Рафтӣ эй ҷони падари сӯии сафар аз бар сғро
رفتی ای جانِ پدر، سویِ سفر از بَرِ صغریٰ
Сӯхтӣ аз шарари даврии худ пайкари сғро
سوختی از شررِ دوریِ خود، پیکرِ صغریٰ
Дорам умед ба ҳар ҷо рӯй эй боби гиромӣ
دارم امید به هر جا رَوی، ای بابِ گرامی!
Ки худо кам накунад сояи ту аз сари сғро
که خدا کم نکند سایهٔ تو از سرِ صغریٰ
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сафро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илам хӯрд Фли ғампарвар сғро
(مشِکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)
Дилам аз даврӣ рӯй ту дигар тоб надорад
دلم از دوریِ رویِ تو دگر تاب ندارد
Тоқати ҳиҷри ту эй моҳ ҷҳонтоб надорад
طاقتِ هجرِ تو ای ماهِ جهانتاب ندارد
Чашмам аз гиря шудаи хушк дигар об надорад
چشمم از گریه شده خشک و دگر آب ندارد
Иваз ашк бибин дида аз хӯнтар сғро
عوضِ اشک ببین، دیدهٔ از خون تَرِ صغریٰ
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сғро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илами худ дили ғампарвар сғро
(مشِکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)
Гӯиёи марҳаматӣ бо ман бемори надорӣ
گوئیا مرحمتی با منِ بیمار نداری
Ман табдори ҳазинро ба ватан аз чаҳ гузорӣ
منِ تبدارِ حزین را، به وطن از چه گذاری؟
Бабрами сӯии сафари ҳамраҳи худ аз раҳи ёрӣ
بِبَرم سویِ سفر، همره خود از ره یاری
Машкан аз ?илами худ дили ғампарвар сғро
که به همراهیات آیم، به پیِ نصرت و یاری
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сғро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илами худ дилами ғампарвар сғро
(مشکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)
Тарсам эй шоҳи ҳиҷозӣ ки кунанд аҳли нифоқат
ترسم ای شاهِ حجازی! که کنند اهلِ نفاقت
Ғарқа дар хӯни ҷигари сӯхта дар малики Ироқат
غرقه در خونِ جگر، سوخته در مُلکِ عراقت
Дастам аз домани худ даври мФрмо ки фироқат
دستم از دامنِ خود دور مفرما که فراقت
Занад аз сангдилии санг ба болу пари сғро
زند از سنگدلی سنگ، به بال و پرِ صغریٰ
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сғро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илами худ дили ғампарвар сғро
(مشِکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)
Осмони сохт буруни домани лутфи ту зи дастам
آسمان ساخت برون، دامنِ لطفِ تو ز دستم
Санг бар сина дил кард раҳои баҳри шикастам
سنگ بر شیشهٔ دل کرد رها، بهرِ شکستم
Бо чаҳ тақсир надонам ба чунин рӯз нишастам
با چه تقصیر ندانم، به چنین روز نشستم؟
эй ҷамолат ба шаби тори маи анвари сғро
ای جمالت به شبِ تار، مَه انورِ صغریٰ
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сғро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илами худ дили ғампарвар сғро
(مشِکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)
Хуш ба аҳвол амӯем ки буд ҳамраҳи роҳат
خوش به احوالِ عمویم که بُوَد همره راهت
Боди равшани ҳамаи ҷои дидаи Акбари зи нигоҳат
باد روشن همه جا، دیدهٔ اکبر ز نگاهت
Ҳақи нигаҳдори туу ёру ансору сипоҳат
حق نگهدارِ تو و یاور و انصار و سپاهت
эй падари ҷони ту ҷони алии Асғари сғро
ای پدر! جانِ تو و جانِ علیاصغرِ صغریٰ
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сғро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илами худ дили ғампарвар сғро
(مشِکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)
Менаҳй дар ватан акнӯн ки марои якка ва танҳо
مینهی در وطن اکنون، که مرا یِکه و تنها
Шӯ ба маҳшари зи вафои шоФъ ( сомит ) бар якто
شو به محشر ز وفا، شافعِ «صامت» برِ یکتا
То ки озодӣ кунин кунад аз ту таманно
تا که آزادیِ کونَین کُند از تو تمنا
Рӯй умед ниҳодааст ба хок дар сғро
رویِ امید نهاده است به خاکِ درِ صغریٰ
Марв эй ёвари сғро ба сафар аз бар сғро
(مرو ای یاورِ صغریٰ، به سفر از بَرِ صغریٰ)
Машкан аз ?илами худ дили ғампарвар сғро
(مشِکن از اَلَمِ خود، دلِ غمپرورِ صغریٰ)