Талхӣ сабраст бас бар табъи шукри рези мо

تلخی صبر است بس بر طبع شکر ریز ما

Шӯр ширнӣ намехоҳад ба сари пурвази мо

شور شیرنی نمی‌خواهد به سر پروز ما

Сар ба ҷузи оғӯши зону ҷо намеҷӯяд дигар

سر به جز آغوش زانو جا نمی‌جوید دگر

Бори дӯш кас нагардад баъд аз ин шбдизмо

بار دوش کس نگردد بعد از این شبدیزما

Шаш ҷиҳати ронӣ ҳамин шуд зи абри мижгони арсаи тнк

شش جهت رانی همین شد ز ابر مژگان عرصه تنک

На фалак дорад ҳазар аз ханҷари хӯни рези мо

نه فلک دارد حذر از خنجر خون ریز ما

Ъушрат гулзорҳо шуд бар ҳазорон вогузор

عشرت گلزارها شد بر هزاران واگذار

Ғунча доғаст гулҳои нишоти ангези мо

غنچه داغ است گلهای نشاط انگیز ما

Шуд ба акси иҷтиноби мардуми прҳизкор

شد به عکس اجتناب مردم پرهیزکار

Бар дар дилҳо нарафтани луқмаи парҳези мо

بر در دلها نرفتن لقمه پرهیز ما

Баҳси қилу қоли худро бингар эй зоҳид дигар

بحث قیل و قال خود را بنگر ای زاهد دگر

Бесабаб аз ҷои Марв аз ҳарфи улфати хези мо

بی‌سبب از جا مرو از حرف الفت خیز ما

( сомто ) дар даври мо машқи ҳуш мансӯх шуд

(صامتا) در دور ما مشق هوش منسوخ شد

Бандари ишқ ва муҳаббат шуд дигар табризи мо

بندر عشق و محبت شد دگر تبریز ما