Ду шинаи дил аз даврии дилбар гила ме кард
دو شینه دل از دوری دلبر گله میکرد
Танг аз тамаъи васли бахуд ҳавсила ме кард
تنگ از طمع وصل بخود حوصله میکرد
Аз омад ва шуд гашти чунон қосиди оҳам
از آمد و شد گشت چنان قاصد آهم
Каз заъфи ту гӯйии талаб роҳила ме кард
کز ضعف تو گویی طلب راحله میکرد
Ҳар дами басари кӯии ту аз бими рақибон
هر دم بسر کوی تو از بیم رقیبان
Чун чилла нишин вирди забон ба слмаҳ ме кард
چون چله نشین ورد زبان به سلمه میکرد
Гар сахт набад ҷони з чаҳ аз рафтани ҷонон
گر سخت نبد جان ز چه از رفتن جانان
Андари қафаси тани қадамӣ фосил ме кард
اندر قفس تن قدمی فاصل میکرد
намедид марои пои дил аз гиря ба гули боз
میدید مرا پای دل از گریه به گل باز
Аз зулф чаҳ занҷир чаро силсила ме кард
از زلف چه زنجیر چرا سلسله میکرد
Дишаб ки ҷараси ҳам нафаси нолаи мо буд
دیشب که جرس هم نفس ناله ما بود
Аз замзамаи хӯн дар ҷигар қофила ме кард
از زمزمه خون در جگر قافله میکرد
Нави шефтаи ҳамраҳи мо буд ки имшаб
نو شیفته همره ما بود که امشب
То охири манзили сухан аз ммшбаҳ ме кард
تا آخر منزل سخن از ممشبه میکرد
Ҳар лаҳза кунам рӯй ба як сӯй чаҳ май буд
هر لحظه کنم روی به یک سوی چه میبود
Гар ишқи марои озими як марҳала ме кард
گر عشق مرا عازم یک مرحله میکرد
Дар ишқ чу ( сомит ) набарди сарфаи биҷузи ғам
در عشق چو (صامت) نبرد صرفه بجز غم
эй кош ки ин орзӯ аз срилаҳ ме кард
ای کاش که این آرزو از سریله میکرد