Чун дид зайнаби шимурро ба майдон
چون دید زینب، شمر را به میدان
Бар синаи шоҳаншаҳи шаҳидон
بر سینهٔ شاهنشهِ شهیدان
Бар сар заду гуфто ба оҳу афғон
بر سَر زد و گفتا به آه و افغان
Дар назд ибни саъди номусулмон
در نزدِ ابنِسعدِ نامسلمان:
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینَسَب حسین است)
Золим чигуна мекунӣ назора
ظالم! چگونه میکنی نظاره؟
Каз ҳар тарафи пиёдау савора
کز هر طرف، پیاده و سواره
Ҷисми ҳусайни созанди пораи пора
جسمِ حسین سازند پارهپاره
Аз ханҷару тиру синону пайкон
از خنجر و تیر و سنان و پیکان!
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)
эй бе ҳаёи магари дилати з санг аст
ای بیحیا! مگر دلت ز سنگ است؟
Бар итрати расӯли кор танг аст
بر عترتِ رسول، کار تنگ است
Куффорро аз карда ту нанг аст
کفار را از کردهٔ تو ننگ است
Охири ҳусайни ман буд мусулмон
آخر حسینِ من بُوَد مسلمان!
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)
Набӯд раво кунанд як сипоҳӣ
نبود روا، کنند یک سپاهی
Чандини ҷафо дар қатл бе гуноҳӣ
چندین جفا در قتلِ بیگناهی
Ғайр аз ҳусайн набӯд марои паноҳӣ
غیر از حسین نبوَد مرا پناهی
Раҳмии намо бар ҳоли ин ғарибон
رحمی نما بر حالِ این غریبان!
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)
Ин бе гунаҳи сибти паямбари тест
این بیگنه، سبطِ پیمبرِ توست
Комрўзи дастгири лашгари тест
کامروز دستگیرِ لشکرِ توست
Дар зери ханҷар дар баробари тест
در زیرِ خنجر، در برابرِ توست
Зору ғариб ва бемуайяну аташон
زار و غریب و بیمُعین و عطشان!
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)
Аз тишнагии рафтаи зи пайкараши тоб
از تشنگی رفته ز پیکرش تاب
Бар вай бидиҳ баҳри худои кафии об
بر وی بده بهرِ خدا، کفی آب
ӯро ба вақт марг кун ту сероб
او را به وقتِ مرگ کن تو سیراب
Розӣ машав аташон ҳусайн диҳад ҷон
راضی مشو عطشان حسین دهد جان!
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)
эй карда роҳи куфру кӣнаро тай
ای کرده راهِ کفر و کینه را طی!
Гашта баҳор бе касони зи ту дай
گشته بهارِ بیکسان ز تو دِی
Охир кашидӣ баҳри гандуми рай
آخر کشیدی بهرِ گندمِ ری
Ханҷар дар ин саҳро ба рӯй меҳмон
خنجر در این صحرا به رویِ مهمان!
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)
Ҳар чанд зайнаб кард бе қарорӣ
هر چند زینب کرد بیقراری
Сайли сиришк аз дида кард ҷорӣ
سیلِ سرشک از دیده کرد جاری
Нанамуд ӯро ибни саъди ёрӣ
ننمود او را ابنِسعد یاری
Гуфто чаҳ ( сомит ) бо дили парешон
گفتا چو «صامت» با دلِ پریشان:
эй ибни саъди ин ташнаи лаб ҳусайн аст
(ای ابنِسعد! این تشنهلب حسین است)
Ин хусрави олии насаб ҳусайн аст
(این خسروِ عالینسب حسین است)