Ғамати он рӯз ки ҷо дар дил вайронам кард

غمت آن روز که جا در دل ویرانم کرد

Сайр аз сайру сафои гул ва бустонам кард

سیر از سیر و صفای گل و بستانم کرد

Гарчи зи нори парастии ҳама куфраст валек

گرچه زُنار پرستی همه کفر است ولیک

Зулфи зуннори вшти хуб мусулмонам кард

زلفِ زُناروَشَت خوب مسلمانم کرد

Чаҳ балое ба сари зулфи ту хуфтааст ки боз

چه بلایی به سر زلف تو خفته است که باز

Ёди он турраи таррор парешонам кард

یاد آن طره طرار پریشانم کرد

Ин ҳамаи ғунчаи доғӣ ки зи дил срздаҳ аст

این همه غنچه داغی که ز دل سر زده است

Хандаҳо буд ки дил бар сар сомонам кард

خنده‌ها بود که دل بر سر سامانم کرد

Инам аз марҳаматати баси зи паии раду қабул

اینم از مرحمتت بس ز پی رد و قبول

Ки сар хон балои ишқи ту меҳмонам кард

که سر خوان بلا عشق تو مهمانم کرد

Дил буридам зи ту , аммо чаҳ кунам бо лаби ту ,

دل بریدم ز تو، امّا چه کنم با لبِ تو

Ки зи ҳақи намаки хеш , пушаймонам кард

که ز حقِّ نمکِ خویش، پشیمانم کرد

Лутфи ҷонон ба ману боргаронаш ( сомит )

لطف جانان به من و بار گرانش (صامت)

Фарқи ин буд ки пеш аз ҳама қурбонам кард

فرق این بود که پیش از همه قربانم کرد