Дар шом чун язиди зи туғён ҳаё намӯд
در شام چون یزید ز طغیان حیا نمود
Шуд хаста аз шақовату тарк ҷафо намӯд
شد خسته از شقاوت و ترک جفا نمود
То рафт тавсани ситаму ҷавр ва зулм ронад
تا رفت توسن ستم و جور و ظلم راند
Чу лнк шуд зи қаҳр дар лутф во намӯд
چو لنک شد ز قهر در لطف وا نمود
Яъне зи ранҷу меҳнат бе миннатҳои шом
یعنی ز رنج و محنت بیمنتهای شام
Майли раҳои ҳарам Мустафо намӯд
میل رهایی حرم مصطفی نمود
Бовар макун ки кард тараҳҳум ба ҳолашон
باور مکن که کرد ترحم به حالشان
ё ин амал барои ризо худоӣ намӯд
یا این عمل برای رضا خدای نمود
Асбоби пардаи пӯшии хизлони хеши ҷуст
اسباب پردهپوشی خذلان خویش جست
Дар ин хаёли новаки зулмаш хато намӯд
در این خیال ناوک ظلمش خطا نمود
Аз баҳри дафъи сарзаниши кофару маҷус
از بهر دفع سرزنش کافر و مجوس
Эҳсон ба аҳли байти шаҳ лоФтӣ намӯд
احسان به اهل بیت شه لافتی نمود
Схриаҳро ба исми муҳаббат ба харҷ дод
سخریه را به اسم محبت به خرج داد
Аз рӯй буғзи хандаи дандон намо намӯд
از روی بغض خنده دنداننما نمود
Золими кабӯтарони ҳарими ҷалол ро
ظالم کبوتران حریم جلال را
Бигирифту боли басту шикаст ва раҳо намӯд
بگرفت و بال بست و شکست و رها نمود
Як дудмони зи оли алиро ятем кард
یک دودمان ز آل علی را یتیم کرد
Як ҷои асири панҷаи ол зино намӯд
یک جا اسیر پنجه آل زنا نمود
Ҷаррораи вору мори сифати неш худ зад
جراره وار و مار صفت نیش خود زد
Онгаҳ баннои чорау фикр даво намӯд
آنگه بنای چاره و فکر دوا نمود
Аз теша кунад решаи гулзори дайну баъд
از تیشه کند ریشه گلزار دین و بعد
Бо шохааш ҳикоят нашав ва намо намӯд
با شاخهاش حکایت نشو و نما نمود
Яъне зи баъди қатли ҷавонони Фотима
یعنی ز بعد قتل جوانان فاطمه
Бунёди узрхоҳии зин алъбо намӯд
بنیاد عذرخواهی زینالعبا نمود
Багушӯд дасти духтари шери худои зи банд
بگشود دست دختر شیر خدا ز بند
Вонгаҳ ба чашми халқ ба эшон ато намӯд
وانگه به چشم خلق به ایشان عطا نمود
Занҷирро зи гардани зин алъбо гушӯд
زنجیر را ز گردن زین العبا گشود
Беморро халоси зи қайд бало намӯд
بیمار را خلاص ز قید بلا نمود
Ҳар ҳоҷатӣ ки қиблаи ҳоҷот халқ дошт
هر حاجتی که قبله حاجات خلق داشت
Он норавои кофар бедайн раво намӯд
آن ناروای کافر بیدین روا نمود
Ҳар ғоратӣ ки аз ҳарами шоҳи барда буд
هر غارتی که از حرم شاه برده بود
Таслими шоҳзода беақрабо намӯд
تسلیم شاهزاده بیاقربا نمود
Доғи даруни зайнабу кулсум тоза кард
داغ درون زینب و کلثوم تازه کرد
Мушти зарӣ ба хӯни ҳусайн хўнбҳо намӯд
مشت زری به خون حسین خونبها نمود
Днёпрст дошт муҳаббат ба симу зар
دنیاپرست داشت محبت به سیم و زر
Аз худ қиёси рутбаи ол ъабо намӯд
از خود قیاس رتبه آلعبا نمود
Пиндошти онкии кишти ҳусайнро ва шуд тамом
پنداشت آنکه کشت حسین را و شد تمام
ё метавон ки хӯни худои зер по намӯд
یا میتوان که خون خدا زیر پا نمود
Аз шоми хаймаи сӯхтагони ҳиҷоз ро
از شام خیمه سوختگان حجاز را
Қалби шикастаи озими крб ва бало намӯд
قلب شکسته عازم کرب و بلا نمود
Оҳ аз дамӣ ки итрати ғампарвар набӣ
آه از دمی که عترت غمپرور نبی
Дар рӯй турбати шаҳи лаби ташна ҷо намӯд
در روی تربت شه لب تشنه جا نمود
Зайнаб чу мурғи тозаи буруни рафта аз қафас
زینب چو مرغ تازه برون رفته از قفس
Аз нолаи пари зи хӯни дили арз ва само намӯд
از ناله پر ز خون دل ارض و سما نمود
Назд бародар аз сафари шому Кӯфа аш
نزد برادر از سفر شام و کوفهاش
Шарҳи ғами асирии худро адо намӯд
شرح غم اسیری خود را ادا نمود
Зини алъбои зи ёди лаби ташнаи падар
زینالعبا ز یاد لب تشنه پدر
Дар оби чашми хеш ба ҳасрат шино намӯд
در آب چشم خویش به حسرت شنا نمود
Лайло з ҳамРаҳон азизон дар он диёр
لیلا ز همرهان عزیزان در آن دیار
Як як суроғи Акбари Юсуф лақо намӯд
یک یک سراغ اکبر یوسف لقا نمود
Кулсум дар мусӣбати аббосу нави арӯс
کلثوم در مصیبت عباس و نو عروس
Шеван барои қосими нав кадхудо намӯд
شیون برای قاسم نو کدخدا نمود
Он як ба қатлгоҳ ба шеван ки шимур шавам
آن یک به قتلگاه به شیون که شمر شوم
ӣнҷои сари ҳусайни ман аз тан ҷудо намӯд
اینجا سر حسین من از تن جدا نمود
Ин як давид дар бар зайнаб ки боби ман
این یک دوید در بر زینب که باب من
Дар ин макони блҷаҳи хӯни даст ва по намӯд
در این مکان بلجه خون دست و پا نمود
Ҳар кӯдакӣ ба нола ки дар ин замини фалак
هر کودکی به ناله که در این زمین فلک
Моро ба дард бепадарӣ мубтало намӯд
ما را به درد بیپدری مبتلا نمود
Ҳар наврасӣ ба гиря ки бо ҳалқи ташна , шимур
هر نورسی به گریه که با حلق تشنه، شمر
ӣнҷои ҷудои сари падарам аз қафо намӯд
اینجا جدا سر پدرم از قفا نمود
Ин дар фиғон ки доғи аламдори Карбало
این در فغان که داغ علمدار کربلا
ӣнҷои қдрсои ҳусайнро ду то намӯд
اینجا قدرسای حسین را دو تا نمود
Он дар амон ки шимури зи наъши падари маро
آن در امان که شمر ز نعش پدر مرا
Дар ин замин ба зарбати силӣ ҷудо намӯд
در این زمین به ضربت سیلی جدا نمود
Баъд аз навой нолаи ҳарим шаҳ амам
بعد از نوای ناله حریم شه امم
Сӯии Мадинаи рӯзи зи саф Карбало намӯд
سوی مدینه روز ز صف کربلا نمود
( сомит ) ҳамеша буд азодору ашгбор
(صامت) همیشه بود عزادار و اشگبار
То аз ҷаҳони мақом ба дор бақо намӯд
تا از جهان مقام به دار بقا نمود