эй дода шарафи зайнаби ту крббло ро

ای داده شرف، زینبِ تو کرب‌وبلا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Фарш дар ту карда худои арши алӣ ро

فرشِ دَرِ تو، کرده خدا عرشِ عُلا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Гар қудрати ҳақ ҷилва намекард ба зотат

گر قدرتِ حق، جلوه نمی‌کرد به ذاتت

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Кӣ дошт башари тоқати ин ҷавру ҷафо ро

کِی داشت بشر، طاقتِ این جور و جفا را؟

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Асбоби шафоати зи азои ту ба по шуд

اسبابِ شفاعت، ز عزایِ تو به پا شد

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Омода намуданд зи меҳри ту даво ро

آماده نمودند، ز مهرِ تو دوا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Аз ҳукми бдои манъ фидо шуд зи злхё

از حکمِ «بَدا»، منعِ فدا شد ز زلیخا

эй мазҳари якто

ای مظهرِ یکتا!

То сикка ба ном ту зананд исми фидо ро

تا سکه به نامِ تو زنند، اسمِ فدا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

эй равшании чашму ҷигари гӯшаи Заҳро

ای روشنیِ چشم و جگرگوشهٔ زهرا!

эй сӯхтаи як ҷо

ای سوخته یک‌جا،

Дар миҷмари мотами ҷигари шоҳу гадо ро

در مِجمَرِ ماتم، جگرِ شاه و گدا را!

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Сидра шуда аз рӯзи азали минбари ҷбрил

سدره شده از روزِ ازل، منبرِ جبریل

Ҳамвора ба таъҷил

همواره به تعجیل،

То баҳри ту барпо кунад асбоби азо ро

تا بهرِ تو برپا کند اسبابِ عزا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Дар зрўаҳи қурби аҳадии боли кушодӣ

در ذُروهٔ قربِ احدی، بال گشادی

Ваз даст бидодӣ

وز دست بدادی،

Аз баҳри лақои абадии малики фано ро

از بهرِ لقایِ ابدی، مُلکِ فنا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

Ҷои ту сари сина солорамам буд

جایِ تو سرِ سینهٔ سالارِ امم بود

Биллоҳи ситам буд

باللهِ ستم بود،

Бар синаи ту ҷой шавад шимури дағо ро

بر سینهٔ تو جای شود شمرِ دغا را!

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)

( сомит ) зи ғамати рӯзу шаб эй куштаи сад чок

«صامت» ز غمت روز و شب ای کشتهٔ صدچاک!

Аз хок бар афлок

از خاک بر افلاک،

Бинмуда равони зи оташи дили оҳу наво ро

بنموده روان ز آتشِ دل، آه و نوا را

Мазлӯми ҳусайнам

(مظلوم حسینم)