Ҳуҷум ғам расед андари дилу роҳи фиғон гум шуд

هجوم غم رسید اندر دل و راه فغان گم شد

Марон эй сорибони маҳмил ки имшаби корвон гум шуд

مران ای ساربان محمل که امشب کاروان گم شد

Магари мурғӣ раҳо гардид аз кунҷи қафаси дигар

مگر مرغی‌ رها گردید از کنج قفس دیگر

Ки аз нолидан ӯ дасту пои боғбон гум шуд

که از نالیدن او دست و پای باغبان گم شد

Туро гуфтам мапӣч эй мурғи дил бар зрФи парчинаш

ترا گفتم مپیچ ای مرغ دل بر زرف پرچینش

з ман нишнидӣу рӯзи ту шаб шуд ошён гум шуд

ز من نشنیدی و روز تو شب شد آشیان گم شد

Мўхўнми рехтии дигар чаро кардӣ ту пои молаш

موخونم ریختی دیگر چرا کردی تو پا مالش

Задӣ бар ҳам сафи мижгону қотил аз миён гум шуд

زدی بر هم صف مژگان و قاتل از میان گم شد

Задӣ то байрақи бедодро дар малики некуӣ

زدی تا بیرق بیداد را در ملک نیکویی

Нишони меҳру бунёди муҳаббат аз ҷаҳон гум шуд

نشان مهر و بنیاد محبت از جهان گم شد

Ба манъ бе дилони носеҳ чаро беҳуда ме кӯшӣ

به منع بی‌دلان ناصح چرا بیهوده می‌کوشی

Дилигар буд моро бар сари зулф батон гум шуд

دلی گر بود ما را بر سر زلف بتان گم شد

з бас мекард ( сомит ) орзӯии роҳи гумномӣ

ز بس می‌کرد (صامت) آرزوی راه گمنامی

Кунун аз бенишонеҳои ёр аз ваии нишон гум шуд

کنون از بی‌نشانی‌های یار از وی نشان گم شد