаъл ътшонт шавам
من فدایِ کامِ خشک و لعلِ عطشانت شوم
Рангро лабӣ тишнагӣ бигрифта аз симои ту
رنگ را، لبتشنگی بگرفته از سیمایِ تو
Ҳар чаҳ мебайнам набошад аз сари шамшеру тир
هر چه میبینم نباشد از سرِ شمشیر و تیر
Як сари мўӣӣ саломат нест дар аъзои ту
یک سرِ مویی سلامت نیست در اعضایِ تو
Доғ бар дили ташнаи лаби тан дар замини сар бар сена
داغ بر دل، تشنهلب، تن در زمین، سر بر سنان
Фурсатии кӯ то шуморами дарду меҳнатҳои ту
فرصتی کو تا شمارم درد و محنتهایِ تو؟
Шуд дили санг аз барои бе касе ҳайти кабоб
شد دلِ سنگ از برایِ بیکسیهایت کباب
Як ҷӯрӣ набӯд тараҳҳум дар дили аъдои ту
یک جُوی نبوَد ترحم در دلِ اعدایِ تو؟
Раҳм хубаст ва аз ӯ беҳтар буд эҳёии нафас
رحم خوب است و از او بهتر بُوَد احیایِ نفس
Пас чаро аз қатраи обӣ кас накард эҳёии ту
پس چرا از قطره آبی کس نکرد احیایِ تو؟
эй кулем Карбало аз нўхтон дар ҳар тараф
ای کلیمِ کربلا، از نوخطان در هر طرف
Нур борон гашта андари синаи синои ту
نورباران گشتهاند و سینهی سینایِ تو
Қиссаи қурбонят дар хоб агар дидӣ халил
قصهی قربانیات در خواب اگر دیدی خلیل
То қиёмати сӯхтӣ аз сӯзи ошурои ту
تا قیامت سوختی از سوزِ عاشورایِ تو
Баҳри симу зари ҳусайнро киштӣ эй шимури шарир
بهرِ سیم و زر حسین را کُشتی ای شمرِ شریر؟
Лаънати ҳақ бар ту ва бар хоҳиш бе ҷои ту
لعنتِ حق بر تو و بر خواهشِ بیجایِ تو
Қалби Заҳрои мутаҳҳари сӯхтӣ гуё набӯд
قلبِ زهرایِ مطهر سوختی، گویا نبود
Аз худоу Мустафоу Муртазои пурвои ту
از خدا و مصطفی و مرتضی پروایِ تو
Тира шуд имрӯз аз доғати бародари рӯзи ман
تیره شد امروز از داغت برادر روزِ من
То чаҳ бошад саргузашти имшабу фардои ту
تا چه باشد سرگذشتِ امشب و فردایِ تو
Бар раги ҷон ( сомто ) зин бештар нашутур мазан
بر رگِ جان «صامتا» زین بیشتر نشتر مزن
Шуд ҷаҳон яксар хароб аз ашки тӯфони зои ту
شد جهان یکسر خراب از اشکِ طوفانزایِ تو