Дило то чанд ҷӯии иззату иқболи даврон ро

دلا تا چند جویی عزت و اقبال دوران را

Паии таъбири тани помоли мҳнткрдаҳи ҷон ро

پی تعبیر تن پامال محنت کرده‌ای جان را

Наме доне ки бар сар май барии имрӯзро то шаб

نمی‌دانی که بر سر می‌بری امروز را تا شب

Бета бустон кунӣ андешаи брки зимистон ро

به تابستان کنی اندیشه‌ی برگ زمستان را

Надорад қобзи алорўоҳи хавф аз ҳоҷибу дарбон

ندارد قابض الارواح خوف از حاجب و دربان

Диҳӣ то кӣ мавоҷиби ҳоҷибу худоаму дарбон ро

دهی تا کی مواجب حاجب و خدام و دربان را

Зании кӯси ҷҳоншоҳӣ ва натавонӣ ба малику тан

زنی کوس جهانشاهی و نتوانی به ملک تن

Кунӣ рафъи низоу ихтилофи чори арқон ро

کنی رفع نزاع و اختلاف چار ارکان را

Мубаддил кун ба сайри қабри амвот аз сари ибрат

مبدل کن به سیر قبر اموات از سر عبرت

Хаёли сарви бустону тамошои гулистон ро

خیال سرو بستان و تماشای گلستان را

Бибин хоки сияҳи чолок дар дами барда чун афъӣ

ببین خاک سیه چالاک در دم برده چون افعی

Ба ман симини танону пайкари поки азизон ро

تن سیمین تنان و پیکر پاک عزیزان را

Шудаи мори рисӣа чун ҷаъди гесуи тавқ дар гардан

شده مار رسیه چون جعد گیسو طوق در گردن

Зада ақраб ба ҳам ҷамъияти зулфи парешон ро

زده عقرب به هم جمعیت زلف پریشان را

Гирифтам онкӣ бошад рубъи маскӯнро ту сартосар

گرفتم آنکه باشد ربع مسکون را تو سرتاسر

зи чангол аҷал натавон бурун кардани гиребон ро

ز چنگال اجل نتوان برون کردن گریبان را

« азои лоғлоли фии аъноқҳм »ро чорагар ҷўӣӣ

«اذا لاغلال فی اعناقهم» را چاره‌گر جوئی

Ба гардан на кмни инқиёди ҳукми яздон ро

به گردن نه کمند انقیاد حکم یزدان را

Агар аз « явми тҷзўни бмои тсъӣ » хабари дорӣ

اگر از «یوم تجزون بما تسعی» خبر داری

Макун помоли зулми хеши фарқи зердастон ро

مکن پامال ظلم خویش فرق زیردستان را

Шудӣ аз нашъаи моли ҷаҳони сармаст ва май бозӣ

شدی از نشئه مال جهان سرمست و می‌بازی

Ба роҳи дарҳаму динори нақди дайну имон ро

به راه درهم و دینار نقد دین و ایمان را

Таъаллуқро буна аз дасту урёни шӯ ки урёнӣ

تعلق را بنه از دست و عریان شو که عریانی

Макон додаст дар чархи чаҳоруми меҳру рхшонро

مکان دادست در چرخ چهارم مهر رخشان را

з хӯрд ва хоб натавон бар бҳоӣмтарӣ бар ҳстн

ز خورد و خواب نتوان بر بهائم برتری جستن

Ки аз илму амали яздон шарофат дода инсон ро

که از علم و عمل یزدان شرافت داده انسان را

Хурии моли ҳарому дам ба дам бо хеш май гӯйӣ

خوری مال حرام و دم به دم با خویش می‌‌گویی

Ки чун муфтаст мушкили бишиканади полудаи дандон ро

که چون مفتست مشکل بشکند پالوده دندان را

Манеҳ андари Флохмни санги мизони такаббур ро

منه اندر فلاخن سنگ میزان تکبر را

Ки ин даъвии бгрдни тавқ лаънат кард шайтон ро

که این دعوی بگردن طوق لعنت کرد شیطان را

Наме бинӣ ки бо он иқтидори ҳишмати аллоҳӣ

نمی‌بینی که با آن اقتدار حشمت اللهی

Чисон бар бод дод охири фалаки малики сулаймон ро

چه‌سان بر باد داد آخر فلک ملک سلیمان را

Ба таври срсрии ҷайби ҷаҳонро аўФкн аз сар

به طور سرسری جیب جهان را اوفکن از سر

Биор андари назари ҳиби сари шоҳи шаҳидон ро

بیار اندر نظر حیب سر شاه شهیدان را

Сухани санҷи лисон алўоъзин гуяд ба ҳндстон

سخن سنج لسان الواعظین گوید به هندستان

Яке аз аҳл минбар хонд аҳволи асирон ро

یکی از اهل منبر خواند احوال اسیران را

Ки дар вақти вурудашам бар нӯки синон чун зад

که در وقت ورود شام بر نوک سنان چون زد

Синони сангдили раси шаҳиди оли умрон ро

سنان سنگدل راس شهید آل عمران را

Дар дарвозаи соъот чун ма буд овезон

در دروازه‌ی ساعات چون مه بود آویزان

Сари мусаллам ки нураш дошт равшани меҳри тобон ро

سر مسلم که نورش داشت روشن مهر تابان را

Синони раси шоҳи Карбало назд сари мусаллам

سنان راس شاه کربلا نزد سر مسلم

Таваққуф кард то зоҳир кунад асрори пинҳон ро

توقف کرد تا ظاهر کند اسرار پنهان را

Барои пурсиши аҳволи мусаллами зодаи Заҳро

برای پرسش احوال مسلم زاده زهرا

Гушӯд андари сари неи ҳуққаи ёқӯту марҷон ро

گشود اندر سر نی حقه یاقوت و مرجان را

Забони ҳоли шоҳи ташнаи лабро бо сари мусаллам

زبان حال شاه تشنه لب را با سر مسلم

Бигӯям то кунад андари тазалзули малики имкон ро

بگویم تا کند اندر تزلزل ملک امکان را

Бигуфто шоҳ бо мусаллам ки андари Кӯфа чун дидӣ

بگفتا شاه با مسلم که اندر کوفه چون دیدی

Вафои дӯстону аҳду мисоқи муҳибон ро

وفای دوستان و عهد و میثاق محبان را

Бигуфто дасти баста дӯстон доданд бар душман

بگفتا دست بسته دوستان دادند بر دشمن

Ғариб ва бекасу мазлӯми андари Кӯфаи меҳмон ро

غریب و بی‌کس و مظلوم اندر کوفه مهمان را

Бигуфто кӯи ду Тифли нози пурвирди ятеми ту

بگفتا کو دو طفل ناز پرورد یتیم تو

Бигуфто ҳориси андари Кӯфа бесар кард Тифлон ро

بگفتا حارث اندر کوفه بی‌سر کرد طفلان را

Пас онгаҳ кард мусаллам аз сари султони мазлӯмон

پس آنگه کرد مسلم از سر سلطان مظلومان

Суоли сари гузашти он сарви ҳоли ғарибон ро

سئوال سر گذشت آن سر و حال غریبان را

Бигуфто кори ту дар Карбало бо кӯфӣон чун шуд

بگفتا کار تو در کربلا با کوفیان چون شد

Бигуфто ҷумла бишикастанд охири аҳду паймон ро

بگفتا جمله بشکستند آخر عهد و پیمان را

Бигуфто бозгу аз расми мҳмондории кӯфӣ

بگفتا بازگو از رسم مهمانداری کوفی

Бигуфто ташна киштанд ин ғариби зори аташон ро

بگفتا تشنه کشتند این غریب زار عطشان را

Бигуфто ёру ансорат чаҳ шуд эй хусрави бтҳо

بگفتا یار و انصارت چه شد ای خسرو بطحا

Бигуфто дар манӣ эҳё намуданд қурбон ро

بگفتا در منی احیا نمودند قربان را

Бигуфто қосиму аббосу Авну ҷаъфар чун шуд

بگفتا قاسم و عباس و عون و جعفر چون شد

Бигуфт аз додан сарҳо басари бурданди сомон ро

بگفت از دادن سرها بسر بردند سامان را

Бигуфто кӯи алии Акбари Юсуфи ҷамоли ту

بگفتا کو علی اکبر یوسف جمال تو

Бигуфто байн чу маҷнӯни дрғи маши Лайлои гирён ро

بگفتا بین چو مجنون در غمش لیلای گریان را

Бигуфто аз алии Асғари шаш моҳаи ?ут бар гӯ

بگفتا از علی اصغر شش ماهه‌ات بر گو

Бигуфто хӯрд ҷои шери пистони оби пайкон ро

بگفتا خورد جای شیر پستان آب پیکان را

Бигуфто хоҳарат кӯ гуфт зайнаб бошад эй бе кас

بگفتا خواهرت کو گفت زینب باشد ای بی‌کس

Ки май сӯзади зи оҳи худ дили габру мусулмон ро

که می‌سوزد ز آه خود دل گبر و مسلمان را

Бигуфто шимур дорад тозӣона аз чаҳ рўбри каф

بگفتا شمر دارد تازیانه از چه رو بر کف

Бигуфто то кунад дилҷӯеи ҳоли ятемон ро

بگفتا تا کند دلجویی حال یتیمان را

Бигуфто аҳли байтатро ки мебошад кунун муҳаррам

بگفتا اهل بیتت را که می‌باشد کنون محرم

Бигуфто баста дар дар занҷири байни саҷҷоди нолон ро

بگفتا بسته در در زنجیر بین سجاد نالان را

Бигуфто итратат дар шоми манзил дар куҷо дорад

بگفتا عترتت در شام منزل در کجا دارد

Бигуфто омода карда пўрсФёни кунҷи зиндон ро

بگفت آماده کرده پورسفیان کنج زندان را

Бигуфто аз сарати дигари язиди охир чаҳ ме хоҳад

بگفتا از سرت دیگر یزید آخر چه می‌خواهد

Бигуфт аз чӯб то озурда созад дарҷи дандон ро

بگفت از چوب تا آزرده سازد درج دندان را

Бигуфто кист мотами дороӣ бекас барои ту

بگفتا کیست ماتم داری بی‌کس برای تو

Бигуфто рӯзу шаб ( сомит ) кашад аз синаи афғон ро

بگفتا روز و شب (صامت) کشد از سینه افغان را