Гирифтаи нури зи доғи ҷигари назораи мо

گرفته نور ز داغ جگر نظاره ما

Ки офтоби баради ҳасрати ситораи мо

که آفتاب برد حسرت ستاره ما

Дурусткории моро ҳамин тариқ бас аст

درستکاری ما را همین طریق بس است

Ки ҳеҷ оникаҳ нишкаст санги хораи мо

که هیچ آنیکه نشکست سنگ خاره ما

Касе зи суҳбати мо ду рушд ки но аҳласт

کسی ز صحبت ما دو رشد که نا اهلست

Кадоми пунбаи хатари дида аз шарори мо

کدام پنبه خطر دیده از شرار ما

Каломи ишқу ҳавасро чаҳ созгорӣ нест

کلام عشق و هوس را چه سازگاری نیست

Аз он сабаб буд аз сояи ҳам канораи мо

از آن سبب بود از سایه هم کناره ما

Ба ғайри ҳарфи вафоу муҳаббат эй зоҳид

به غیر حرف وفا و محبت ای زاهد

Чаҳ дида ки нёӣии ту дар иродаи мо

چه دیده که نیائی تو در اراده ما

Бараҳнаи поӣӣ мо кошт тухми обила ро

برهنه پائی ما کاشت تخم آبله را

Шавад мубораки мо халъати дубораи мо

شود مبارک ما خلعت دوباره ما

Алоҷи ашки зи мижгон чаҳ мекунӣ ( сомит )

علاج اشک ز مژگان چه می‌کنی(صامت)

Ба лухти лухт ҷигар карда хуи қнораҳи мо

به لخت لخت جگر کرده خو قناره ما