Хуши он таниро ки мӯ ба мӯии шиканҷ зулфат битоб дорад
خوش آن تنی را که مو به موی شکنج زلفت بتاب دارد
Хуши он дилиро ки орзӯии хаёли рӯят кабоб дорад
خوش آن دلی را که آرزوی خیال رویت کباب دارد
Саводи зулфат ки ҷузи дили озорӣ аз хами вай касе надида
سواد زلفت که جز دل آزاری از خم وی کسی ندیده
Магар надонад ки бар ғарибони паноҳ додан савоб дорад
مگر نداند که بر غریبان پناه دادن ثواب دارد
Гуноҳи моро чаро напурсӣ битоз чобуки савори нозат
گناه ما را چرا نپرسی بتاز چابک سوار نازت
Ки баҳри қатли заъифи ҳолон ҳамеша по дар рикоб дорад
که بهر قتل ضعیف حالان همیشه پا در رکاب دارد
Дилам нанолад зи ғамза ӯ вазони ситамҳои бе ҳисобаш
دلم ننالد ز غمزه او وزان ستمهای بیحسابش
Ту худ бигӯяш ки эй ситамгари ситами ҳам охир ҳисоб дорад
تو خود بگویش که ای ستمگر ستم هم آخر حساب دارد
Сиришки чашмони гувоҳи ошиқ агар набошад бигӯ набод
سرشک چشمان گواه عاشق اگر نباشد بگو نبادش
Касе шуд ташнаи муҳаббат кӣ илтифотӣ ба об дорад
کسی که شد تشنه محبت کی التفاتی به آب دارد
Ҳазор қосиди зи чашми пари таб ?бирт фиристам зи оҳи шаб
هزار قاصد ز چشم پر تب برت فرستم ز آه شب
Дамӣ нагӯйӣ сиёҳи рӯзии зи ман умед ҷавоб дорад
دمی نگویی سیاه روزی ز من امید جواب دارد
Баҳр ки дидам зи боғи васлати гули муродаш ба ҷайби доман
بهر که دیدم ز باغ وصلت گل مرادش به جیب دامن
Ба ғайр ( сомит ) ки аз фироқати мудоми чашм пуроб дорад
به غیر(صامت) که از فراقت مدام چشم پرآب دارد