зи бскаҳ дар ғам рӯй ту интизор кашидам

ز بسکه در غم روی تو انتظار کشیدم

Қалам ба сафҳаи ушшоқ рӯзгор кашидам

قلم به صفحه عشاق روزگار کشیدم

Шудам зи софии тинати чунон ба партави ишқат

شدم ز صافی طینت چنان به پرتو عشقت

Ки муҳраро ба сулӯк аз даҳон мор кашидам

که مهره را به سلوک از دهان مار کشیدم

зи бими хоҳиш беҷо ки аз висол ту ме кард

ز بیم خواهش بی‌جا که از وصال تو می‌کرد

Паии муохзаи Мансур дил бидор кашидам

پی مواخذه منصور دل بدار کشیدم

Шудам тасаллии ҳом майу муҳаббати дигар

شدم تسلی حام می و محبت دیگر

Ки муҳраро ба сулӯк аз даҳон мор кашидам

که مهره را به سلوک از دهان مار کشیدم

зи бими хоҳиш беҷо ки аз висол ту ме кард

ز بیم خواهش بی جا که از وصال تو می‌کرد

Паии муохзаи Мансур дил бидор кашидам

پی مواخذه منصور دل بدار کشیدم

зи зер пар нанамудам сиррии буруни ҳамаи умр

ز زیر پر ننمودم سری برون همه عمر

На заҳмати дай ва на миннат баҳор кашидам

نه زحمت دی و نه منت بهار کشیدم

Шудам тасаллии ҷомӣу муҳаббати дигар

شدم تسلی جامی و محبت دیگر

На шӯри бода на дарди сар хумор кашидам

نه شور باده نه درد سر خمار کشیدم

Марони муроди гарои боғбони зи соҳати гулшан

مران مراد گرای باغبان ز ساحت گلشن

Ки ман каломи ҳақиқати заняш хор кашидам

که من کلام حقیقت زنیش خار کشیدم

Аз он замон ки шудам ( сомто ) мусоҳиби азлат

از آن زمان که شدم (صامتا) مصاحب عزلت

Арӯси лиззати кунин дар канор кашидам

عروس لذت کونین در کنار کشیدم