Гуфт зайнаби бшаҳи ташна ки эй ёвари мо

گفت زینب بشه تشنه که ای یاور ما

Мо бирафтем ва ту донеу дили ғмхўри мо

ما برفتیم و تو دانی و دل غمخور ما

Ҳоли боз ва ба танобаст сар бе мъҷр

حال باز و به طناب است سر بی‌معجر

Бахти бад то ба куҷо май баради обишхури мо

بخت بد تا به کجا می‌برد آبشخور ما

Ҳар куҷои пои бунаад аз дилу ҷон дида наҳем

هر کجا پا بنهد از دل و جان‌دیده نهیم

Қосидӣ каз ту паёмӣ бирасонад бар мо

قاصدی کز تو پیامی برساند بر ما

Карбалои баҳри туу шоми ғамафзо аз мо

کربلا بهر تو و شام غم افزا از ما

Ки рифоҳ бо ту қарини боду худои ёвари мо

که رفاه با تو قرین باد و خدا یاور ما

Дили мо ху нашуд ва ин қавм ба мо май хнднд

دل ما خو نشد و این قوم به ما می‌خندند

Бикашад аз ҳамаи инсофи ситами довари мо

بکشد از همه انصاف ستم داور ما

Шимургар латма занад ё ки синони каъби синон

شمر گر لطمه زند یا که سنان کعب سنان

Натавон баради ҳавои ту дамӣ аз сари мо

نتوان برد هوای تو دمی از سر ما

Чашм пурсиш накунад боз ба мо зодаи саъд

چشم پرسش نکند باز به ما زاده سعد

Рашк меоядаш аз суҳбати ҷонпрўри мо

رشک می‌آیدش از صحبت جانپرور ما

Ҳамраҳе нест ба мо дар сафари шоми хароб

همرهی نیست به ما در سفر شام خراب

Буии зулфи ту магар боз шавад раҳбари мо

بوی زلف تو مگر باز شود رهبر ما

Дил ( сомит ) ақаби ноқаи зайнаб рафта аст

دل (صامت) عقب ناقه زینب رفته است

эй хуши он рӯз ки ояд ба саломат бар мо

ای خوش آن روز که آید به سلامت بر ما