эй куштаи ғалтон ба хӯн эй аламдорам
ای کشتهٔ غلتان به خون، ای علمدارم!
Барадии зи дили сабру сукӯн эй аламдорам
بردی ز دل، صبر و سکون، ای علمدارم!
эй зодаи ҳайдар чаҳ шуд зӯру бозуят
ای زادهٔ حیدر! چه شد زور و بازویت؟
Аз чаҳ зи зини гаштии нигун эй аламдорам
از چه ز زین گشتی نگون، ای علمدارم؟
Ҷони бародари ҳоли ман бе ту дар ҳам шуд
جانِ برادر! حالِ من بیتو درهم شد
Аз бе касе шикасти пуштами қоматам хам шуд
از بیکسی پشتم شکست، قامتم خم شد
Сабр аз кафам бар бод рафту тоқатам кам шуд
صبر از کفم برباد رفت و طاقتم کم شد
Дод аз сипеҳри вожгӯн эй аламдорам
داد از سپهرِ واژگون، ای علمدارم!
Ҷони бародари баъд ту шуд ҳусайн бе ёр
جانِ برادر! بعدِ تو شد حسین بیيار
Карданд дастатро қалами фирқаи ашрор
کردند دستت را قلم، فرقهٔ اشرار
Чун бозуии широФкнти аўФтод аз кор
چون بازویِ شیرافکنت اوفتاد از کار
Шуд кавкаби бахтами забун эй аламдорам
شد کوکبِ بختم زبون، ای علمدارم!
Чашми сакина дар ҳарам монад андари роҳ
چشمِ سکینه در حرم، ماند اندر راه
Аз баъди ту дасти ман аз чора шуд кӯтоҳ
از بعدِ تو دستِ من از چاره شد کوتاه
Ғайр аз худо набӯд касе аз дилами огоҳ
غیر از خدا نبوَد کسی، از دلم آگاه
Бе ту рӯм дар хайма чун эй аламдорам
بیتو روم در خیمه چون؟ ای علمدارم!
Баъд ар ту шуд андари ҷаҳон дар ба дар зайнаб
بعد از تو شد اندر جهان، دربهدر زینب
Дар дасти душмани дастгири хӯни ҷигари зайнаб
در دستِ دشمن دستگیر، خونجگر زینب
Бо шимур дун шуд сӯии шоми ҳамсари зайнаб
با شمرِ دون شد سویِ شام، همسفر زینب
Гар буд эмин то кунун эй аламдорам
گر بود ایمن تا کنون، ای علمدارم!
Баҳри шабихуни рӯзу шаби лашкари мотам
بهر شبیخون روز و شب لشکر ماتم
Шуд сӯй ( сомит ) раҳнамӯн эй аламдорам
شد سوی (صامت) رهنمون ای علمدارم
Танҳо на ман гардӣдаам бо ғамати ҳамдам
تنها نه من گردیدهام با غمت همدم
Зад то қиёмати мотамати шуъла дар олам
زد تا قیامت ماتمت، شعله در عالم
Баҳри шабихуни рӯзу шаби лашкари мотам
بهرِ شبیخون روز و شب، لشکرِ ماتم
Шуд сӯй ( сомит ) раҳнамӯн эй аламдорам
شد سویِ «صامت» رهنمون، ای علمدارم!