Ҳар киро дарди ғарибӣ дар ҷаҳон музтар кунад
هر که را درد غریبی در جهان مضطر کند
Ёд бояд аз азои сибт пайғамбар кунад
یاد باید از عزای سبط پیغمبر کند
Онкии андари мотамаш дар боғи ҷинати рӯзу шаб
آنکه اندر ماتمش در باغ جنت روز و شب
Ашки ҳасрати Мустафо аз чашми гирён тар кунад
اشک حسرت مصطفی از چشم گریان تر کند
Онкӣ то рӯзи ҷазои андари Наҷафи шери худо
آنکه تا روز جزا اندر نجف شیر خدا
Дидаро баҳри лаби хушкаши зи ҳасрат тар кунад
دیده را بهر لب خشکش ز حسرتتر کند
Онкии хотуни қиёмат то қиёмати рӯзу шаб
آنکه خاتون قیامت تا قیامت روز و شب
Бар сари худ аз мусӣбати нилгун мӯъҷиз кунад
بر سر خود از مصیبت نیلگون معجز کند
Онкӣ аз сӯзи гулӯии хушки ваии шати Фурот
آنکه از سوز گلوی خشک وی شط فرات
Нолаи хиҷлати з рӯй соқӣ кавсар кунад
ناله خجلت ز روی ساقی کوثر کند
Омад андари Кӯфаи фарзанди ғариби Фотима
آمد اندر کوفه فرزند غریب فاطمه
То ҳидояти уммати гумроҳро яксар кунад
تا هدایت امت گمراه را یکسر کند
Вақти ҷон додан намедонам чаро нагузоштанд
وقت جان دادن نمیدانم چرا نگذاشتند
То лабӣ аз обтар султони баҳр ва бар кунад
تا لبی از آب تر سلطان بحر و بر کند
Ман гирифтам зодаи пайғамбар эшон набӯд
من گرفتم زاده پیغمبر ایشان نبود
Биллоҳ ар кофари чунин бедод бар кофар кунад
بالله ار کافر چنین بیداد بر کافر کند
Каси надидаи баҳри қатли як ғариб бе касе
کس ندیده بهر قتل یک غریب بیکسی
ӣнқадари омодаи хасм бевафо лашгар кунад
اینقدر آماده خصم بیوفا لشگر کند
Баъд аз он дар пеши чашми қурраи алъайни батул
بعد از آن در پیش چشم قره العین بتول
Раси ҳафтод ва ду тани бибрида аз пайкар кунад
راس هفتاد و دو تن ببریده از پیکر کند
Ҳамчуи қосими навҷуонеро ба ҳангоми зифоф
همچو قاسم نوجوانی را به هنگام زفاف
Бо арӯси марг аз шамшер ҳамбистар кунад
با عروس مرگ از شمشیر همبستر کند
Бозуии саққои шоҳи Карбалои аббос ро
بازوی سقای شاه کربلا عباس را
Аз бадани бибридаи теғи мнқз абтар кунад
از بدن ببریده تیغ منقذ ابتر کند
Бехабар аз равад равадам Лайлои ғариб
بیخبر از رود رود ام لیلای غریب
Пораи пораи қади раънои алӣ Акбар кунад
پاره پاره قد رعنای علی اکبر کند
Аз барои қатраи обӣ ба рӯй дасти боб
از برای قطره آبی به روی دست باب
Чок аз тири балои ҳалқи алӣ Асғар кунад
چاک از تیر بلا حلق علی اصغر کند
Шимур бе имони гулӯии ташна аз пайкари ҷудо
شمر بیایمان گلوی تشنه از پیکر جدا
Аз қафои раси азизи ҳайдар сафдар кунад
از قفا راس عزیز حیدر صفدر کند
Зайнаб бехонимон бар сина ва бар сари занон
زینب بیخانمان بر سینه و بر سر زنان
Илтиҷо бар ин саъди зишти бад ахтар кунад
التجا بر این سعد زشت بد اختر کند
Гоҳ рӯй сӯии Мадинаи гуҳи Наҷаф гоҳе бақиъ
گاه روی سوی مدینه گه نجف گاهی بقیع
Дарди дил бо ҷаду бобу турбат модар кунад
درد دل با جد و باب و تربت مادر کند
Гоҳ аз баҳри тслии ятемон дар канор
گاه از بهر تصلی یتیمان در کنار
Ҷамъи атфоли ятеми сибт пайғамбар кунад
جمع اطفال یتیم سبط پیغمبر کند
Гуҳи сари вақти тани бемори дашти Карбало
گه سر وقت تن بیمار دشت کربلا
Обидини бенаворо рӯй дар бистар кунад
عابدین بینوا را روی در بستر کند
Гоҳ аз баҳри асирӣ рафтани шоми хароб
گاه از بهر اسیری رفتن شام خراب
Гуфтугӯ бо хоҳараши кулсуми ғам парвар кунад
گفتگو با خواهرش کلثوم غمپرور کند
Як тарафи шимури дағои тороҷи андари хаймаи гоҳ
یک طرف شمر دغا تاراج اندر خیمهگاه
Аз ҳарими он пайғамбари зар ва збўр кунад
از حریم آن پیغمبر زر و زبور کند
Як тарафи наъли сами асби ситами ҷисми ҳусайн
یک طرف نعل سم اسب ستم جسم حسین
Дар замини қатлгоҳ бо хоки раҳ ҳамсар кунад
در زمین قتلگاه با خاک ره همسر کند
Сорибон аз банди баҳри банд аз муваффақи ҷудо
ساربان از بند بهر بند از موفق جدا
Дасти файёзи азизи холиқ Акбар кунад
دست فیاض عزیز خالق اکبر کند
Ба ҷадал бе обрӯи ангушти дилбанди батул
به جدل بیآبرو انگشت دلبند بتول
Ғофил аз маҳшари ҷудо аз баҳр ангуштар кунад
غافل از محشر جدا از بهر انگشتر کند
Кӣ талофӣ мешавад ҳаргиз аз ин зулму ситам
کی تلافی میشود هرگز از این ظلم و ستم
Калак ( сомит ) то қиёматгар мусӣбат сар кунад
کلک (صامت) تا قیامت گر مصیبت سر کند
эй шаҳди Карбалои дасти ману домони ту
ای شهد کربلا دست من و دامان تو
То алоҷи дарди ман лутфи ту эй сарвар кунад
تا علاج درد من لطف تو ای سرور کند
Ман чаҳ гӯям чу ту огоҳии зи ҳоли мумкинот
من چه گویم چو تو آگاهی ز حال ممکنات
Хсрўо то кӣ зи чашми оби ҳасрат сар кунад
خسروا تا کی ز چشم آب حسرت سر کند
эй масеҳои дами ман афкорро розӣ мабош
ای مسیحا دم من افکار را راضی مباش
Ҳар дам аз меҳнат дилам дод аз ғам дигар кунад
هر دم از محنت دلم داد از غم دیگر کند