Бродрои дилами рафтанат қарор надорад

برادرا دلم رفتنت قرار ندارد

Марв ки хоҳари ту ноб интизор надорад

مرو که خواهر تو ناب انتظار ندارد

Ба дард бекасеам мубтало макун ба фидоят

به درد بی‌کسی‌ام مبتلا مکن به فدایت

Ки хоҳари ту касеро дар ин дидор надорад

که خواهر تو کسی را در این دیدار ندارد

Ту манъ мекунӣ аз гиряам вале натавонам

تو منع می‌کنی از گریه‌ام ولی نتوانم

Дил шикастаам аз гиря ихтиёр надорад

دل شکسته‌ام از گریه اختیار ندارد

Дилами зи ваъда баргаштанат қарор нагирад

دلم ز وعده برگشتنت قرار نگیرد

Чаро ки гардиши айём эътибор надорад

چرا که گردش ایام اعتبار ندارد

Ба хаймаи мунтазир ту нишаста обиди бемор

به خیمه منتظر تو نشسته عابد بیمار

Миёни бистари таби ғайри гиря кор надорад

میان بستر تب غیر گریه کار ندارد

Гирифтам он ки пас аз ту ризо шавад ба асирӣ

گرفتم آن که پس از تو رضا شود به اسیری

Тавон инки ба уштур шавад савор надорад

توان اینکه به اشتر شود سوار ندارد

Сакинаро бинишон дар канори хеши замонӣ

سکینه را بنشان در کنار خویش زمانی

Ки тоби даврии боб бузургвор надорад

که تاب دوری باب بزرگوار ندارد

Бидиҳ тасаллии Лайлӣ барои хотири Акбар

بده تسلی لیلی برای خاطر اکبر

Ки додғр ва ғарибаст ва ғмгсор надорад

که دادغر و غریب است و غمگسار ندارد

Мабар ба ҷониби майдони алии Асғари худ ро

مبر به جانب میدان علی اصغر خود را

Ки Тифли тоқати пайкони об дор надорад

که طفل طاقت پیکان آب دار ندارد

Агар ба шом буд ё ба Кӯфа ё Мадина

اگر به شام بود یا به کوفه یا مدینه

Ба ҳеҷ ваҷҳи дили пари зи хӯн қарор надорад

به هیچ وجه دل پر ز خون قرار ندارد

Бикун сифориши Тифлати руқия бар пари саъд

بکن سفارش طفلت رقیه بر پر سعد

Ки тоби силии шимури ситам шиор надорад

که تاب سیلی شمر ستم شعار ندارد

Марои асир язид кардӣ ва рафтӣ

مرا اسیر یزید کردی و رفتی

Марв ки дод расмии зайнаб Фкор надорад

مرو که داد رسمی زینب فکار ندارد

Шҳо шафоат ( сомит ) намои бурузи қиёмат

شها شفاعت (صامت) نما بروز قیامت

Ки ҷузи ту чашм ба абноء рӯзгор надорад

که جز تو چشم به ابناء روزگار ندارد