Дар шӯҳрат риё шуд умрами тамоми нимӣ
در شهرت ریا شد عمرم تمام نیمی
Бояд ба ишқ ва мастӣ гардад тамоми нимӣ
باید به عشق و مستی گردد تمام نیمی
То васфи дӯсти зин ҷамъ гардад марои муяссар
تا وصف دوست زین جمع گردد مرا میسر
Саҷда ба дасти нимӣ саҳбо ба ҷоми нимӣ
سجده به دست نیمی صهبا به جام نیمی
Имшаби зи улфати ғайри пар хӯн намӯд дил ро
امشب ز الفت غیر پر خون نمود دل را
Он бевафонигорам то шуд зи шоми нимӣ
آن بیوفا نگارم تا شد ز شام نیمی
Охири з саргаронӣ омад ба меҳрбонӣ
آخر ز سرگرانی آمد به مهربانی
Шуд аз шаби висолаши корам ба коми нимӣ
شد از شب وصالش کارم به کام نیمی
Омад чу муждаи васли ҷони рафта буд аз тан
آمد چو مژده وصل جان رفته بود از تن
Бар тани ду бора омад ҷон аз паёми нимӣ
بر تن دو باره آمد جان از پیام نیمی
Аз шикваи ҷдоӣии ҳарфии гузашт бар лаб
از شکوه جدائی حرفی گذشت بر لب
Нишнид ва рафт дард аз он як каломи нимӣ
نشنید و رفت درد از آن یک کلام نیمی
Брбўди сабри як ҷо аз як нишаст ва бархест
بربود صبر یک جا از یک نشست و برخاست
Андар нишаст нимӣу андари қиёми нимӣ
اندر نشست نیمی و اندر قیام نیمی
ӯро зи васли ҳошои моро зи ҳиҷри ғавғо
او را ز وصل حاشا ما را ز هجر غوغا
Кӯи муслеҳӣ ки гуяд аз ҳар кадоми нимӣ
کو مصلحی که گوید از هر کدام نیمی
Қосиди расон ба ҷонони рӯзии салом ( сомит )
قاصد رسان به جانان روزی سلام (صامت)
Шояд қабул гардад зон як саломи нимӣ
شاید قبول گردد زان یک سلام نیمی